जनता की चौखट तक पहुंचा प्रशासन — देवरिया के नवागत जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने जनता दर्शन में दिखाई संवेदनशीलता, दिव्यांग दम्पति तक खुद पहुंचे DM

जनता की चौखट तक पहुंचा प्रशासन — देवरिया के नवागत जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने जनता दर्शन में दिखाई संवेदनशीलता, दिव्यांग दम्पति तक खुद पहुंचे DM
  • आर.वी.9 न्यूज़ | संवाददाता, पवन कुमार गुप्तादेवरिया

देवरिया जनपद के नवागत जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने अपने पहले ही जनता दर्शन कार्यक्रम में संवेदनशील प्रशासन की ऐसी मिसाल पेश की, जिसकी चर्चा पूरे जनपद में हो रही है। जनता दर्शन के दौरान जिलाधिकारी ने फरियादियों की समस्याओं को न केवल गंभीरता से सुना, बल्कि संबंधित अधिकारियों को त्वरित, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण के स्पष्ट निर्देश भी दिए। जनसुनवाई के दौरान उनका मानवीय और संवेदनशील व्यवहार उस समय विशेष रूप से देखने को मिला, जब एक दिव्यांग दम्पति अपनी जमीन विवाद की समस्या लेकर पहुंचे। जिलाधिकारी स्वयं उनके पास जाकर मिले, उनकी बात सुनी और तत्काल राहत दिलाने के निर्देश दिए।


जनता दर्शन में तकनीक का नया प्रयोग

जन समस्याओं के शीघ्र निस्तारण के लिए जिलाधिकारी ने एक नई और अभिनव पहल शुरू की है। उन्होंने अपने कार्यालय में राजस्व विभाग के अधिकारियों की जूम लिंक व्यवस्था तैयार कराई है, ताकि जनता दर्शन के दौरान ही संबंधित अधिकारियों से सीधे संवाद कर समस्याओं का समाधान कराया जा सके। इसके अतिरिक्त अब प्रकरणों को सीधे अधिकारियों के सीयूजी नंबर के व्हाट्सएप पर भी भेजा जा रहा है, जिससे कार्रवाई में तेजी लाई जा सके। प्रशासनिक हलकों में इसे “स्मार्ट और जवाबदेह प्रशासन” की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।


दिव्यांग दम्पति के पास खुद पहुंचे जिलाधिकारी

जनता दर्शन के दौरान ग्राम हरपुर निजाम निवासी दिव्यांग दम्पति रहमत अली और खुशबून अपनी जमीन विवाद की शिकायत लेकर पहुंचे। उनकी स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी स्वयं अपनी सीट से उठकर उनके पास पहुंचे। उन्होंने दम्पति को फल का पैकेट भेंट किया और बेहद संवेदनशीलता के साथ उनकी समस्या सुनी। इसके बाद उन्होंने सदर एसडीएम को निर्देश दिया कि राजस्व निरीक्षक और दो लेखपालों की टीम के साथ मौके पर जाकर उसी दिन जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जिलाधिकारी के इस मानवीय व्यवहार ने वहां मौजूद लोगों का दिल जीत लिया।


दिव्यांग पेंशन और योजनाओं की भी ली जानकारी

जिलाधिकारी ने केवल जमीन विवाद तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि दम्पति से यह भी पूछा कि उन्हें सरकार की अन्य योजनाओं का लाभ मिल रहा है या नहीं। जब यह जानकारी मिली कि खुशबून को दिव्यांग पेंशन नहीं मिल रही है, तो उन्होंने तत्काल जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी प्रियंका चौधरी को फोन कर बुलाया। उन्होंने निर्देश दिया कि आवश्यक अभिलेख प्राप्त कर जल्द से जल्द दिव्यांग पेंशन स्वीकृत कराई जाए।


छोटी बच्चियों के भविष्य को लेकर भी दिखी चिंता

दिव्यांग दम्पति के साथ आई दो वर्षीय बच्ची को देखकर जिलाधिकारी ने उसके भविष्य को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी आदिश मिश्रा को निर्देशित किया कि बच्ची को आंगनबाड़ी केंद्र से जोड़ा जाए ताकि उसका शुरुआती विकास बेहतर ढंग से हो सके। इसी प्रकार विकास खंड सलेमपुर के ग्राम जयराम कौड़िया निवासी सीता देवी अपनी भूमि विवाद की समस्या लेकर पहुंचीं। उनके साथ मौजूद चार वर्षीय बच्ची अंशिका को देखकर जिलाधिकारी ने पूछा कि वह स्कूल जाती है या नहीं। जब पता चला कि बच्ची अभी पढ़ाई से दूर है, तो उन्होंने तत्काल उसे आंगनबाड़ी केंद्र से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छोटे बच्चों का प्रारंभिक शिक्षा और पोषण से जुड़ना बेहद आवश्यक है, क्योंकि यही उनके बौद्धिक विकास की मजबूत नींव बनता है।


“जन समस्याओं का समाधान प्राथमिकता हो” — DM

जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि जनता की समस्याओं का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन की जिम्मेदारी केवल शिकायत सुनना नहीं, बल्कि लोगों को समय पर न्याय और राहत उपलब्ध कराना भी है। जनता दर्शन में दिखाई गई उनकी सक्रियता, संवेदनशीलता और त्वरित निर्णय क्षमता ने आम लोगों में प्रशासन के प्रति विश्वास को और मजबूत किया है।


संवेदनशील प्रशासन की नई पहचान बन रहा देवरिया

देवरिया में नवागत जिलाधिकारी की कार्यशैली को लेकर लोगों में सकारात्मक चर्चा शुरू हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इसी प्रकार तकनीक और संवेदनशीलता के साथ प्रशासन कार्य करता रहा, तो आम जनता को राहत मिलने के साथ-साथ शासन की योजनाओं का लाभ भी अंतिम व्यक्ति तक आसानी से पहुंच सकेगा।