श्रावण से रक्षाबंधन तक अलर्ट मोड में आजमगढ़ पुलिस: अपराधियों पर होगी सख्त कार्रवाई, त्योहारों में सुरक्षा व्यवस्था होगी अभेद्य
- डीआईजी सुनील कुमार सिंह और एसएसपी डॉ. अनिल कुमार की क्राइम मीटिंग में सख्त निर्देश, लंबित विवेचनाओं के शीघ्र निस्तारण से लेकर साइबर अपराध, सोशल मीडिया निगरानी और कानून-व्यवस्था पर विशेष फोकस

आजमगढ़। आगामी श्रावण मास, कांवड़ यात्रा, नाग पंचमी, रक्षाबंधन एवं अन्य प्रमुख त्योहारों को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से आजमगढ़ पुलिस ने अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाने, जनता में सुरक्षा की भावना को और मजबूत करने तथा कानून-व्यवस्था को हर हाल में बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन ने व्यापक रणनीति तैयार की है।

इसी क्रम में 30 जुलाई 2026 को पुलिस लाइन, आजमगढ़ स्थित सभागार में पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) आजमगढ़ परिक्षेत्र श्री सुनील कुमार सिंह एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) डॉ. अनिल कुमार की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण अपराध समीक्षा बैठक (क्राइम मीटिंग) आयोजित की गई। बैठक में जनपद के सभी राजपत्रित अधिकारी, क्षेत्राधिकारी, थाना प्रभारी एवं विभिन्न शाखाओं के प्रभारी उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना, अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना तथा जनता और पुलिस के बीच विश्वास को और अधिक सुदृढ़ करना रहा।
'अपराध मुक्त समाज' की दिशा में पुलिस की नई कार्ययोजना

बैठक की शुरुआत इस संकल्प के साथ हुई कि "अपराध मुक्त समाज की दिशा में कड़े एवं प्रभावी कदम उठाते हुए जनता में सुरक्षा की भावना तथा पुलिस के प्रति विश्वास को और मजबूत किया जाएगा।" डीआईजी और एसएसपी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अपराधियों के विरुद्ध किसी भी स्तर पर ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। प्रत्येक थाना क्षेत्र में अपराध नियंत्रण के लिए प्रभावी रणनीति अपनाई जाएगी तथा अपराधियों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जाएगी।
त्योहारों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था रहेगी चाक-चौबंद

श्रावण मास में निकलने वाली कांवड़ यात्रा, नाग पंचमी, रक्षाबंधन सहित अन्य धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों को देखते हुए पुलिस अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए।
बैठक में कहा गया कि—
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प्रमुख धार्मिक स्थलों, मंदिरों, बाजारों एवं भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी।
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संवेदनशील स्थानों पर लगातार गश्त और पैदल भ्रमण कराया जाएगा।
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पीस कमेटी की बैठकों के माध्यम से सामाजिक सौहार्द बनाए रखने पर विशेष बल दिया जाएगा।
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किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक सूचना फैलाने वालों के विरुद्ध तत्काल कठोर कार्रवाई होगी।
लंबित विवेचनाओं के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर जोर
बैठक में सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए गए कि लंबित विवेचनाओं का शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। विशेष रूप से हत्या, लूट, डकैती, अपहरण, बलात्कार एवं अन्य गंभीर अपराधों की विवेचनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। साथ ही वारंटियों एवं वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी में तेजी लाने और उनके विरुद्ध प्रभावी वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
महिला एवं बाल अपराधों पर रहेगी विशेष निगरानी
बैठक में महिला एवं बाल अपराधों को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि ऐसे मामलों में त्वरित, संवेदनशील एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। पीड़ितों को समय पर न्याय दिलाने तथा विवेचनाओं में अनावश्यक विलंब न होने देने के निर्देश भी दिए गए।
बीट पुलिसिंग होगी और मजबूत
जनता और पुलिस के बीच विश्वास बढ़ाने के उद्देश्य से बीट प्रणाली को और अधिक सक्रिय बनाने का निर्णय लिया गया। सभी बीट अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे नियमित रूप से अपने क्षेत्र में भ्रमण करें, आम नागरिकों से संवाद स्थापित करें तथा स्थानीय समस्याओं की जानकारी लेकर उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करें।
हर फरियादी के साथ होगा सम्मानजनक व्यवहार
बैठक में थाना प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि थाने पर आने वाले प्रत्येक फरियादी के साथ संवेदनशील, सम्मानजनक एवं मानवीय व्यवहार किया जाए।जनसुनवाई एवं समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं निर्धारित समय सीमा में निस्तारण सुनिश्चित करने पर भी विशेष बल दिया गया।
सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
वर्तमान समय में सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की लगातार निगरानी की जाए।यदि कोई व्यक्ति अफवाह, भ्रामक सूचना या सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली सामग्री प्रसारित करता पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध तत्काल वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
साइबर अपराध और संगठित अपराध पर विशेष फोकस
बैठक में ऑपरेशन दृष्टि, यूपी-112, ऑपरेशन कन्विक्शन तथा साइबर अपराध नियंत्रण की भी विस्तृत समीक्षा की गई। इसके अलावा अवैध शराब, मादक पदार्थों की तस्करी, जुआ, सट्टा, पशु तस्करी एवं अन्य संगठित अपराधों के विरुद्ध अभियान चलाकर कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
अपराधियों के लिए स्पष्ट संदेश
बैठक में पुलिस अधिकारियों ने दो टूक संदेश दिया कि जनपद में कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के लिए कोई स्थान नहीं है। अपराधियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी और किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
श्रावण मास से लेकर रक्षाबंधन और अन्य आगामी त्योहारों को देखते हुए आजमगढ़ पुलिस ने सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण के लिए व्यापक रणनीति तैयार कर ली है। डीआईजी सुनील कुमार सिंह और एसएसपी डॉ. अनिल कुमार के नेतृत्व में आयोजित अपराध समीक्षा बैठक ने स्पष्ट कर दिया है कि पुलिस का उद्देश्य केवल अपराधियों पर कार्रवाई करना ही नहीं, बल्कि आम नागरिकों में सुरक्षा का विश्वास मजबूत करना भी है। आने वाले दिनों में प्रभावी गश्त, सक्रिय बीट पुलिसिंग, साइबर निगरानी, जनसुनवाई की गुणवत्ता और अपराधियों के विरुद्ध अभियानात्मक कार्रवाई के माध्यम से आजमगढ़ पुलिस कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में निर्णायक कदम उठाएगी। यही प्रयास आगामी त्योहारों को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने की मजबूत आधारशिला सिद्ध होगा।







