सरयू महोत्सव के तहत VSAV डिग्री कॉलेज में सम्भाषण प्रतियोगिता, छात्र-छात्राओं ने सामाजिक सरोकारों पर रखे बेबाक विचार
- “बेटे अगर साहस हैं, तो बेटियां हमारी हिम्मत हैं” — राजेश त्रिपाठी
- गोला बाजार में रचनात्मकता, विचार और प्रतिभा का संगम; केंद्रीय राज्यमंत्री कमलेश पासवान ने युवाओं का बढ़ाया उत्साह
आर.वी.9 न्यूज़ | संवाददाता, शुभम शर्मा, गोरखपुर, उ.प्र.
गोला बाजार (गोरखपुर)। रूद्र महायज्ञ एवं सरयू महोत्सव के भव्य आयोजन के तहत बुधवार को गोला बाजार स्थित वी.एस.ए.वी. डिग्री कॉलेज परिसर में विचार, अभिव्यक्ति और युवा प्रतिभा का शानदार संगम देखने को मिला। पूर्व विधायक स्वर्गीय अच्युतानंद तिवारी एवं पूर्व विधायक कैलाशवती देवी की स्मृति में महिला एवं पुरुष वर्ग के लिए आयोजित सम्भाषण प्रतियोगिता में विभिन्न महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए समसामयिक और सामाजिक विषयों पर अपने विचारों की प्रभावशाली प्रस्तुति दी।

प्रतियोगिता के दौरान कॉलेज परिसर में ऐसा वातावरण बना रहा, जहां मंच पर केवल शब्द नहीं गूंज रहे थे, बल्कि युवाओं के विचारों में समाज और देश के भविष्य की तस्वीर भी दिखाई दे रही थी। छात्र-छात्राओं ने अपने वक्तव्यों के माध्यम से शिक्षा, सामाजिक जिम्मेदारी, महिला सशक्तिकरण और बदलते समाज जैसे विषयों पर अपनी सोच को प्रखरता के साथ सामने रखा।
युवाओं को शिक्षा के साथ संस्कार और सामाजिक मूल्यों से जुड़ने का संदेश
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान उपस्थित रहे। उन्होंने छात्र-छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि युवा शक्ति देश की सबसे बड़ी ताकत है। शिक्षा केवल रोजगार प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्ति के व्यक्तित्व निर्माण और समाज के प्रति जिम्मेदारी का बोध कराने का महत्वपूर्ण साधन है। उन्होंने युवाओं से शिक्षा के साथ सामाजिक मूल्यों, संस्कारों और जिम्मेदारियों को अपनाने का आह्वान किया।उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ-साथ समाज और देश से जुड़े विषयों पर सोचने तथा अपनी बात प्रभावी ढंग से रखने का अवसर प्रदान करते हैं।
राजेश त्रिपाठी बोले—बेटियां आज हर क्षेत्र में रच रही हैं नए कीर्तिमान

कार्यक्रम की अध्यक्षता एवं मुख्य संयोजन चिल्लूपार विधायक राजेश त्रिपाठी ने किया। छात्र-छात्राओं, विशेषकर बेटियों का उत्साह बढ़ाते हुए उन्होंने कहा—
“बेटे अगर साहस हैं, तो बेटियां हमारी हिम्मत हैं।”
विधायक राजेश त्रिपाठी ने कहा कि आज बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। शिक्षा, प्रशासन, राजनीति, विज्ञान, खेल, सेना, व्यवसाय और सामाजिक क्षेत्र सहित हर क्षेत्र में बेटियां अपनी प्रतिभा, मेहनत और साहस के बल पर नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि समाज को बेटियों को आगे बढ़ने के लिए समान अवसर और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना चाहिए। उन्होंने स्वर्गीय अच्युतानंद तिवारी एवं पूर्व विधायक कैलाशवती देवी के सामाजिक एवं सार्वजनिक जीवन में योगदान को भी याद किया और छात्र-छात्राओं से उनके आदर्शों तथा दिखाए गए मार्ग से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
विभिन्न कॉलेजों के छात्र-छात्राओं ने लिया हिस्सा
सम्भाषण प्रतियोगिता में वी.एस.ए.वी. डिग्री कॉलेज, गोला तथा रामसखी रामनिवास डिग्री कॉलेज, भरौली सहित क्षेत्र के विभिन्न महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने बड़ी संख्या में सहभागिता की। प्रतिभागियों ने अलग-अलग समसामयिक एवं सामाजिक विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत करते हुए अपनी वक्तृत्व क्षमता और ज्ञान का परिचय दिया। मंच पर प्रतिभागियों का आत्मविश्वास और विचारों की स्पष्टता देखते ही बन रही थी। किसी ने सामाजिक बदलाव की जरूरत पर जोर दिया तो किसी ने युवाओं की भूमिका को रेखांकित किया। वहीं महिला सशक्तिकरण और बेटियों की शिक्षा जैसे विषयों पर भी प्रतिभागियों ने प्रभावशाली विचार रखे।
इस प्रतियोगिता ने न केवल विद्यार्थियों की प्रतिभा को मंच प्रदान किया, बल्कि उपस्थित लोगों को भी यह संदेश दिया कि युवाओं को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित रखने के बजाय उन्हें सामाजिक विषयों पर सोचने, सवाल करने और अपनी बात रखने का अवसर दिया जाना चाहिए।
आयोजन में दिखी सामूहिक सहभागिता
कार्यक्रम के सफल आयोजन एवं कुशल संयोजन में प्रवीण दुबे, आनंद चंद, रतन प्रकाश दुबे, अनिल भट्ट, मूलचंद त्रिपाठी, प्राचार्य चंद्रभान मिश्र, चेयरमैन प्रतिनिधि महेश उमर, अंकुर पाण्डेय, अष्टभुजा सिंह, प्रशांत शाही, सत्यप्रकाश यादव, पप्पू निषाद, मानस त्रिपाठी, विराज त्रिपाठी एवं शिवांश त्रिपाठी सहित अनेक लोगों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस अवसर पर क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, विभिन्न महाविद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाओं तथा सैकड़ों छात्र-छात्राओं की मौजूदगी ने कार्यक्रम की गरिमा और उत्साह को और बढ़ा दिया।
निष्कर्ष : विचारों से निकलेगा बदलाव का रास्ता
सरयू महोत्सव के अंतर्गत आयोजित यह सम्भाषण प्रतियोगिता महज एक प्रतियोगिता बनकर नहीं रह गई, बल्कि इसने युवाओं को अपनी आवाज, विचार और प्रतिभा को समाज के सामने रखने का प्रभावी मंच प्रदान किया। कार्यक्रम में बेटियों की क्षमता और युवाओं की जिम्मेदारी को लेकर दिए गए संदेश ने उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया। समारोह से यह स्पष्ट संदेश भी उभरकर सामने आया कि जब युवाओं को सही मंच, सही दिशा और अपनी बात कहने का अवसर मिलता है, तो उनके विचार समाज में सकारात्मक बदलाव की मजबूत नींव बन सकते हैं। सरयू महोत्सव की यह पहल शिक्षा, संस्कार, सामाजिक चेतना और युवा प्रतिभा को जोड़ने वाली एक सार्थक कड़ी के रूप में याद की जाएगी।







