देश की रक्षा वित्त व्यवस्था को मिला नया नेतृत्व: अलका नांगिया अरोड़ा ने संभाला रक्षा लेखा महानियंत्रक का पदभार
- आईडीएएस की 1991 बैच की वरिष्ठ अधिकारी बनीं सीजीडीए, तीन दशक से अधिक के प्रशासनिक और रक्षा वित्तीय अनुभव के साथ संभाली अहम जिम्मेदारी
नई दिल्ली।
देश की रक्षा वित्तीय व्यवस्था को मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए इंडियन डिफेंस अकाउंट्स सर्विस (आईडीएएस) की वरिष्ठ अधिकारी श्रीमती अलका नांगिया अरोड़ा ने 1 अगस्त 2026 को रक्षा लेखा महानियंत्रक (Controller General of Defence Accounts - CGDA) के पद का कार्यभार संभाल लिया। तीन दशक से अधिक लंबे प्रशासनिक अनुभव, रक्षा वित्त प्रबंधन में गहरी विशेषज्ञता और विभिन्न मंत्रालयों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन कर चुकीं श्रीमती अरोड़ा के नेतृत्व में रक्षा लेखा विभाग को नई दिशा और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
उच्च शिक्षा और प्रशासनिक अनुभव का समृद्ध संगम
श्रीमती अलका नांगिया अरोड़ा गढ़वाल विश्वविद्यालय, देहरादून और आईआईटी रुड़की की पूर्व छात्रा हैं। उन्होंने अपने शानदार प्रशासनिक करियर के दौरान भारत सरकार के कई महत्वपूर्ण विभागों में जिम्मेदारियां निभाईं और अपनी कार्यक्षमता का परिचय दिया।
उनके प्रमुख दायित्वों में शामिल रहे—
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कृषि मंत्रालय के कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग (DARE) में अपर सचिव एवं वित्तीय सलाहकार
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सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME) में संयुक्त सचिव
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सेंट्रल कॉटेज इंडस्ट्रीज कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड की प्रबंध निदेशक
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कपड़ा मंत्रालय में हस्तशिल्प के लिए अपर विकास आयुक्त
इन पदों पर रहते हुए उन्होंने सार्वजनिक वित्त प्रबंधन, नीति निर्माण, प्रशासनिक सुधार और संस्थागत विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यों का नेतृत्व किया।
रक्षा मंत्रालय से शुरू हुआ था सेवा का सफर
श्रीमती अलका नांगिया अरोड़ा ने अपने करियर की शुरुआत रक्षा मंत्रालय के अंतर्गत कोलकाता स्थित दमदम ऑर्डनेंस फैक्ट्री से की थी। इसके बाद उन्होंने रक्षा लेखा विभाग (Defence Accounts Department) में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया और भारतीय थल सेना, नौसेना तथा वायुसेना के साथ व्यापक अनुभव प्राप्त किया। रक्षा वित्त प्रबंधन के क्षेत्र में उनकी विशेषज्ञता और अनुभव ने उन्हें इस महत्वपूर्ण पद तक पहुंचाया है।
तीनों सेनाओं के साथ काम करने का व्यापक अनुभव
सीजीडीए का पदभार संभालने से पहले श्रीमती अरोड़ा ने रक्षा क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। इनमें—
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मुंबई स्थित नेवल डॉकयार्ड में एडमिरल सुपरिटेंडेंट की वित्तीय सलाहकार (FA)
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आर्मी ईस्टर्न कमांड की वित्तीय सलाहकार
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कोलकाता स्थित एरिया अकाउंट्स ऑफिस की प्रमुख
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वेस्टर्न एयर कमांड (WAC) की एकीकृत वित्तीय सलाहकार (IFA)
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आर्मी हॉस्पिटल रिसर्च एंड रेफरल (AH(R&R)) में आईएफए
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एयर फोर्स मुख्यालय में प्रधान आईएफए
जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां शामिल हैं। इन दायित्वों के दौरान उन्होंने रक्षा सेवाओं से जुड़े वित्तीय मामलों, बजट प्रबंधन, खरीद प्रक्रियाओं और संसाधनों के प्रभावी उपयोग में अहम योगदान दिया।
सीजीडीए मुख्यालय में भी निभा चुकी हैं महत्वपूर्ण भूमिका
श्रीमती अरोड़ा रक्षा लेखा महानियंत्रक (सीजीडीए) मुख्यालय में अतिरिक्त सीजीडीए और विशेष सीजीडीए के रूप में भी सेवाएं दे चुकी हैं।
इस दौरान उन्होंने—
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लेखा एवं ऑडिट व्यवस्था
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सूचना प्रौद्योगिकी एवं डिजिटल सिस्टम
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एकीकृत वित्तीय सलाहकार प्रणाली
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प्रशिक्षण एवं क्षमता विकास
से जुड़ी नीतियों के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
नीति निर्माण और वित्तीय सुधारों की विशेषज्ञ
श्रीमती अलका नांगिया अरोड़ा को रक्षा वित्तीय प्रबंधन, सार्वजनिक वित्त व्यवस्था और प्रशासनिक सुधारों का व्यापक अनुभव है। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए पारदर्शिता, दक्षता और बेहतर वित्तीय प्रबंधन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने आईआईएम बेंगलुरु और आईएसबी मोहाली जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से उन्नत प्रशिक्षण भी प्राप्त किया है, जिससे उनकी प्रशासनिक और नेतृत्व क्षमता को और मजबूती मिली।
रक्षा लेखा विभाग को मिलेगी नई ऊर्जा
रक्षा लेखा महानियंत्रक का पद भारतीय रक्षा व्यवस्था में बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। यह विभाग सशस्त्र सेनाओं के वित्तीय प्रबंधन, लेखा परीक्षण, भुगतान प्रणाली और वित्तीय सलाह से जुड़े कार्यों की निगरानी करता है। श्रीमती अलका नांगिया अरोड़ा के लंबे अनुभव और विशेषज्ञता को देखते हुए माना जा रहा है कि उनके नेतृत्व में रक्षा लेखा विभाग आधुनिक तकनीक, पारदर्शी वित्तीय प्रणाली और बेहतर प्रबंधन की दिशा में आगे बढ़ेगा।
रक्षा वित्त प्रबंधन के क्षेत्र में तीन दशकों से अधिक की सेवा और अनुभव के साथ अलका नांगिया अरोड़ा का सीजीडीए के रूप में कार्यभार संभालना देश की रक्षा व्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।







