सरयू तट पर गूंजे वैदिक मंत्र, भव्य कलश यात्रा के साथ पितृ तृप्ति रुद्र महायज्ञ का शुभारंभ

सरयू तट पर गूंजे वैदिक मंत्र, भव्य कलश यात्रा के साथ पितृ तृप्ति रुद्र महायज्ञ का शुभारंभ
  • बाबा धवलेश्वरनाथ मंदिर से मुक्ति पथ तक उमड़ा आस्था का सैलाब, हजारों महिलाओं ने सरयू जल से भरे कलश के साथ की सहभागिता

संवाददाता - शुभम शर्मा, गोरखपुर 
बड़हलगंज।
पवित्र सरयू नदी के तट पर स्थित मुक्ति पथ रविवार को भक्ति, श्रद्धा और सनातन संस्कृति के अद्भुत संगम का साक्षी बना। धुरियापार स्थित ऐतिहासिक बाबा धवलेश्वरनाथ शिव मंदिर से सप्त दिवसीय पितृ तृप्ति रुद्र महायज्ञ की भव्य कलश यात्रा निकाली गई। वैदिक मंत्रोच्चार, धार्मिक जयघोष, आकर्षक देवी-देवताओं की झांकियों और संत-महात्माओं की उपस्थिति ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर कर दिया। यात्रा में सैकड़ों संत-महंतों और हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धार्मिक उत्सव की भव्यता को और बढ़ा दिया।

जहां-जहां से गुजरी यात्रा, श्रद्धालुओं ने किया भव्य स्वागत

ऐतिहासिक बाबा धवलेश्वरनाथ शिव मंदिर से शुरू हुई शोभायात्रा सैकड़ों वाहनों और संत-धर्माचार्यों के साथ आगे बढ़ी। यात्रा में शामिल आकर्षक धार्मिक झांकियां लोगों के आकर्षण का केंद्र रहीं। मार्ग में उरुवा, गोला, मदरिया और झुमिला सहित विभिन्न स्थानों पर सनातन धर्मावलंबियों ने पुष्पवर्षा और स्वागत के माध्यम से श्रद्धालुओं का अभिनंदन किया। जगह-जगह उमड़ी भीड़ और भक्तिमय जयघोष से पूरा मार्ग धर्ममय दिखाई दिया।

सरयू के पवित्र जल से भरे कलश लेकर शामिल हुईं हजारों महिलाएं

शोभायात्रा बड़हलगंज के रामलीला रंगमंच पहुंची, जहां लक्ष्मी नारायण मंदिर घाट से पवित्र सरयू जल से भरे कलश लेकर हजारों महिलाएं यात्रा में शामिल हुईं। नगर चेयरमैन प्रीति उमर के नेतृत्व में निकली कलश यात्रा श्रद्धा और धार्मिक आस्था का विशेष आकर्षण बनी। पारंपरिक धार्मिक रीति-रिवाजों के बीच महिलाओं की सहभागिता ने आयोजन को विशेष गरिमा प्रदान की। इसके बाद कलश यात्रा मुक्ति पथ स्थित यज्ञ मंडप पहुंची। यहां प्रधान यज्ञाचार्य ब्रह्मानंद दूबे के नेतृत्व में विद्वान आचार्यों ने वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ मंडप कलश का प्रवेश कराया। धार्मिक अनुष्ठानों के साथ सप्त दिवसीय महायज्ञ के कार्यक्रमों का शुभारंभ हुआ।

सात दिनों तक बहेगी धर्म, भक्ति और ज्ञान की त्रिवेणी

यज्ञ के आयोजक विधायक राजेश त्रिपाठी और संयोजक महेश उमर ने बताया कि पितृ तृप्ति रुद्र महायज्ञ के अंतर्गत प्रतिदिन सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक यज्ञ एवं धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाएंगे। दोपहर 12 बजे से दो बजे तक सरयू महोत्सव के विभिन्न कार्यक्रम होंगे। वहीं, शाम चार बजे से सात बजे तक आचार्य पुंडरीक गोस्वामी श्रीमद्भागवत कथा का रसपान कराएंगे। कथा के उपरांत संत-महंतों और धर्माचार्यों के प्रवचन भी होंगे। आयोजकों के अनुसार, यह आयोजन श्रद्धालुओं को धार्मिक अनुष्ठानों, आध्यात्मिक चिंतन और भारतीय सनातन परंपराओं से जुड़ने का अवसर प्रदान करेगा।

आयोजकों ने क्षेत्रवासियों से की सहभागिता की अपील

विधायक राजेश त्रिपाठी और संयोजक महेश उमर ने नगरवासियों सहित पूरे चिल्लूपार क्षेत्र के श्रद्धालुओं से महायज्ञ एवं सरयू महोत्सव में शामिल होने की अपील की। उन्होंने लोगों से धार्मिक आयोजनों में सहभागिता कर आध्यात्मिक वातावरण को और अधिक व्यापक बनाने का आग्रह किया।

सरयू की पावन धारा, वैदिक मंत्रों की गूंज और हजारों श्रद्धालुओं की आस्था के बीच शुरू हुआ यह महायज्ञ आने वाले सात दिनों तक मुक्ति पथ को भक्ति, अध्यात्म और सनातन संस्कृति के रंगों से सराबोर करेगा।