तिरंगे की शान, बच्चों के अरमान – जैस पब्लिक स्कूल की भव्य शोभा यात्रा में गूंजा देशभक्ति का स्वर

आजमगढ़, 14 अगस्त 2025 | अंजान शहीद, सगड़ी
स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर आजमगढ़ जनपद के सगड़ी तहसील अंतर्गत केशवपुर महमूद पट्टी स्थित जैस पब्लिक स्कूल में देशभक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला।
विद्यालय के नन्हें-मुन्ने छात्र-छात्राओं, उत्साही शिक्षकों और जोशीले अभिभावकों ने एक भव्य तिरंगा शोभा यात्रा निकालकर पूरे क्षेत्र को देशप्रेम के रंग में रंग दिया।
सुबह विद्यालय परिसर में बच्चों के हाथों में लहराते तिरंगे और चेहरे पर सजी त्रिवर्णीय पेंटिंग ने माहौल को देशभक्ति के रंग में रंग दिया।
प्रधानाचार्या श्रीमती रोजीना रहमान के नेतृत्व में यात्रा की शुरुआत हुई और यह शोभायात्रा विद्यालय से निकलकर आजमगढ़-गोरखपुर मुख्य मार्ग होते हुए अंजान शहीद बाजार तक पहुंची।
मार्ग में बच्चों ने गगनभेदी नारों – “भारत माता की जय”, “जय हिंद, जय भारत” और “देश की रक्षा कौन करेगा – हम करेंगे, हम करेंगे” – से वातावरण को रोमांचित कर दिया।
यात्रा में सबसे खास आकर्षण थीं स्वतंत्रता संग्राम के अमर नायकों की झांकियां।
बच्चों ने भगत सिंह, चंद्रशेखर आज़ाद, महात्मा गांधी, रानी लक्ष्मीबाई जैसे महान स्वतंत्रता सेनानियों के स्वरूप धारण कर देश की आज़ादी की अमर गाथा को जीवंत कर दिया।
रास्ते भर लोग इस नजारे को देखने के लिए घरों से बाहर निकल आए और बच्चों का उत्साह बढ़ाने के लिए तालियां बजाते रहे।
समापन समारोह में प्रधानाचार्या श्रीमती रोजीना रहमान ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा –
“आज का दिन हमारे स्वतंत्रता संग्राम के नायकों को नमन करने का है। यह यात्रा हमें यह याद दिलाती है कि स्वतंत्रता की कीमत कितनी बड़ी है और हमें इसे बनाए रखने के लिए सदैव सजग रहना चाहिए।”
उन्होंने सभी को देश की एकता, अखंडता और प्रगति के लिए संकल्प लेने का आह्वान किया।
विद्यालय प्रांगण में राष्ट्रगान और तिरंगे को सलामी देकर शोभा यात्रा का समापन हुआ।
बच्चों और शिक्षकों ने इस अवसर पर यह संकल्प लिया कि वे सदैव अपने देश की गरिमा और मान-सम्मान की रक्षा करेंगे।
इस भव्य आयोजन ने न सिर्फ बच्चों के हृदय में देशभक्ति की लौ प्रज्वलित की, बल्कि पूरे क्षेत्र में स्वतंत्रता दिवस का उत्सव समय से पहले ही जीवंत कर दिया।
तिरंगा शोभा यात्रा ने यह संदेश दिया –
"जब तक तिरंगे का रंग आंखों में बसता रहेगा, तब तक इस देश की मिट्टी का मान यूं ही ऊंचा रहेगा।"