मासूमों की बहादुरी: सूखे कुएं में गिरी नीलगाय को बच्चों ने दिया नया जीवन!

मासूमों की बहादुरी: सूखे कुएं में गिरी नीलगाय को बच्चों ने दिया नया जीवन!
  • आर.वी.9 न्यूज़ | संवाददाता, शुभम शर्मा, गोरखपुर, .प्र.

बड़हलगंज, गोरखपुर | 

गोरखपुर जनपद के नगर पंचायत बड़हलगंज क्षेत्र के तिवारीपुर गांव से एक ऐसी प्रेरणादायक घटना सामने आई है, जिसने मानवता, साहस और संवेदनशीलता की एक नई मिसाल पेश की है। यहां एक सूखे कुएं में गिरी नीलगाय को गांव के छोटे-छोटे बच्चों ने मिलकर सुरक्षित बाहर निकालकर जंगल की ओर छोड़ दिया।

हादसा जिसने सबको चौंकाया

बताया जा रहा है कि तिवारीपुर गांव के किनारे स्थित एक पुराने और सूखे कुएं में अचानक एक नीलगाय गिर गई। कुआं काफी गहरा और जर्जर स्थिति में था, जिससे नीलगाय बाहर निकलने में पूरी तरह असमर्थ हो गई। उसकी आवाजें सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन कुएं की गहराई और संसाधनों की कमी के चलते तत्काल मदद करना आसान नहीं था।

बच्चों ने दिखाई अद्भुत सूझबूझ

इसी बीच गांव के कुछ साहसी बच्चों ने बिना समय गंवाए नीलगाय को बचाने का जिम्मा उठाया। उन्होंने रस्सियों और लकड़ी के सहारे एक अस्थायी व्यवस्था बनाई और बड़े ही संयम व समझदारी के साथ नीलगाय को धीरे-धीरे ऊपर खींच लिया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बच्चों की एकजुटता और हिम्मत काबिल-ए-तारीफ थी। जहां बड़े लोग हिचकिचा रहे थे, वहीं इन बच्चों ने जोखिम उठाते हुए एक बेजुबान जानवर की जान बचा ली।

सुरक्षित जंगल में छोड़ा गया

कड़ी मशक्कत के बाद जब नीलगाय को कुएं से बाहर निकाल लिया गया, तो बच्चों और ग्रामीणों ने उसे पास के जंगल की ओर सुरक्षित छोड़ दिया। नीलगाय कुछ देर तक वहीं खड़ी रही और फिर धीरे-धीरे जंगल की ओर चली गई।

मानवता की मिसाल बना तिवारीपुर

इस घटना के बाद पूरे गांव में बच्चों की जमकर सराहना हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आज के समय में जहां अक्सर लोग अपने स्वार्थ में लगे रहते हैं, वहीं इन बच्चों ने निस्वार्थ भाव से एक जीव की जान बचाकर समाज को एक सकारात्मक संदेश दिया है।

प्रशासन से उठी मांग

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव में मौजूद ऐसे खुले और सूखे कुओं को या तो बंद कराया जाए या उनके चारों ओर मजबूत घेराबंदी की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हो सकें।


यह घटना सिर्फ एक बचाव कार्य नहीं, बल्कि संवेदनशीलता और साहस का प्रतीक है, जिसने यह साबित कर दिया कि इंसानियत उम्र की मोहताज नहीं होती।