वाराणसी में वायुसेना के 94वें स्थापना दिवस पर भव्य हवाई प्रदर्शन, नमो घाट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देखा शौर्य का अद्भुत नजारा; राजनाथ सिंह, योगी आदित्यनाथ और आनंदीबेन पटेल भी रहे मौजूद
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गंगा के आसमान में भारतीय वायुसेना का शौर्य, ‘विंग्स ओवर गंगा’ में गरजे सुखोई; प्रचंड और सारंग के करतबों ने मोहा मन
नई दिल्ली/वाराणसी। धर्म और आध्यात्म की नगरी काशी ने रविवार को भारतीय वायुसेना के शौर्य, पराक्रम और आधुनिक हवाई ताकत का भव्य नजारा देखा। गंगा के ऊपर आसमान में जब लड़ाकू विमानों ने अपनी रफ्तार, सटीकता और अद्भुत पैंतरेबाजी का प्रदर्शन किया, तो घाटों पर मौजूद दर्शक रोमांचित हो उठे। ‘विंग्स ओवर गंगा’ थीम पर आयोजित इस हवाई प्रदर्शन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नमो घाट से देखा। कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और अन्य गणमान्य लोग भी मौजूद रहे। भारतीय वायुसेना के 94वें स्थापना दिवस से जुड़े इस आयोजन में देश की हवाई शक्ति, तकनीकी क्षमता और सैन्य कौशल की झलक देखने को मिली।
‘कैलाश फॉर्मेशन’ में दिखी परिवहन विमानों की ताकत
नमो घाट के ऊपर प्रदर्शित ‘कैलाश फॉर्मेशन’ ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। इसमें C-130J सुपर हरक्यूलिस विमान ने वी-आकार की उड़ान संरचना का नेतृत्व किया, जबकि उसके दोनों ओर दो An-32 मध्यम परिवहन विमान दिखाई दिए। यह संरचना भारतीय वायुसेना की परिवहन क्षमता और विशेष अभियानों के लिए उसकी तैयारियों को प्रदर्शित करने के उद्देश्य से पेश की गई। भारी और मध्यम परिवहन विमानों का समन्वित प्रदर्शन इस बात का प्रतीक रहा कि सैन्य अभियानों में हवाई परिवहन की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण है।
‘विश्वनाथ फॉर्मेशन’ और सुखोई का शानदार ‘त्रिशूल स्प्लिट’
हवाई प्रदर्शन के दौरान ‘विश्वनाथ फॉर्मेशन’ भी दर्शकों के आकर्षण का केंद्र बना। Su-30MKI लड़ाकू विमानों ने समन्वित उड़ान के जरिए अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया। इसके बाद विमानों ने अलग-अलग दिशाओं में बंटते हुए मशहूर तीन-विमानों वाले ‘त्रिशूल स्प्लिट’ का प्रदर्शन किया। आसमान में विमानों की सटीक गति, तालमेल और नियंत्रित पैंतरेबाजी ने भारतीय वायुसेना के पायलटों के कौशल की झलक पेश की। यह प्रदर्शन दर्शाता है कि आधुनिक हवाई अभियानों में तकनीक के साथ-साथ पायलटों का प्रशिक्षण और आपसी समन्वय भी बेहद अहम है।
‘प्रचंड’, ‘हनुमान’ और ‘सारंग’ के प्रदर्शन ने बढ़ाया रोमांच
कार्यक्रम में विभिन्न हवाई संरचनाओं और हेलीकॉप्टर प्रदर्शनों ने भी दर्शकों को आकर्षित किया। छह विमानों के समूह ने तीर के सिरे जैसी ‘एरोहेड’ संरचना बनाकर उड़ान भरी। इस तरह के फॉर्मेशन हवाई समन्वय और पायलटों के अनुशासन को प्रदर्शित करते हैं। भारतीय वायुसेना के हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर ‘प्रचंड’ और अन्य विमानों के प्रदर्शन ने देश की हवाई क्षमताओं की झलक दिखाई। वहीं, ‘सारंग’ हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम ने अपने सधे हुए करतबों से दर्शकों का मन मोह लिया। ‘डॉल्फिन लीप’ और ‘सारंग स्प्लिट’ जैसे करतबों में हेलीकॉप्टरों के बीच सटीक तालमेल और नियंत्रण देखने को मिला। इन प्रदर्शनों ने आसमान में रोमांच और सौंदर्य का अनूठा संगम पेश किया।
गंगा के ऊपर सुखोई की असाधारण पैंतरेबाजी
हवाई प्रदर्शन का एक प्रमुख आकर्षण Su-30MKI लड़ाकू विमान की एकल उड़ान भी रही। इस विमान ने गंगा के ऊपर अपनी असाधारण पैंतरेबाजी क्षमता का प्रदर्शन किया। तेज मोड़, नियंत्रित गति और हवा में जटिल करतबों के जरिए विमान की तकनीकी क्षमता और पायलट के कौशल की झलक देखने को मिली। भारतीय वायुसेना के प्रमुख लड़ाकू विमानों में शामिल Su-30MKI अपनी बहुउद्देशीय भूमिका और उच्च पैंतरेबाजी क्षमता के लिए जाना जाता है। ऐसे प्रदर्शन आम नागरिकों को सैन्य विमानों की कार्यक्षमता और वायुसेना की तैयारी से परिचित कराने का अवसर भी देते हैं।
एयर शो से पहले वाराणसी को गारमेंट फैक्ट्री की सौगात
हवाई प्रदर्शन में शामिल होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी में गारमेंट उद्योग से जुड़ी एक परियोजना का उद्घाटन किया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस दौरान अरविंद मिल की परियोजना का उद्घाटन किया गया और प्रधानमंत्री ने करीब 300 महिलाओं से संवाद भी किया। इस कार्यक्रम को स्थानीय स्तर पर रोजगार, कौशल विकास और महिला सहभागिता से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, परियोजना की क्षमता, रोजगार के अवसरों और उत्पादन संबंधी विस्तृत आंकड़ों की पुष्टि आधिकारिक विवरण से की जानी चाहिए।
तीन दिवसीय आयोजन में शुक्रवार को नहीं हुआ प्रदर्शन
जानकारी के अनुसार, एयर शो की शुरुआत गुरुवार से हुई थी। विधान परिषद चुनाव से जुड़ी परिस्थितियों के कारण शुक्रवार को हवाई प्रदर्शन आयोजित नहीं किया गया। इसके बाद रविवार के आयोजन में तेजस, राफेल, Su-30MKI, हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर ‘प्रचंड’ और परिवहन विमानों सहित विभिन्न विमान शामिल होने की जानकारी दी गई। काशी में आयोजित इस हवाई प्रदर्शन ने भारतीय वायुसेना की क्षमताओं को आम जनता के सामने प्रस्तुत किया। गंगा, घाटों और ऐतिहासिक नगरी की पृष्ठभूमि में विमानों की उड़ान ने आयोजन को विशेष दृश्यात्मक पहचान दी।
शौर्य, तकनीक और अनुशासन का संदेश
वाराणसी के आसमान में आयोजित ‘विंग्स ओवर गंगा’ ने सैन्य कौशल और आधुनिक विमानन तकनीक की प्रभावशाली झलक पेश की। लड़ाकू विमानों की तेज उड़ान से लेकर हेलीकॉप्टरों के सधे हुए करतबों तक, पूरे प्रदर्शन में प्रशिक्षण, अनुशासन और समन्वय की अहमियत दिखाई दी। काशी के घाटों पर उमड़े दर्शकों के लिए यह केवल एक हवाई शो नहीं, बल्कि देश की वायु रक्षा क्षमता और वायुसेना के कर्मियों के समर्पण को करीब से देखने का अवसर भी रहा।

संपादकीय नोट: प्रकाशन से पहले कार्यक्रम की तारीख, विमान-फॉर्मेशन के आधिकारिक नाम, प्रधानमंत्री के कार्यक्रम तथा गारमेंट परियोजना के उद्घाटन संबंधी विवरणों का आधिकारिक स्रोतों से मिलान कर लें।







