सेवा से राष्ट्र सेवा तक: आजमगढ़ में ‘सेवा संकल्प अभियान’ का भव्य आगाज, रक्तदान से दिया मानवता और जनभागीदारी का संदेश
- ‘जिसने जीवन संवारा, उन्हें आशीर्वाद हमारा’— प्रधानमंत्री के जन्मदिवस पर रक्तवीरों ने किया रक्तदान, मरीजों को बांटे फल; श्रमदान के जरिए स्वच्छता का भी दिया संदेश

आजमगढ़, 17 सितम्बर 2026।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर गुरुवार को आजमगढ़ जनपद में ‘सेवा संकल्प अभियान’ का भव्य शुभारंभ सेवा, समर्पण, संवेदना और जनभागीदारी के संदेश के साथ हुआ। 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर 2026 तक चलने वाले इस अभियान का उद्देश्य प्रधानमंत्री के 25 वर्षों के सार्वजनिक सेवा काल से जुड़ी जनकल्याणकारी उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने के साथ ही प्रत्येक नागरिक को ‘विकसित भारत-2047’ के सामूहिक राष्ट्रीय संकल्प से जोड़ना है।

अभियान के प्रथम दिन ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के अंतर्गत जिले में विभिन्न सेवा एवं जनकल्याणकारी गतिविधियों का आयोजन किया गया। मंडलीय चिकित्सालय में आयोजित रक्तदान शिविर में युवाओं और नागरिकों ने उत्साहपूर्वक रक्तदान कर मानवता की सेवा का संदेश दिया। वहीं मरीजों को फल वितरित किए गए तथा नगरपालिका आजमगढ़ में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं आम नागरिकों ने श्रमदान कर स्वच्छता और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश दिया।

रक्तदान शिविर बना अभियान का प्रमुख आकर्षण
सेवा संकल्प अभियान के शुभारंभ के अवसर पर मंडलीय चिकित्सालय में आयोजित रक्तदान शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकर रक्तदान किया। इस दौरान युवाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। रक्तदाताओं ने स्वेच्छा से रक्तदान करते हुए जरूरतमंद मरीजों की सहायता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। इसी क्रम में लक्ष्मीना देवी सेवा संस्थान, बिलरियागंज, आजमगढ़ के संस्थापक शैलेश सोनकर एडवोकेट के नेतृत्व में भी रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में लगभग 42 लोगों ने भाग लिया और रक्तदान के माध्यम से सामाजिक सेवा में अपनी भागीदारी निभाई। स्वयं शैलेश सोनकर एडवोकेट ने भी रक्तदान कर लोगों को इस पुनीत कार्य के लिए प्रेरित किया। रक्तदान करने वाले लोगों के बीच सेवा और मानवता की भावना साफ दिखाई दी। किसी ने पहली बार रक्तदान किया तो किसी ने नियमित रक्तदाता के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाई। शिविर ने यह संदेश दिया कि समाज में छोटी-सी पहल भी किसी जरूरतमंद के जीवन में बड़ी उम्मीद बन सकती है।

शैलेश सोनकर एडवोकेट को प्रशस्ति पत्र देकर किया सम्मानित
रक्तदान शिविर के आयोजन और स्वयं रक्तदान करने के लिए लक्ष्मीना देवी सेवा संस्थान के संस्थापक शैलेश सोनकर एडवोकेट को जिलाधिकारी रविंद्र कुमार एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार द्वारा प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर रक्तदान करने वाले अन्य रक्तदाताओं को भी प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। अधिकारियों द्वारा रक्तवीरों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके सेवा भाव की सराहना की गई। सम्मान प्राप्त करने वालों के चेहरों पर खुशी और संतोष दिखाई दिया। रक्तदान के बाद प्रमाण पत्र प्राप्त करना उनके लिए केवल सम्मान का क्षण नहीं, बल्कि समाज के प्रति निभाई गई जिम्मेदारी की एक सुखद अनुभूति भी रहा।
जिलाधिकारी ने कहा— रक्तदान महादान
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने कहा कि रक्तदान महादान है। एक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद व्यक्ति के लिए जीवन बचाने का माध्यम बन सकता है। उन्होंने कहा कि सेवा संकल्प अभियान का मूल उद्देश्य सेवा, समर्पण और जनभागीदारी की भावना को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि जब समाज का प्रत्येक व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुसार जनहित के कार्यों में योगदान देता है, तो सामूहिक प्रयास राष्ट्र निर्माण की मजबूत आधारशिला बनते हैं। उन्होंने जनपदवासियों से अभियान से जुड़ने और सेवा कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया।

एसएसपी डॉ. अनिल कुमार ने बताया रक्तदान को इंसानियत से जुड़ा पुनीत कार्य
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने रक्तदान को इंसानियत और सामाजिक सरोकार से जुड़ा पुनीत कार्य बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे सेवा कार्यों से समाज में परस्पर सहयोग, संवेदनशीलता और मानवता की भावना मजबूत होती है। उन्होंने रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि जरूरतमंद व्यक्ति के लिए दिया गया रक्त किसी अमूल्य उपहार से कम नहीं होता। समाज में सेवा और सहयोग की भावना को आगे बढ़ाने के लिए ऐसे आयोजनों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने किया श्रमदान
सेवा संकल्प अभियान के तहत आजमगढ़ नगरपालिका क्षेत्र में भी स्वच्छता अभियान चलाया गया। जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं जनमानस ने श्रमदान कर स्वच्छता का संदेश दिया। श्रमदान के दौरान लोगों ने साफ-सफाई करते हुए आम नागरिकों को अपने आसपास के क्षेत्र को स्वच्छ रखने के प्रति जागरूक किया। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि स्वच्छ शहर और स्वच्छ समाज केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है।

मरीजों को फल वितरण कर दिखाई संवेदना
अभियान के शुभारंभ अवसर पर मंडलीय चिकित्सालय में मरीजों को फल वितरित किए गए। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने मरीजों से उनका हालचाल जाना और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके तीमारदारों के बीच सेवा भाव से किए गए इस कार्य ने कार्यक्रम को मानवीय संवेदना से जोड़ दिया। रक्तदान, फल वितरण और स्वच्छता अभियान जैसी गतिविधियों ने सेवा संकल्प अभियान के उद्देश्य को जमीनी स्तर पर सामने रखा।
‘आशीर्वाद का दीया’ के माध्यम से सेवा का संकल्प
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस पर आयोजित ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के माध्यम से जिले में सेवा कार्यों की शुरुआत की गई। रक्तदान करने वाले युवाओं और नागरिकों ने प्रधानमंत्री के स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना करते हुए अपने स्तर से सेवा कार्य में भागीदारी निभाई। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को जन्मदिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की। जिलाध्यक्ष ध्रुव सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का सार्वजनिक जीवन सेवा, समर्पण और जनकल्याण से जुड़े कार्यों पर केंद्रित रहा है। उनके जन्मदिवस के अवसर पर रक्तदान जैसे सेवा कार्य समाज में सकारात्मक संदेश देते हैं और लोगों को जनसेवा के लिए प्रेरित करते हैं।
17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक चलेगा अभियान
आजमगढ़ जनपद में 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर 2026 तक चलने वाले सेवा संकल्प अभियान के दौरान विभिन्न सेवा एवं जनकल्याणकारी गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। अभियान का उद्देश्य जनभागीदारी के माध्यम से सेवा, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्र निर्माण की भावना को मजबूत करना है। अभियान के माध्यम से नागरिकों को ‘विकसित भारत-2047’ के सामूहिक राष्ट्रीय संकल्प से जोड़ने पर भी जोर दिया जा रहा है, ताकि विकास की प्रक्रिया में समाज के विभिन्न वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।

आजमगढ़ में सेवा संकल्प अभियान का पहला दिन रक्तदान, फल वितरण और श्रमदान जैसे सेवा कार्यों के नाम रहा। एक ओर रक्तवीरों ने अपना रक्त देकर जरूरतमंदों के जीवन की उम्मीद मजबूत की, तो दूसरी ओर श्रमदान के जरिए स्वच्छता और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश दिया गया। ‘जिसने जीवन संवारा, उन्हें आशीर्वाद हमारा’ की भावना के साथ शुरू हुआ यह अभियान सेवा को केवल एक कार्यक्रम तक सीमित रखने के बजाय जनभागीदारी से जोड़ने का संदेश देता नजर आया। रक्तदान शिविर में उमड़ी भागीदारी ने यह भी दिखाया कि जब समाज सेवा के लिए एकजुट होता है, तो छोटी-छोटी पहलें भी मानवता के लिए बड़े संदेश में बदल जाती हैं।
सेवा, समर्पण और संकल्प के साथ आजमगढ़ ने अभियान के पहले दिन यही संदेश दिया— जनसेवा की भावना मजबूत होगी, तो राष्ट्र निर्माण की भागीदारी भी मजबूत होगी।







