रुद्र महायज्ञ के दूसरे दिन अरणी मंथन से प्रज्ज्वलित हुई यज्ञाग्नि, 108 ब्राह्मणों का हुआ पूजन
- “ब्राह्मणों का आशीर्वाद फलदायी होता है” — विधायक राजेश त्रिपाठी ने पूजन कर लिया आशीर्वाद
संवाददाता - शुभम शर्मा, गोरखपुर
बड़हलगंज। पवित्र सरयू तट स्थित मुक्तिपथ पर चल रहे सप्त दिवसीय पितृ तृप्ति रुद्र महायज्ञ एवं सरयू अमृत महोत्सव के दूसरे दिन सोमवार को वैदिक मंत्रोच्चार, धार्मिक अनुष्ठानों और आध्यात्मिक वातावरण के बीच महायज्ञ की विधिवत शुरुआत हुई। विद्वान ब्राह्मणों ने पारंपरिक विधि से अरणी मंथन कर यज्ञाग्नि प्रज्ज्वलित की, जिसके साथ पूरा यज्ञ परिसर भक्तिमय हो उठा। महायज्ञ के दूसरे दिन श्रद्धा और सनातन परंपरा के अनुरूप 108 विद्वान ब्राह्मणों का पूजन किया गया। कार्यक्रम के आयोजक एवं अध्यक्ष चिल्लूपार विधायक राजेश त्रिपाठी ने कार्यक्रम संयोजक एवं चेयरमैन प्रतिनिधि महेश उमर के साथ ब्राह्मणों का माल्यार्पण कर विधि-विधान से पूजन किया और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।

ब्राह्मणों का आशीर्वाद ईश्वर के आशीर्वाद के समान: राजेश त्रिपाठी
इस अवसर पर विधायक राजेश त्रिपाठी ने ब्राह्मण पूजन के महत्व पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि सनातन परंपरा में मंत्रों और विद्वान ब्राह्मणों का विशेष स्थान है। उन्होंने कहा, “भगवान मंत्रों के अधीन होते हैं और मंत्र ब्राह्मणों के अधीन। इसलिए यह सत्य है कि जब ब्राह्मण प्रसन्न होकर आशीर्वाद देते हैं, तो वह ईश्वर के आशीर्वाद के समान फलदायी होता है।” उन्होंने ब्राह्मण पूजन को धार्मिक आस्था, आध्यात्मिक परंपरा और सनातन संस्कृति के प्रति सम्मान का प्रतीक बताया।
अरणी मंथन के साथ वैदिक अनुष्ठानों का शुभारंभ
महायज्ञ में अरणी मंथन के माध्यम से यज्ञाग्नि प्रज्ज्वलित करना विशेष धार्मिक महत्व रखता है। वैदिक परंपरा के अनुसार, अरणी मंथन द्वारा अग्नि उत्पन्न कर यज्ञ की शुरुआत की जाती है। विद्वान आचार्यों के मंत्रोच्चार और विधिपूर्वक संपन्न अनुष्ठानों से मुक्तिपथ परिसर का वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण हो गया। पितृ तृप्ति रुद्र महायज्ञ एवं सरयू अमृत महोत्सव के अंतर्गत आगामी दिनों में भी धार्मिक अनुष्ठान, श्रीमद्भागवत कथा और संत-महात्माओं के प्रवचन आयोजित किए जाएंगे। आयोजन के माध्यम से श्रद्धालुओं को धर्म, अध्यात्म और सनातन संस्कृति से जुड़ने का अवसर मिल रहा है। सरयू तट पर जारी इस धार्मिक आयोजन में श्रद्धालुओं की आस्था और सहभागिता महोत्सव की भव्यता को निरंतर बढ़ा रही है।







