फर्जी इंश्योरेंस पॉलिसी का खेल बेनकाब: ग्राहकों से ठगी करने वाला दिल्ली का शातिर आरोपी आजमगढ़ में गिरफ्तार
- रॉयल सुंदरम जनरल इंश्योरेंस कंपनी के नाम पर तैयार करता था कथित फर्जी पॉलिसियां, पुलिस ने मोबाइल व सिम कार्ड किया बरामद

आजमगढ़, 05 सितम्बर 2026। फर्जी दस्तावेजों के सहारे आम लोगों को ठगी का शिकार बनाने के आरोपों के खिलाफ आजमगढ़ पुलिस को एक महत्वपूर्ण सफलता हाथ लगी है। थाना मुबारकपुर पुलिस ने रॉयल सुंदरम जनरल इंश्योरेंस कंपनी के नाम पर कथित रूप से फर्जी एवं कूटरचित वाहन बीमा पॉलिसियां तैयार कर ग्राहकों से धनराशि लेने के मामले में वांछित चल रहे एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान रवि कुमार झा पुत्र विनोद झा, उम्र करीब 28 वर्ष के रूप में हुई है। आरोपी वर्तमान में नई दिल्ली के उत्तमनगर-जनकपुरी क्षेत्र का निवासी बताया गया है, जबकि उसका मूल निवास सीतामढ़ी, बिहार में है। पुलिस ने उसके कब्जे से घटना में प्रयुक्त होने का आरोपित एक ओप्पो मोबाइल फोन और एक सिम कार्ड भी बरामद किया है।
न्यायालय के आदेश पर दर्ज हुआ था मुकदमा
पुलिस के अनुसार यह पूरा मामला रॉयल सुंदरम जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के अधिकृत प्रतिनिधि द्वारा प्रस्तुत प्रार्थना पत्र से जुड़ा है। माननीय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, आजमगढ़ के आदेशानुसार थाना मुबारकपुर में रवि कुमार झा और अंकित जायसवाल के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोप है कि कंपनी के नाम का उपयोग करते हुए फर्जी और कूटरचित इंश्योरेंस पॉलिसियां तैयार की गईं तथा इसके माध्यम से आम ग्राहकों से धोखाधड़ी कर आर्थिक लाभ अर्जित किया गया। इस संबंध में थाना मुबारकपुर में मु0अ0सं0 298/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 319(2), 338, 336(3) एवं 340(2) में मुकदमा पंजीकृत किया गया था।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने बिछाया जाल
पुलिस द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, 05 सितम्बर 2026 को उपनिरीक्षक धर्मेन्द्र शर्मा अपनी टीम के साथ क्षेत्र में भ्रमण और शांति व्यवस्था की ड्यूटी में मौजूद थे। इसी दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि संबंधित मुकदमे का वांछित आरोपी रवि कुमार झा रोडवेज तिराहे के आसपास मौजूद है और कहीं जाने की तैयारी में है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम तत्काल सक्रिय हुई और बताए गए स्थान की ओर रवाना हो गई। पुलिस के अनुसार घेराबंदी कर आरोपी को दोपहर करीब 1:05 बजे कस्बा मुबारकपुर स्थित रोडवेज तिराहे से कुछ दूरी पहले गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को हिरासत में लेकर आवश्यक पूछताछ की गई तथा उसके विरुद्ध अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
पूछताछ में ठगी की बात स्वीकार करने का पुलिस का दावा
पुलिस के अनुसार पूछताछ के दौरान आरोपी ने इस मामले में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। आरोपी पर ग्राहकों से धनराशि लेकर रॉयल सुंदरम जनरल इंश्योरेंस कंपनी के नाम पर कथित रूप से फर्जी एवं कूटरचित बीमा पॉलिसियां तैयार करने और इसके माध्यम से अनुचित आर्थिक लाभ कमाने का आरोप है। हालांकि मामले से जुड़े सभी तथ्यों और आरोपों की जांच पुलिस द्वारा विधिक प्रक्रिया के तहत की जा रही है।
डिजिटल दौर में बढ़ी सतर्कता की जरूरत
वाहन बीमा सहित अन्य वित्तीय एवं ऑनलाइन सेवाओं के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी की घटनाएं आम नागरिकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं। ऐसे मामलों में लोगों को किसी भी बीमा पॉलिसी को खरीदने से पहले संबंधित कंपनी और दस्तावेजों की प्रामाणिकता की जांच अवश्य करनी चाहिए। विशेषज्ञों की सलाह है कि पॉलिसी लेने के बाद उसकी जानकारी संबंधित बीमा कंपनी के आधिकारिक माध्यम से सत्यापित की जाए और संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर तत्काल संबंधित पुलिस एवं विभागीय अधिकारियों को सूचित किया जाए।
मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त होने का आरोपित एक ओप्पो मोबाइल फोन तथा एक सिम कार्ड बरामद किया है। बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच से मामले से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य मिलने की संभावना के मद्देनजर विधिक प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
इन पुलिसकर्मियों ने की गिरफ्तारी
इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में— उपनिरीक्षक धर्मेन्द्र शर्मा, चौकी प्रभारी, कांस्टेबल कुलदीप सरोज, कांस्टेबल मुकुन्द मिश्रा, थाना मुबारकपुर, जनपद आजमगढ़ शामिल रहे।
आम जनता के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश
मुबारकपुर पुलिस की इस कार्रवाई को फर्जी दस्तावेजों और कथित बीमा ठगी के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पुलिस की कार्रवाई ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि किसी भी प्रतिष्ठित कंपनी के नाम पर दस्तावेज मिलने मात्र से उसकी प्रामाणिकता सुनिश्चित नहीं हो जाती।
आम नागरिकों को सतर्क रहने, बीमा पॉलिसियों और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों का आधिकारिक स्तर पर सत्यापन करने तथा किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को देने की आवश्यकता है।
फिलहाल गिरफ्तार आरोपी के विरुद्ध आगे की विधिक कार्रवाई जारी है और मामले की जांच के साथ अन्य तथ्यों को भी खंगाला जा रहा है।







