उफनते नाले पर जान जोखिम में डालकर स्कूल पहुंचे बच्चे, पिकअप से लटकते दिखे छात्र; वायरल वीडियो ने खोली सुरक्षा व्यवस्था की पोल
- छत्तीसगढ़ के जशपुर में तेज बारिश के बीच रपटा पार करते दर्जनों स्कूली बच्चे; वाहन से बाहर लटके नजर आए छात्र, वायरल वीडियो के बाद सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल
आर.वी.9 न्यूज़ | संवाददाता, मनोज कुमार सिंह
जशपुर, छत्तीसगढ़। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले से स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाने वाला एक वीडियो सामने आया है। तेज बारिश के बीच दर्जनों स्कूली बच्चे एक पिकअप वाहन के जरिए उफनते नाले का रपटा पार करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में कुछ बच्चे वाहन के अंदर तो कुछ पिकअप से बाहर लटकते हुए नजर आ रहे हैं। बारिश के दौरान नाले में पानी का बहाव तेज दिखाई दे रहा है। ऐसे में बच्चों का इस तरह जोखिम उठाकर रास्ता पार करना बेहद खतरनाक माना जा रहा है। वीडियो सामने आने और सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बच्चों की सुरक्षा और स्थानीय व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
उफनते नाले के बीच जिंदगी का सफर
वीडियो में देखा जा सकता है कि भारी बारिश के बीच नाले का पानी तेजी से बह रहा है। इसी दौरान एक पिकअप वाहन में बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे सवार होकर रपटा पार करते दिखाई देते हैं। सबसे चिंताजनक दृश्य उस समय सामने आता है जब कुछ छात्र वाहन से बाहर लटकते नजर आते हैं। तेज पानी के बहाव के बीच यदि वाहन का संतुलन बिगड़ता या कोई बच्चा फिसलकर पानी में गिर जाता, तो बड़ा हादसा हो सकता था। यह दृश्य उन परिवारों की चिंता बढ़ाने वाला है, जिनके बच्चे रोजाना ऐसे जोखिम भरे रास्तों से स्कूल आने-जाने के लिए मजबूर होते हैं।
तेज बारिश ने बढ़ाया खतरा
जशपुर में बारिश के दौरान कई नाले और जलधाराएं उफान पर आ जाती हैं। ऐसे में सामान्य दिनों में इस्तेमाल होने वाले रपटे और छोटे पुल भी कई बार खतरनाक हो जाते हैं। बारिश के बीच पानी का स्तर बढ़ने और बहाव तेज होने पर वहां से पैदल या वाहन से गुजरना जोखिम भरा हो सकता है। इसके बावजूद बच्चों का इस तरह नाला पार करना स्थानीय स्तर पर सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल खड़े करता है।
वीडियो वायरल होने के बाद उठे सवाल
स्कूली बच्चों का यह वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने चिंता जताई है। लोगों का सवाल है कि आखिर बच्चों को ऐसी स्थिति में स्कूल जाने के लिए जोखिम क्यों उठाना पड़ रहा है?
क्या बारिश के दौरान इस मार्ग की निगरानी की कोई व्यवस्था है? क्या बच्चों की सुरक्षा के लिए वैकल्पिक रास्ता उपलब्ध कराया गया है? और यदि नाला उफान पर है तो क्या संबंधित विभाग या स्कूल प्रशासन को इसकी जानकारी नहीं होती? इन सवालों के जवाब संबंधित अधिकारियों की जांच और कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे।
एक चूक बन सकती है बड़ी त्रासदी
बच्चों की उम्र और परिस्थितियों को देखते हुए इस तरह का सफर बेहद जोखिमपूर्ण है। पिकअप वाहन में क्षमता से अधिक बच्चों के बैठने की स्थिति और कुछ छात्रों का वाहन से बाहर लटकना खतरे को और बढ़ा देता है। उफनते पानी के बीच वाहन के पहिए फिसलने, इंजन बंद होने या अचानक बहाव बढ़ने की स्थिति में बच्चों की जान पर बन सकती है। ऐसे में किसी दुर्घटना का इंतजार करने के बजाय पहले से सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना जरूरी है।
प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती
वीडियो वायरल होने के बाद अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि प्रशासन बच्चों की सुरक्षित आवाजाही के लिए क्या कदम उठाता है। बारिश के मौसम में ऐसे संवेदनशील मार्गों की पहचान कर वहां सुरक्षा व्यवस्था करना बेहद जरूरी है। स्कूली बच्चों को सुरक्षित तरीके से स्कूल पहुंचाना केवल परिवार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रशासन, स्कूल प्रबंधन और संबंधित विभागों की भी सामूहिक जिम्मेदारी है।
अभिभावकों की चिंता बढ़ी
बच्चों को स्कूल भेजने वाले अभिभावकों के लिए यह वीडियो चिंता का कारण बन गया है। हर माता-पिता की पहली प्राथमिकता अपने बच्चे की सुरक्षा होती है। यदि स्कूल जाने के रास्ते में ही बच्चों को उफनते नाले को पार करना पड़े और वह भी इस तरह जोखिम उठाकर, तो व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
सबसे बड़ा सवाल—बच्चों की सुरक्षा कब होगी सुनिश्चित?
जशपुर का यह दृश्य केवल एक वायरल वीडियो नहीं, बल्कि बारिश के मौसम में ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों की सुरक्षित शिक्षा और आवागमन से जुड़ी गंभीर चुनौती को सामने लाता है। जरूरत इस बात की है कि संबंधित अधिकारी मामले का संज्ञान लें, घटनास्थल की वास्तविक स्थिति की जांच करें और बच्चों के लिए सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था सुनिश्चित करें। क्योंकि शिक्षा तक पहुंच जरूरी है, लेकिन बच्चों की जान की कीमत पर नहीं।
“स्कूल तक पहुंचने का रास्ता सुरक्षित होगा, तभी शिक्षा का सफर सच मायने में सफल होगा।”







