नाबालिग छात्रा को कथित अश्लील बातें और धमकी देने का आरोप, स्कूल प्रबंधक का बेटा गिरफ्तार
- गोला पुलिस की कार्रवाई: देईडीहा तिराहे से प्रतीक कुमार त्रिपाठी पकड़ा गया, नाबालिग की पहचान गोपनीय रखी गई; पुलिस ने संबंधित धाराओं में कार्रवाई शुरू की
आर.वी.9 न्यूज़ | क्राइम रिपोर्टर, गोरखपुर (उ.प्र.)
गोरखपुर। जिले के दक्षिणांचल स्थित गोला थाना क्षेत्र में एक निजी विद्यालय की नाबालिग छात्रा से कथित तौर पर आपत्तिजनक बातचीत करने, दबाव बनाने और धमकी देने का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान प्रतीक कुमार त्रिपाठी पुत्र घनश्याम त्रिपाठी, निवासी ग्राम भीखा भार बुजुर्ग, जगन्नाथपुर, थाना गोला, जनपद गोरखपुर के रूप में हुई है।बताया जा रहा है कि आरोपी निजी विद्यालय के प्रबंधक का बेटा है। मामले में नाबालिग छात्रा से जुड़ी संवेदनशीलता को देखते हुए उसकी पहचान को पूरी तरह गोपनीय रखा गया है।

फोन पर कथित आपत्तिजनक बातचीत और धमकी का आरोप
पुलिस के मुताबिक शिकायत में आरोप लगाया गया कि आरोपी द्वारा नाबालिग छात्रा से फोन पर कथित रूप से अश्लील एवं आपत्तिजनक बातें की गईं। आरोप यह भी है कि छात्रा पर अनुचित संबंध बनाने के लिए दबाव डाला गया तथा कथित ऑडियो को वायरल करने की धमकी दी गई। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने इसे गंभीरता से लेते हुए मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। प्रकरण से संबंधित एक ऑडियो के वायरल होने की भी बात सामने आई है। हालांकि, ऑडियो की वास्तविकता, आवाज की पुष्टि और घटना की परिस्थितियों का अंतिम निर्धारण पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
करीब 15 दिन बाद पुलिस के हाथ लगा आरोपी
पुलिस के अनुसार आरोपी की तलाश पिछले करीब 15 दिनों से की जा रही थी। इसी क्रम में गोला पुलिस ने शनिवार सुबह करीब 8:35 बजे देईडीहा तिराहे से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध दर्ज मुकदमों और आरोपों के संबंध में अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
POCSO समेत संबंधित धाराओं में कार्रवाई
पुलिस के अनुसार नाबालिग से संबंधित मामले में बीएनएस, पॉक्सो एक्ट और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। इसके अलावा पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध थाना गोला में एक अन्य मुकदमा भी दर्ज होने की जानकारी दी है, जिसमें बीएनएस की धाराओं के साथ एससी/एसटी एक्ट से संबंधित प्रावधान शामिल बताए गए हैं। पुलिस का कहना है कि सभी मामलों की विवेचना नियमानुसार की जा रही है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नाबालिग की सुरक्षा और निजता सर्वोच्च प्राथमिकता
मामला नाबालिग छात्रा से जुड़ा होने के कारण इसकी संवेदनशीलता और बढ़ जाती है। ऐसे मामलों में पीड़िता की पहचान सार्वजनिक न करना कानूनी और नैतिक दोनों दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। इसलिए छात्रा का नाम, पता, विद्यालय अथवा ऐसी कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा रही है, जिससे उसकी पहचान उजागर हो सकती है। पुलिस द्वारा घटना से जुड़े तथ्यों, आरोपी और पीड़िता के बीच संपर्क तथा कथित ऑडियो सहित अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है।
पुलिस टीम ने की गिरफ्तारी
गोला पुलिस की कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक चंद्रप्रकाश पाण्डेय, कांस्टेबल पिंटू प्रसाद, रिजर्व कांस्टेबल पंकज गिरी और कांस्टेबल सूबेदार सिंह यादव शामिल रहे। पुलिस के अनुसार महिला संबंधी अपराधों पर अंकुश लगाने तथा वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई है।गोला क्षेत्र का यह मामला नाबालिगों की सुरक्षा और डिजिटल माध्यमों के दुरुपयोग को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। हालांकि, सामने आए आरोपों की अंतिम सच्चाई न्यायिक प्रक्रिया और पुलिस विवेचना के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।
आर.वी.9 न्यूज़ की अपील: नाबालिग पीड़िता से संबंधित किसी भी फोटो, नाम, ऑडियो या ऐसी जानकारी को साझा न करें, जिससे उसकी पहचान उजागर हो। आरोपी के संबंध में भी न्यायालय के अंतिम निर्णय तक उसे आरोपी के रूप में ही संबोधित किया जाना उचित है।







