फर्जी दस्तावेजों से बदली पहचान, अलग-अलग नामों से बनवाए पासपोर्ट! दो सगे भाइयों के खिलाफ मुकदमा दर्ज

फर्जी दस्तावेजों से बदली पहचान, अलग-अलग नामों से बनवाए पासपोर्ट! दो सगे भाइयों के खिलाफ मुकदमा दर्ज
  • घोसी कोतवाली पुलिस ने दर्ज की एफआईआर, पासपोर्ट आवेदन में नाम, जन्मतिथि और अन्य व्यक्तिगत विवरण बदलने का आरोप; मामले की गहन जांच शुरू

आर.वी.9 न्यूज़ | संवाददाता, शुभम शर्मा, गोरखपुर, .प्र.

बड़हलगंज/घोसी। पहचान और व्यक्तिगत दस्तावेजों में कथित हेराफेरी कर अलग-अलग नामों एवं जन्मतिथियों के आधार पर पासपोर्ट बनवाने का एक गंभीर मामला सामने आया है। इस मामले में घोसी कोतवाली पुलिस ने दो सगे भाइयों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोप है कि दोनों भाइयों ने कथित रूप से कूटरचित दस्तावेजों का सहारा लेकर अपने व्यक्तिगत विवरणों में बदलाव कराया और अलग-अलग पहचान के आधार पर एक से अधिक पासपोर्ट प्राप्त किए। मामले की जानकारी बड़हलगंज प्रेस क्लब में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान दी गई, जिसके बाद यह प्रकरण क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया। पुलिस अभिलेखों के अनुसार, पूरे मामले की विवेचना उपनिरीक्षक सुनील कुमार को सौंपी गई है।

पासपोर्ट दस्तावेजों की जांच में सामने आया कथित अंतर

पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, मोहम्मदपुर हसनपुर निवासी दुर्गेश कुमार यादव पुत्र फुन्नीलाल यादव और उनके सगे भाई दिनेश यादव पुत्र फुन्नीलाल यादव पर व्यक्तिगत विवरणों में कथित रूप से बदलाव कर अलग-अलग पासपोर्ट बनवाने का आरोप लगाया गया है। जांच रिपोर्ट में दर्ज विवरण के अनुसार, दुर्गेश कुमार ने वर्ष 2016 में पासपोर्ट के लिए आवेदन करते समय अपना नाम दुर्गेश कुमार, जन्मतिथि 10 जुलाई 1997, पिता का नाम फुन्नीलाल यादव तथा माता का नाम सरस्वती देवी अंकित कराया था। इस आवेदन के आधार पर उनके नाम से पासपोर्ट संख्या N8012517 जारी होने का उल्लेख किया गया है। इसके बाद वर्ष 2018 में दोबारा पासपोर्ट के लिए किए गए आवेदन में व्यक्तिगत विवरणों में कथित रूप से परिवर्तन किए जाने की बात सामने आई। आरोप है कि दूसरे आवेदन में नाम दुर्योधन/दुरागेश यादव तथा जन्मतिथि 3 अप्रैल 1995 दर्ज कराई गई और इसके आधार पर पासपोर्ट संख्या S6767363 जारी हुआ।

दोनों भाइयों के दस्तावेजों की हो रही गहन पड़ताल

मामले में दुर्गेश कुमार के भाई दिनेश यादव पर भी कथित रूप से व्यक्तिगत विवरणों में परिवर्तन कर दूसरा पासपोर्ट बनवाने का आरोप है। जांच के दौरान उपलब्ध कराए गए पासपोर्ट और संबंधित दस्तावेजों के विवरण में अंतर पाए जाने का उल्लेख जांच रिपोर्ट में किया गया है। शिकायत के आधार पर मामले की प्रारंभिक जांच की गई। पुलिस सूत्रों के अनुसार, विभिन्न अभिलेखों, दस्तावेजों और अन्य तथ्यों का परीक्षण किया गया, जिसके बाद मामले में प्रथम दृष्टया गंभीर अनियमितताओं की बात सामने आई। क्षेत्राधिकारी घोसी द्वारा की गई जांच में अभिलेखीय साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर आरोपों की पुष्टि होने का उल्लेख रिपोर्ट में किया गया है।

मुकदमा दर्ज, विवेचना शुरू

जांच रिपोर्ट के आधार पर घोसी कोतवाली पुलिस ने दोनों आरोपित भाइयों के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि व्यक्तिगत विवरणों में कथित बदलाव किस आधार पर किए गए, इसके लिए किन दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया और पासपोर्ट बनवाने की पूरी प्रक्रिया में कौन-कौन लोग शामिल रहे। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक सुनील कुमार को सौंपी गई है। पुलिस द्वारा दस्तावेजों की सत्यता, आवेदन प्रक्रिया और संबंधित अभिलेखों की बारीकी से जांच किए जाने की संभावना है।

दस्तावेजों की विश्वसनीयता पर उठे गंभीर सवाल

पासपोर्ट जैसे महत्वपूर्ण सरकारी पहचान दस्तावेज को लेकर सामने आए इस मामले ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह केवल व्यक्तिगत पहचान में बदलाव का मामला नहीं होगा, बल्कि सरकारी दस्तावेजों की प्रक्रिया के दुरुपयोग से जुड़ा एक गंभीर प्रकरण भी माना जाएगा। हालांकि, मामले में दर्ज आरोपों की अंतिम पुष्टि पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी। फिलहाल दोनों भाइयों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद जांच आगे बढ़ा दी गई है और पुलिस सभी संबंधित तथ्यों एवं साक्ष्यों को जुटाने में लगी हुई है।

आर.वी.9 न्यूज़ की अपील:

दस्तावेजों से जुड़ी किसी भी प्रकार की जानकारी या आरोपों के संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायालय की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही माना जाना चाहिए। आरोपितों को कानूनन अपना पक्ष रखने और न्यायिक प्रक्रिया के तहत बचाव का पूरा अधिकार है।

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