गोरक्षपीठ में आधी रात गूंजा ‘नंद घर आनंद भयो’: सीएम योगी ने लड्डू गोपाल को पालने में झुलाकर मनाया श्रीकृष्ण जन्मोत्सव

गोरक्षपीठ में आधी रात गूंजा ‘नंद घर आनंद भयो’: सीएम योगी ने लड्डू गोपाल को पालने में झुलाकर मनाया श्रीकृष्ण जन्मोत्सव
  • मथुरा से गोरखपुर तक योगेश्वर श्रीकृष्ण की भक्ति में रमे रहे मुख्यमंत्री; गोरखनाथ मंदिर में विधि-विधान से पूजा, भजन-कीर्तन और बाल गोपाल के रूप में सजे बच्चों को दिया स्नेह

आर.वी.9 न्यूज़ |ब्यूरो चीफ़ - हरेन्द्र कुमार यादव, गोरखपुर, .प्र.

गोरखपुर, 04 सितंबर 2026।
भक्ति, श्रद्धा, संगीत और उल्लास के दिव्य संगम के बीच गोरक्षपीठ की पावन धरती पर श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व परंपरागत आस्था और भव्यता के साथ मनाया गया। गोरक्षपीठाधीश्वर एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्योत्सव में सहभागिता कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।

मध्य रात्रि जैसे ही भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य का पावन क्षण आया, पूरा मंदिर परिसर श्रद्धा और उल्लास से गूंज उठा। ‘नंद घर आनंद भयो, जय कन्हैयालाल की’ तथा ‘श्रीकृष्ण गोविंद हरे मुरारी, हे नाथ नारायण वासुदेव’ की मंगल धुनों, सोहर गीतों और घंट-घड़ियाल की गूंज के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भगवान के बाल स्वरूप लड्डू गोपाल को श्रद्धापूर्वक अपनी गोद में लिया और फूलों से सजे पालने में बैठाकर झुलाया।

मथुरा से गोरखपुर तक कृष्ण भक्ति में डूबे रहे मुख्यमंत्री

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पूरा दिन योगेश्वर श्रीकृष्ण की आराधना और धार्मिक कार्यक्रमों में सहभागिता करते हुए बीता। सुबह उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि मथुरा पहुंचकर जन्मभूमि मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि एवं मंगलमय जीवन की कामना की। इसके बाद मुख्यमंत्री लखनऊ पहुंचे, जहां उन्होंने पुलिस लाइन में आयोजित श्रीकृष्ण जन्माष्टमी समारोह में भाग लिया। शाम के धार्मिक कार्यक्रमों के उपरांत वह गोरखपुर पहुंचे और गोरक्षपीठ की परंपरा के अनुरूप गोरखनाथ मंदिर में आयोजित श्रीकृष्ण जन्मोत्सव समारोह का नेतृत्व किया। इस प्रकार श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर मथुरा से लखनऊ और फिर गोरखपुर तक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ योगेश्वर श्रीकृष्ण की भक्ति और साधना में रमे रहे।

गुरु गोरखनाथ और ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ को किया नमन

गोरखनाथ मंदिर पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सर्वप्रथम शिवावतार महायोगी गुरु गोरखनाथ का दर्शन-पूजन किया। इसके पश्चात उन्होंने अपने गुरुदेव ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की समाधि पर पहुंचकर मत्था टेका, पुष्पार्चन किया और श्रद्धापूर्वक उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके बाद मुख्यमंत्री महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन पहुंचे, जहां श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के अवसर पर भजन संध्या का आयोजन किया गया था। भक्ति संगीत की मधुर धुनों के बीच मुख्यमंत्री ने राधा-कृष्ण के स्वरूप में सजे बच्चों से मुलाकात की और उन्हें स्नेह व दुलार दिया।

मध्य रात्रि में विधि-विधान से हुआ श्रीकृष्ण प्राकट्य उत्सव

गोरखनाथ मंदिर के गर्भगृह में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का मुख्य धार्मिक अनुष्ठान देर रात शुरू हुआ। करीब साढ़े ग्यारह बजे पूजा-अर्चना का विशेष क्रम प्रारंभ हुआ और ठीक मध्य रात्रि भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य के साथ मंदिर परिसर जयघोष और मंगल गीतों से गूंज उठा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गर्भगृह में विधि-विधान से विशिष्ट पूजा-अर्चना की। भगवान के प्राकट्य के पश्चात वह बाल स्वरूप लड्डू गोपाल को श्रद्धापूर्वक गोद में लेकर गर्भगृह से बाहर आए। इसके बाद फूलों से सजे आकर्षक पालने में लड्डू गोपाल को विराजमान कर मुख्यमंत्री ने श्रद्धा और भक्ति के साथ उन्हें झुलाया तथा आरती उतारी। इस अद्भुत और भावनात्मक दृश्य को देखने के लिए मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। धार्मिक अनुष्ठान पूर्ण होने के बाद मंदिर की ओर से श्रद्धालुओं में फलाहार और प्रसाद का वितरण किया गया।

राधा-कृष्ण बने नन्हे बच्चों को मिला मुख्यमंत्री का प्यार

महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सभागार में आयोजित श्रीकृष्ण बालरूप सज्जा प्रतियोगिता इस आयोजन का प्रमुख आकर्षण रही। भगवान श्रीकृष्ण और राधा के मनमोहक स्वरूप में सजे नन्हे-मुन्ने बच्चों ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बच्चों से आत्मीयता के साथ मुलाकात की। उन्होंने बच्चों के साथ हंसी-ठिठोली की, उन्हें प्यार-दुलार किया और खिलौने एवं चॉकलेट उपहार में दिए। कई मासूम बच्चों को मुख्यमंत्री ने अपनी गोद में लेकर स्नेह दिया। कुछ बच्चों ने उनके सामने दोहे और श्लोक सुनाए तो कुछ ने मुख्यमंत्री के साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं। मुख्यमंत्री ने बच्चों के उत्साह और अनुरोधों का आत्मीयता के साथ सम्मान किया।

बालरूप सज्जा प्रतियोगिता ने सजाया गोकुल जैसा दृश्य

महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सभागार में आयोजित बालरूप सज्जा प्रतियोगिता में बच्चों की मनमोहक वेशभूषा ने ऐसा वातावरण बना दिया मानो सभागार में स्वयं गोकुल की झलक उतर आई हो। कोई नन्हा बालक कान्हा के स्वरूप में सजा था तो कोई बालिका राधा की छवि में नजर आ रही थी। दो वर्गों में आयोजित प्रतियोगिता में कान्हा वर्ग में शर्विल पांडेय ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि सौम्या प्रजापति को द्वितीय और हिमांशी श्रीवास्तव को तृतीय पुरस्कार मिला। वहीं गोपाल वर्ग में सार्थक ने प्रथम, राजवीर ने द्वितीय और रूद्र ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विजेताओं को प्रशस्ति पत्र और उपहार देकर सम्मानित किया। प्रतियोगिता में निर्णायक की भूमिका सारिका राय, मनीषा सिंह और हृदया त्रिपाठी ने निभाई, जबकि कार्यक्रम का संचालन शिवेंद्र पांडेय ने किया।

भजनों और सोहर गीतों से गूंज उठा मंदिर परिसर

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन में आयोजित भजन संध्या में कान्हा-श्याम की भक्ति की अनूठी छटा देखने को मिली। लोक गायक डॉ. राकेश श्रीवास्तव के संयोजन में आयोजित इस कार्यक्रम में एक से बढ़कर एक भक्ति गीत, बधाई गीत और सोहर प्रस्तुत किए गए। कार्यक्रम की शुरुआत पुनीत श्रीवास्तव ने सुमधुर भक्ति गीत से की। इसके बाद हृदया त्रिपाठी और अनीता सिंह ने सोहर गीतों की प्रस्तुति देकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। लक्ष्मी गुप्ता ने बधाई गीत प्रस्तुत किया। गायक उमेश मिश्रा और एकता शुक्ला ने भगवान श्रीकृष्ण की महिमा से जुड़े भजनों के माध्यम से श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। वहीं डॉ. राकेश श्रीवास्तव ने पारंपरिक बधाई गीत और सोहर की प्रस्तुतियों से पूरे वातावरण को उल्लास और भक्ति से सराबोर कर दिया।

गर्भगृह में हनुमत संगीत आश्रम की भक्तिमय प्रस्तुति

श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के अवसर पर गोरखनाथ मंदिर के गर्भगृह में हनुमत संगीत आश्रम एवं सेवा संस्थान की ओर से रात आठ बजे से मध्य रात्रि तक भजन संध्या आयोजित की गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी जन्मोत्सव से पहले गर्भगृह में भजनों का श्रवण किया।

कार्यक्रम की शुरुआत गायक एवं संगीतकार अभिषेक पांडेय बिट्टू के भजनों से हुई। इसके बाद सिद्धि सिंह, निशांत शुक्ला, श्रेयांश तेजस्वी, ओम सिंह, हृदयांश श्रीवास्तव, अपूर्व नमन, आकांक्षा त्रिपाठी, प्रीति अग्रहरि और अलका जायसवाल ने अपनी प्रस्तुतियों से भक्तिमय वातावरण बना दिया। कार्यक्रम का संयोजन धर्मेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने किया, जबकि संगीत निर्देशन अभिषेक पांडेय बिट्टू का रहा। वाद्य यंत्रों पर अजीत राज, शैलेश दुबे और रुद्राक्ष शुक्ला ने संगत की।

श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहा गोरखनाथ मंदिर

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर गोरखनाथ मंदिर में देर रात तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी रही। मंदिर परिसर भक्ति, आस्था और उल्लास के रंग में रंगा दिखाई दिया। इस अवसर पर प्रदेश सरकार के बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह, गोरखपुर के महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक फतेह बहादुर सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि, साधु-संत और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की यह पावन रात्रि गोरक्षपीठ की आध्यात्मिक परंपरा, भारतीय संस्कृति और सनातन आस्था की अद्भुत छवि प्रस्तुत करती नजर आई। मध्य रात्रि में जब लड्डू गोपाल का प्राकट्य हुआ और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें श्रद्धापूर्वक पालने में झुलाया, तब पूरा गोरखनाथ मंदिर एक स्वर में जयघोष करने लगा—

“नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की!”

भक्ति, प्रेम और श्रद्धा के इस अनुपम संगम ने गोरखनाथ मंदिर में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव को अविस्मरणीय बना दिया।