मां की डांट से नाराज 13 वर्षीय छात्र ने की आत्महत्या, सूरत के रांदेर इलाके में दर्दनाक घटना से पसरा मातम

मां की डांट से नाराज 13 वर्षीय छात्र ने की आत्महत्या, सूरत के रांदेर इलाके में दर्दनाक घटना से पसरा मातम
  • भाई-बहन के साथ कर रहा था मस्ती, मां ने डांटा तो नाराज होकर चला गया बाहर; कुछ ही देर बाद सीढ़ियों की रेलिंग से लटका मिला मासूम

सूरत। गुजरात के सूरत शहर से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। रांदेर इलाके में मां की डांट से नाराज होकर कथित तौर पर 13 वर्षीय एक बच्चे ने आत्महत्या कर ली। घटना के बाद पूरे परिवार में मातम पसरा हुआ है, वहीं आसपास के लोग भी इस हृदयविदारक घटना से स्तब्ध हैं। बताया जा रहा है कि घटना 31 अगस्त की शाम रांदेर क्षेत्र स्थित भुवनेश्वरी सोसायटी में हुई। मृतक छात्र की पहचान सुजल के रूप में बताई गई है, जो महज 13 वर्ष का था और एक स्कूल में कक्षा आठवीं का छात्र था।

भाई-बहन के साथ कर रहा था हंसी-मजाक

जानकारी के अनुसार, सुजल अपने भाई और बहन के साथ घर में हंसी-मजाक और मस्ती कर रहा था। इसी दौरान बच्चों की शरारत और मस्ती को लेकर मां ने उन्हें डांट दिया। बताया जाता है कि मां की डांट से सुजल नाराज हो गया और कुछ देर बाद घर से बाहर चला गया। घटना के समय मां भी अपने आधार कार्ड और पैन कार्ड से संबंधित किसी जरूरी कार्य के लिए घर से बाहर गई थीं।

15 से 20 मिनट बाद घर लौटी मां तो सामने था भयावह दृश्य

कुछ समय बाद, करीब 15 से 20 मिनट के भीतर मां अपना काम पूरा कर घर वापस लौटीं। घर पहुंचने के बाद उन्होंने जो दृश्य देखा, उसे देखकर उनके होश उड़ गए। बताया गया कि उनका बेटा सुजल घर की सीढ़ियों की रेलिंग से लटका हुआ मिला। बेटे को इस हालत में देखकर मां सदमे में आ गईं और उनकी चीख-पुकार सुनकर परिवार के अन्य सदस्य और आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए। आनन-फानन में बच्चे को नीचे उतारा गया और तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। उसे सूरत के सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

महज 13 वर्ष की उम्र में सुजल की मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। जिस बच्चे की हंसी और शरारतों से कुछ समय पहले घर का माहौल सामान्य था, उसी घर में कुछ ही देर बाद मातम और चीख-पुकार गूंजने लगी। बताया गया कि बाद में अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम कराया गया। मामले में संबंधित एजेंसियों द्वारा आवश्यक कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा रही है।

एक दुखद घटना, जो कई गंभीर सवाल छोड़ गई

यह घटना केवल एक परिवार के असहनीय दुख की कहानी नहीं है, बल्कि बच्चों और किशोरों की भावनात्मक स्थिति को समझने की आवश्यकता की ओर भी ध्यान आकर्षित करती है। विशेषज्ञ अक्सर मानते हैं कि बच्चों के व्यवहार में अचानक आए बदलाव, अत्यधिक नाराजगी या भावनात्मक परेशानी को गंभीरता से लेना जरूरी है।

कभी-कभी एक छोटी-सी बात बच्चों के मन पर गहरा प्रभाव डाल सकती है। ऐसे में परिवार के सदस्यों के लिए जरूरी है कि बच्चों से खुलकर बातचीत करें, उनकी भावनाओं को समझें और किसी भी प्रकार की गंभीर परेशानी महसूस होने पर तुरंत भरोसेमंद लोगों अथवा मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों से सहायता लें।

सूरत में घटना के बाद पसरा मातम

रांदेर इलाके में हुई इस घटना से परिवार और स्थानीय लोगों में शोक का माहौल है। एक मां के लिए अपने 13 वर्षीय बेटे को इस तरह खो देना जीवनभर का असहनीय दर्द बन गया है।

एक पल की नाराजगी और कुछ मिनटों के भीतर घटित हुई इस दर्दनाक घटना ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। यह घटना बच्चों के साथ संवाद, उनकी भावनाओं को समझने और भावनात्मक संकट के संकेतों को गंभीरता से लेने की जरूरत को एक बार फिर सामने लाती है।