सीएम डैशबोर्ड की समीक्षा में मंडलायुक्त के सख्त तेवर, योजनाओं की सुस्त रफ्तार पर अधिकारियों को चेतावनी

सीएम डैशबोर्ड की समीक्षा में मंडलायुक्त के सख्त तेवर, योजनाओं की सुस्त रफ्तार पर अधिकारियों को चेतावनी
  • “पात्र लाभार्थी तक हर हाल में पहुंचे योजनाओं का लाभ” — मंडलायुक्त विवेक ने अधिकारियों को दिए समयबद्ध क्रियान्वयन, स्थलीय सत्यापन और प्रभावी मॉनीटरिंग के निर्देश
  • बीएसए और बीईओ स्कूलों का नियमित निरीक्षण कर एमडीएम की मात्रा-गुणवत्ता जांचें, स्वास्थ्य से लेकर आवास, पेंशन, बिजली और किसान योजनाओं की भी हुई गहन समीक्षा

आजमगढ़, 25 अगस्त 2026। सरकार की विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्रों तक पहुंचाने और योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही रोकने को लेकर मंडलायुक्त विवेक ने अधिकारियों को स्पष्ट और सख्त निर्देश दिए हैं। मंडलायुक्त सभागार में आयोजित सीएम डैशबोर्ड की समीक्षा बैठक में विभिन्न विभागों की रैंकिंग एवं ग्रेडिंग की समीक्षा करते हुए उन्होंने अधिकारियों से निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप तेजी से कार्य करने और योजनाओं की प्रगति में अपेक्षित सुधार लाने को कहा। मंडलायुक्त ने कहा कि केवल कागजों पर योजनाओं की प्रगति पर्याप्त नहीं है। योजनाओं का धरातल पर प्रभावी क्रियान्वयन, नियमित अनुश्रवण, स्थलीय सत्यापन और पात्र लाभार्थियों तक लाभ पहुंचना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने सीएम डैशबोर्ड की रैंकिंग एवं ग्रेडिंग में सुधार के लिए विभागवार प्रगति की नियमित समीक्षा करने के भी निर्देश दिए।

जननी सुरक्षा योजना में तेजी लाने के निर्देश

जननी सुरक्षा योजना की समीक्षा के दौरान अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर मंडलायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। उन्होंने आशाओं के माध्यम से अधिक से अधिक पात्र महिलाओं को संस्थागत प्रसव के लिए प्रेरित करने और योजना की प्रगति में सुधार लाने पर जोर दिया। उन्होंने लक्ष्य के सापेक्ष शत-प्रतिशत पात्र व्यक्तियों की फैमिली आईडी तैयार कराने के निर्देश भी दिए, ताकि पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।

आंगनबाड़ी केंद्रों की व्यवस्था पर विशेष निगरानी

आईसीडीएस की समीक्षा के दौरान मंडलायुक्त ने निजी भवनों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों को निकटवर्ती सरकारी भवनों में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शीघ्र पूरी कराने को कहा। उन्होंने सभी जिला कार्यक्रम अधिकारियों और बाल विकास परियोजना अधिकारियों को अधिकाधिक क्षेत्रीय भ्रमण करने तथा योजनाओं की प्रभावी निगरानी एवं स्थलीय सत्यापन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

एसएनसीयू में बढ़ाई जाएंगी बेड की संख्या

स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में मंडलायुक्त ने मंडल के तीनों जनपदों में संचालित एसएनसीयू (स्पेशल न्यू बॉर्न केयर यूनिट) में बेड की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने नवजात शिशुओं को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा। इसके साथ ही मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों का पंजीकरण कराने पर भी विशेष जोर दिया गया।

जल जीवन मिशन की धीमी प्रगति पर नाराजगी

जल जीवन मिशन (ग्रामीण) की समीक्षा के दौरान जनपद मऊ एवं बलिया की प्रगति अपेक्षित स्तर से कम पाए जाने पर मंडलायुक्त ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को लक्ष्य के अनुरूप तेजी से कार्य करते हुए प्रगति में सुधार लाने के निर्देश दिए। बैठक में बिना पूर्व सूचना अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों से स्पष्टीकरण प्राप्त करने के निर्देश भी दिए गए।

स्कूलों में एमडीएम की मात्रा और गुणवत्ता जांचेंगे बीएसए-बीईओ

मंडलायुक्त ने शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान विशेष रूप से निर्देश दिया कि मंडल के तीनों जनपदों के बीएसए और सभी बीईओ अधिकाधिक विद्यालयों का नियमित भ्रमण करें। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान मध्याह्न भोजन (एमडीएम) की मात्रा एवं गुणवत्ता का अनिवार्य रूप से परीक्षण किया जाए। इसके अलावा विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति, साफ-सफाई, शिक्षण व्यवस्था तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं का भी भौतिक सत्यापन किया जाए। उन्होंने परिषदीय एवं कस्तूरबा गांधी विद्यालयों में पाई जाने वाली कमियों का तत्काल निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

निर्माण श्रमिकों को योजनाओं का लाभ दिलाने पर जोर

श्रम विभाग की समीक्षा के दौरान मंडलायुक्त ने उपायुक्त श्रम एवं सभी सहायक श्रमायुक्तों को निर्देशित किया कि पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के कल्याण के लिए संचालित योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। उन्होंने अधिकाधिक पात्र श्रमिकों के आवेदन कराने तथा उन्हें योजनाओं का लाभ दिलाने पर जोर दिया। मातृत्व, शिशु एवं बालिका मदद योजना, कन्या विवाह योजना, संत रविदास शिक्षा प्रोत्साहन योजना, निर्माण कामगार मृत्यु एवं दिव्यांगता सहायता योजना सहित अन्य योजनाओं का लाभ पात्र श्रमिकों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए।

राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना में लंबित मामलों को शीघ्र निपटाएं

राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के तहत 30 हजार रुपये की सहायता राशि की समीक्षा में बलिया की प्रगति न्यूनतम मिलने पर मंडलायुक्त ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने निर्देश दिया कि पात्र आवेदनों का शीघ्र निस्तारण कर पात्र परिवारों को योजना का लाभ दिलाया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि परिवार के कमाऊ सदस्य की मृत्यु के बाद मिलने वाली आर्थिक सहायता के पात्र आवेदनों को अनावश्यक रूप से अस्वीकृत नहीं किया जाना चाहिए। प्रत्येक प्रकरण का संवेदनशीलता और नियमानुसार परीक्षण करने के निर्देश दिए गए।

छात्रवृत्ति में देरी पर भी रहेगी नजर

छात्रवृत्ति योजनाओं की समीक्षा करते हुए मंडलायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को छात्र-छात्राओं से संबंधित सभी प्रक्रियाएं निर्धारित समयसीमा में पूरी करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्रवृत्ति योजनाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। वहीं, उप निदेशक उद्यान को आजमगढ़ में एकीकृत बागवानी विकास मिशन एवं पर ड्रॉप मोर क्रॉप योजना के तहत आवेदन की प्रगति बढ़ाने के निर्देश दिए गए।

खराब ट्रांसफार्मरों की शिकायतों का तत्काल हो समाधान

विद्युत विभाग की समीक्षा में मंडलायुक्त ने खराब ट्रांसफार्मरों से संबंधित शिकायतों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि जिन क्षेत्रों में ट्रांसफार्मर बार-बार खराब हो रहे हैं, वहां तकनीकी परीक्षण कर आवश्यकतानुसार ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाने की कार्यवाही की जाए। उन्होंने लाइन लॉस कम करने, विद्युत बिल सुधार से संबंधित आवेदनों का शीघ्र निस्तारण तथा निर्धारित क्षेत्रवार रोस्टर के अनुसार विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

किसानों की लंबित समस्याओं का जल्द हो निस्तारण

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की समीक्षा में मंडलायुक्त ने कृषि विभाग को लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण कर पेंडेंसी समाप्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने वरासत से संबंधित डाटा प्राप्त कर एडीओ पंचायत के माध्यम से उसका सत्यापन कराने और पात्र किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ दिलाना सुनिश्चित करने को कहा।

आवास योजना में पात्र व्यक्ति न हो वंचित

प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की समीक्षा के दौरान मंडलायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि यदि किसी पात्र व्यक्ति का आवेदन किसी कारणवश निरस्त हुआ है तो उसका पुनः सत्यापन कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी पात्र व्यक्ति आवास योजना के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए। मंडलायुक्त ने आवास स्वीकृति के नाम पर धनराशि लिए जाने संबंधी शिकायतों पर भी सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि ऐसी किसी भी शिकायत के सामने आने पर संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

पेंशन योजनाओं में पात्रता का सत्यापन जरूरी

दिव्यांग, विधवा एवं वृद्धावस्था पेंशन योजनाओं की समीक्षा करते हुए मंडलायुक्त ने पात्रता का सत्यापन कर अधिकाधिक पात्र व्यक्तियों को योजनाओं से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने दिव्यांगजनों का नियमित चिन्हीकरण करने और उन्हें सरकार की योजनाओं का लाभ दिलाने पर जोर दिया। मतदाता सूची में दर्ज दिव्यांगजनों का सत्यापन कर पात्र लोगों को पेंशन का लाभ देने के निर्देश भी दिए गए। समाज कल्याण अधिकारियों को वृद्धाश्रमों का नियमित निरीक्षण कर वहां मूलभूत सुविधाएं, स्वास्थ्य व्यवस्था और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा गया। नवीन वृद्धावस्था पेंशन के आवेदनों को शासन के निर्देशानुसार सात दिवस के भीतर स्वीकृत करने तथा वृद्धाश्रमों में नियमित स्वास्थ्य शिविर लगाकर रूटीन चेकअप कराने के निर्देश भी दिए गए।

गौशालाओं में व्यवस्थाओं और पशु टीकाकरण पर विशेष जोर

निराश्रित गोवंश की समीक्षा के दौरान मंडलायुक्त ने तीनों जनपदों के मुख्य पशु चिकित्साधिकारियों को गौशालाओं का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए। विशेषकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में शत-प्रतिशत गोवंश का खुरपका-मुंहपका रोग से बचाव हेतु टीकाकरण कराने को कहा गया। उन्होंने गौशालाओं में हरा चारा, भूसा और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की जानकारी ली। गौशालाओं में ट्रेंच बनाकर वृक्षारोपण कराने तथा शत-प्रतिशत पशुओं की ईयर टैगिंग में लापरवाही मिलने पर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, मऊ से स्पष्टीकरण प्राप्त करने के निर्देश दिए। मंडलायुक्त ने कहा कि पशुओं से संबंधित सभी आंकड़े और रिपोर्टिंग सही, पारदर्शी और अद्यतन होनी चाहिए। सहभागिता योजना के अंतर्गत दिए गए शत-प्रतिशत पशुओं का सत्यापन कराने के निर्देश भी दिए।

अवैध अस्पतालों और क्लीनिकों पर होगी कार्रवाई

स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में मंडलायुक्त ने तीनों जनपदों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को अवैध रूप से संचालित चिकित्सकों, अस्पतालों एवं क्लीनिकों के विरुद्ध अभियान चलाकर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने आवश्यकतानुसार ऐसे प्रतिष्ठानों को सीज करने की कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही एम्बुलेंस के रिस्पॉन्स टाइम को न्यूनतम करने पर विशेष जोर दिया।

पर्यटन कार्यों का स्थलीय सत्यापन जरूरी

पर्यटन विभाग की समीक्षा करते हुए मंडलायुक्त ने विभाग द्वारा कराए जा रहे सभी कार्यों का स्थलीय निरीक्षण एवं सत्यापन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति और उनकी उपयोगिता का आकलन केवल अभिलेखों के आधार पर नहीं, बल्कि मौके पर जाकर किया जाना चाहिए।

खेल सुविधाओं के विस्तार पर भी जोर

ग्रामीण स्टेडियम एवं ओपेन जिम के निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए मंडलायुक्त ने लक्ष्य के अनुरूप ग्राम पंचायतों से प्रस्ताव प्राप्त कर शासन को भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में खेल सुविधाओं को बढ़ावा देने के लिए निर्धारित कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा कराने पर जोर दिया।

कई अन्य योजनाओं की भी हुई विस्तृत समीक्षा

बैठक में इसके अलावा पं. दीनदयाल सोलर स्ट्रीट लाइट, पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, राज्य योजना, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, सीएम युवा, ओडीओपी टूलकिट वितरण, बागवानी, कृषि रक्षा रसायन, बीज डीबीटी, सड़क निर्माण, 15वें एवं 5वें वित्त आयोग, ऑपरेशन कायाकल्प, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, नई सड़कों का निर्माण, प्रधानमंत्री/मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना, मत्स्य उत्पादन, प्रोजेक्ट अलंकार, शादी अनुदान, पंचायती राज, पीएम कुसुम, पीएम फसल बीमा योजना, मनरेगा, भवन निर्माण, दुग्ध समितियों एवं सामाजिक वनीकरण सहित विभिन्न विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की गई।

सीएम डैशबोर्ड की रैंकिंग सुधारने पर विशेष जोर

बैठक के अंत में मंडलायुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजनाओं के निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध रूप से पूरा करते हुए उनका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि सीएम डैशबोर्ड की रैंकिंग एवं ग्रेडिंग में सुधार तभी संभव है, जब योजनाओं का वास्तविक लाभ धरातल पर दिखाई दे। इसके लिए अधिकारियों को नियमित अनुश्रवण, स्थलीय निरीक्षण और सत्यापन की प्रक्रिया को मजबूत करना होगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने में किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो और प्रत्येक विभाग अपने निर्धारित लक्ष्यों को गंभीरता से पूरा करे।

बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद

बैठक में जिलाधिकारी आजमगढ़ रविन्द्र कुमार, जिलाधिकारी मऊ आनंद वर्धन, जिलाधिकारी बलिया ज्ञानेंद्र सिंह, अपर आयुक्त प्रमोद पाण्डेय, आजमगढ़, मऊ एवं बलिया के मुख्य विकास अधिकारी, संयुक्त विकास आयुक्त सहित मंडल एवं जनपद स्तरीय संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। कुल मिलाकर बैठक में मंडलायुक्त का फोकस स्पष्ट रहा—सरकारी योजनाओं की प्रगति केवल आंकड़ों तक सीमित न रहे, बल्कि उसका सीधा लाभ आमजन और पात्र लाभार्थियों तक दिखाई दे।