साइबर ठगों पर आजमगढ़ पुलिस का करारा प्रहार: त्वरित कार्रवाई से पीड़ितों को मिली राहत, ₹22,201 की धनराशि कराई वापस

साइबर ठगों पर आजमगढ़ पुलिस का करारा प्रहार: त्वरित कार्रवाई से पीड़ितों को मिली राहत, ₹22,201 की धनराशि कराई वापस

आजमगढ़, 05 सितम्बर 2026। डिजिटल युग की तेज रफ्तार के साथ साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों के बीच आजमगढ़ पुलिस ने एक बार फिर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई कर पीड़ितों को बड़ी राहत पहुंचाई है। जनपद में साइबर अपराध के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के क्रम में थाना रौनापार एवं थाना कोतवाली की साइबर टीम ने सक्रियता दिखाते हुए दो अलग-अलग साइबर फ्रॉड मामलों में कुल ₹22,201/- की धनराशि पीड़ितों को वापस कराने में सफलता प्राप्त की है।

 

पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से न केवल साइबर ठगी के शिकार लोगों को आर्थिक राहत मिली है, बल्कि आमजन के बीच यह संदेश भी गया है कि साइबर अपराध की सूचना समय रहते पुलिस को देने पर ठगी गई धनराशि को वापस पाने की संभावना बढ़ सकती है।

रौनापार पुलिस की सक्रियता से पीड़ित को मिली राहत

थाना रौनापार क्षेत्र के निवासी एवं आवेदक लखेदु राम के साथ साइबर ठगी की घटना हुई थी, जिसमें उनके खाते से ₹25,001/- की धनराशि धोखाधड़ी के माध्यम से निकाल ली गई थी। मामले की सूचना मिलते ही थाना रौनापार की साइबर टीम ने बिना समय गंवाए आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस की त्वरित पहल के चलते ठगी गई धनराशि में से ₹13,000/- को होल्ड कराने में सफलता मिली। इसके बाद कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए पीड़ित को ₹3,000/- की धनराशि वापस करा दी गई है। वहीं, शेष ₹10,000/- की धनराशि को वापस दिलाने की प्रक्रिया अभी प्रचलित है। इस कार्रवाई ने यह साबित किया है कि साइबर अपराध की सूचना जितनी जल्दी संबंधित एजेंसियों तक पहुंचाई जाती है, धनराशि को सुरक्षित कराने और वापस दिलाने की संभावना उतनी ही अधिक रहती है।

कोतवाली क्षेत्र में महिला पीड़िता के पूरे ₹19,201 कराए वापस

वहीं, थाना कोतवाली क्षेत्र की निवासी एवं आवेदिका उर्मिला सिंह के साथ भी साइबर ठगी की घटना हुई थी। साइबर अपराधियों ने उनसे ₹19,201/- की धनराशि की ठगी कर ली थी। मामले की जानकारी मिलने के बाद कोतवाली पुलिस की साइबर टीम ने तत्परता के साथ तकनीकी कार्रवाई शुरू की। टीम के प्रयासों का सकारात्मक परिणाम सामने आया और पीड़िता की पूरी ₹19,201/- की धनराशि सफलतापूर्वक वापस करा दी गई। अपनी मेहनत की कमाई वापस मिलने के बाद पीड़िता को बड़ी राहत मिली। यह सफलता साइबर अपराध के मामलों में पुलिस की त्वरित कार्रवाई और तकनीकी दक्षता का एक महत्वपूर्ण उदाहरण मानी जा रही है।

साइबर अपराध के खिलाफ जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार

आज के समय में ऑनलाइन ठगी के तरीके लगातार बदल रहे हैं। फर्जी फोन कॉल, संदिग्ध लिंक, बैंक अधिकारी बनकर कॉल करना, फर्जी निवेश योजनाएं, ओटीपी मांगना और सोशल मीडिया के माध्यम से धोखाधड़ी जैसे मामले तेजी से सामने आते रहते हैं। ऐसे में पुलिस प्रशासन लगातार लोगों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल देने की अपील कर रहा है।

जनपद पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति साइबर फ्रॉड का शिकार हो जाए तो घबराने के बजाय तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें तथा साइबर अपराध की शिकायत दर्ज कराएं। इसके अलावा पीड़ित cybercrime.gov.in पोर्टल के माध्यम से भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

समय पर शिकायत, धन वापसी की बढ़ा सकती है उम्मीद

आजमगढ़ पुलिस की इस कार्रवाई ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि साइबर ठगी के मामलों में समय सबसे महत्वपूर्ण होता है। यदि पीड़ित तत्काल शिकायत दर्ज कराता है और बैंक तथा संबंधित साइबर एजेंसियों को समय पर सूचना मिलती है, तो धनराशि के आगे ट्रांसफर होने से पहले उसे होल्ड कराने की संभावना बढ़ जाती है।

रौनापार और कोतवाली पुलिस की साइबर टीम द्वारा की गई इस सराहनीय कार्रवाई से पीड़ितों को आर्थिक राहत मिली है, वहीं साइबर अपराधियों के खिलाफ पुलिस की सक्रियता का भी मजबूत संदेश गया है। आजमगढ़ पुलिस की यह पहल आमजन के लिए एक महत्वपूर्ण सीख है—साइबर ठगी होने पर चुप न रहें, बल्कि तुरंत शिकायत करें और समय रहते कार्रवाई कराएं।