डील कैंसिल! अमेरिका ने कनाडा पर लगाया 50% टैरिफ, PM मार्क कार्नी बोले—‘डॉलर के बदले डॉलर’ होगी कार्रवाई
- आखिरी दौर की बातचीत भी रही बेनतीजा, करीब 20 अरब डॉलर के कनाडाई सामान पर लगा भारी शुल्क; व्यापार युद्ध बढ़ने के आसार
नई दिल्ली। अमेरिका और कनाडा के बीच चल रही व्यापार वार्ता आखिरी समय में टूट गई है। बातचीत से समझौता न निकल पाने के बाद अमेरिका ने कनाडा के करीब 20 अरब डॉलर मूल्य के सामान पर 50 प्रतिशत टैरिफ लागू कर दिया है। यह नया शुल्क 22 अगस्त 2026 से प्रभावी हुआ है और इससे दोनों पड़ोसी देशों के बीच व्यापारिक तनाव एक बार फिर तेज हो गया है। अमेरिका की इस कार्रवाई के जवाब में कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि कनाडा अमेरिकी शुल्क का “डॉलर के बदले डॉलर” जवाब देगा। कनाडा ने आगे की व्यापार वार्ता को भी फिलहाल रोक दिया है।
आखिरी वक्त में नहीं बन पाई सहमति
अमेरिका और कनाडा के वार्ताकार पिछले कई दिनों से संभावित व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की कोशिश कर रहे थे। इससे पहले अमेरिका ने प्रस्तावित 50 प्रतिशत टैरिफ को तीन दिनों के लिए टाल दिया था, ताकि दोनों देशों को समझौते का रास्ता निकालने का अतिरिक्त समय मिल सके। लेकिन अंतिम दौर की बातचीत में भी दोनों पक्ष महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमत नहीं हो सके। रिपोर्टों के मुताबिक कनाडा ने अमेरिका की ओर से अंतिम समय में किए गए कुछ बदलावों को स्वीकार करने से इनकार कर दिया, जिसके बाद बातचीत पटरी से उतर गई।
कनाडा के PM की दो टूक—‘डॉलर के बदले डॉलर’
अमेरिकी टैरिफ लागू होने के बाद कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने स्पष्ट संकेत दिया कि उनका देश चुप नहीं बैठेगा। कनाडा अमेरिकी कार्रवाई का जवाब बराबर स्तर के शुल्क लगाकर देने की तैयारी में है। कार्नी ने कहा कि कनाडा अपने श्रमिकों और कारोबारियों के हितों की रक्षा करेगा। कनाडा की ओर से आगे की व्यापार वार्ता को रोकने का फैसला भी इसी बढ़ते तनाव के बीच लिया गया है।
किन सामानों पर पड़ेगा असर?
50 प्रतिशत का नया अमेरिकी शुल्क कनाडा से आने वाले सभी उत्पादों पर समान रूप से लागू नहीं है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार यह लगभग 20 अरब डॉलर के कनाडाई सामान को प्रभावित करेगा, जो कनाडा के अमेरिका को होने वाले कुल निर्यात का करीब 5 प्रतिशत है। प्रभावित वस्तुओं में कुछ लकड़ी से जुड़े उत्पाद, हॉकी उपकरण, सीमेंट, डेयरी और अन्य चुनिंदा सामान शामिल हैं।
USMCA पर भी मंडराया संकट
अमेरिका और कनाडा के बीच बढ़ता टैरिफ विवाद केवल कुछ अरब डॉलर के सामान तक सीमित नहीं है। इसका असर दोनों देशों के बीच मौजूद व्यापक व्यापारिक व्यवस्था और USMCA समझौते पर भी पड़ सकता है। अमेरिका और कनाडा की अर्थव्यवस्थाएं एक-दूसरे से बेहद गहराई से जुड़ी हुई हैं। ऐसे में लंबे समय तक चलने वाला व्यापार तनाव दोनों देशों के उद्योगों, कारोबार और उपभोक्ताओं पर असर डाल सकता है।
अमेरिका-कनाडा रिश्तों में बढ़ी तल्खी
कनाडा अमेरिका का प्रमुख व्यापारिक साझेदार है। दोनों देशों के बीच हर वर्ष बड़े पैमाने पर वस्तुओं और सेवाओं का व्यापार होता है। ऐसे में 50 प्रतिशत टैरिफ का नया कदम आर्थिक रिश्तों के साथ-साथ राजनीतिक संबंधों में भी तनाव बढ़ा सकता है। रिपोर्टों के मुताबिक 2026 की पहली छमाही में दोनों देशों के बीच वस्तुओं का व्यापार करीब 376 अरब डॉलर रहा, जो दोनों अर्थव्यवस्थाओं की परस्पर निर्भरता को दर्शाता है।
अब आगे क्या होगा?
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि अमेरिका और कनाडा के बीच व्यापारिक टकराव कितने समय तक जारी रहता है। कनाडा के ‘डॉलर के बदले डॉलर’ जवाब और अमेरिका के 50 प्रतिशत टैरिफ के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ने की आशंका है। हालांकि बातचीत पूरी तरह हमेशा के लिए खत्म होगी या आगे किसी नए प्रस्ताव के साथ फिर शुरू होगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है। लेकिन इतना तय है कि अमेरिका-कनाडा व्यापार संबंधों में यह घटनाक्रम एक बड़े मोड़ के रूप में सामने आया है।
एक नजर में
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???????? अमेरिका: कनाडाई सामान पर 50% टैरिफ लागू
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???????? कनाडा: ‘डॉलर के बदले डॉलर’ जवाब देने की तैयारी
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प्रभावित अमेरिकी आयात: करीब 20 अरब डॉलर के कनाडाई सामान
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कनाडा के निर्यात का प्रभावित हिस्सा: लगभग 5%
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व्यापार वार्ता: फिलहाल टूट गई
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आगे का खतरा: दोनों देशों के बीच व्यापार तनाव और बढ़ने की आशंका।







