गुवाहाटी में मूसलाधार बारिश से कई जगह भूस्खलन, मकान पर पहाड़ी मलबा गिरा; 4 घायल

गुवाहाटी में मूसलाधार बारिश से कई जगह भूस्खलन, मकान पर पहाड़ी मलबा गिरा; 4 घायल
  • मालिगांव के माधबदेव नगर में बड़ा हादसा • कमाख्या मंदिर मार्ग भी भूस्खलन से प्रभावित, यातायात बाधित

गुवाहाटी (असम)।

असम की राजधानी गुवाहाटी में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को गंभीर रूप से प्रभावित कर दिया है। भारी वर्षा के चलते शहर के कई इलाकों में भूस्खलन (लैंडस्लाइड) की घटनाएं सामने आई हैं। सबसे बड़ा हादसा मालिगांव के गोशाला क्षेत्र स्थित माधबदेव नगर में हुआ, जहां पहाड़ी से भारी मात्रा में मिट्टी और पेड़ एक आवासीय मकान पर आ गिरे। इस घटना में चार लोग घायल हो गए, जिन्हें तत्काल बचाव दल की मदद से निकालकर गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (GMCH) में भर्ती कराया गया है।

पहाड़ी से मलबा गिरने से मचा हड़कंप

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, लगातार बारिश के कारण पहाड़ी की मिट्टी अचानक खिसक गई और देखते ही देखते भारी मात्रा में मलबा तथा पेड़ नीचे बने मकान पर आ गिरे। हादसे के समय घर के अंदर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों और राहत टीम ने तुरंत बचाव अभियान चलाकर घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला।

कमाख्या मंदिर मार्ग पर भी भूस्खलन

भारी बारिश का असर विश्व प्रसिद्ध मां कामाख्या मंदिर जाने वाले मार्ग पर भी देखने को मिला। सड़क के कई हिस्सों में भूस्खलन होने से यातायात प्रभावित हो गया, जिससे श्रद्धालुओं और अन्य यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रशासन ने संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी है और लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।

प्रशासन अलर्ट, राहत एवं बचाव कार्य जारी

लगातार बारिश को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें सतर्क हैं। प्रभावित क्षेत्रों में हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है तथा जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी की गई है।

लोगों से सतर्क रहने की अपील

मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी बारिश जारी रहने की संभावना जताई है। प्रशासन ने पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से अनावश्यक आवाजाही से बचने, संवेदनशील इलाकों में सतर्क रहने तथा किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रशासन को सूचना देने की अपील की है। लगातार हो रही बारिश ने गुवाहाटी में भूस्खलन का खतरा बढ़ा दिया है। मालिगांव में हुआ हादसा इस बात का संकेत है कि पहाड़ी क्षेत्रों में स्थिति अभी भी संवेदनशील बनी हुई है। राहत एवं बचाव कार्य जारी है और प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है।