रक्षाबंधन की खुशियां मातम में बदलीं: दो बाइकों की आमने-सामने भिड़ंत में PRD जवान समेत दो युवकों की मौत, पत्नी घायल
- बहन से राखी बंधवाकर घर लौट रहा था बबलू, ड्यूटी पूरी कर गांव जा रहे थे रामलोचन; सिकरीगंज के हरदत्तपुर पेट्रोल पंप के पास हुआ दर्दनाक हादसा
आर.वी.9 न्यूज़ | संवाददाता- कौस्तुभ तिवारी, गोला, गोरखपुर, उत्तर प्रदेश
गोरखपुर। रक्षाबंधन का पर्व... भाई-बहन के अटूट प्रेम, स्नेह और विश्वास का त्योहार। घर-घर में बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी, लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना की। लेकिन गोरखपुर में इसी पवित्र पर्व की शाम एक ऐसा दर्दनाक हादसा हुआ, जिसने दो परिवारों की खुशियों को पलभर में मातम में बदल दिया। सिकरीगंज थाना क्षेत्र में हरदत्तपुर पेट्रोल पंप के पास दो बाइकों की आमने-सामने हुई भीषण टक्कर में पीआरडी जवान समेत दो युवकों की मौत हो गई, जबकि एक महिला घायल हो गईं।
हादसा इतना भयावह था कि दोनों बाइकें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं और दोनों युवक सड़क पर गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़े। त्योहार की शाम अचानक मची चीख-पुकार ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को जानकारी दी। पुलिस ने दोनों घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
बहन से राखी बंधवाकर घर लौट रहा था बबलू
बेलघाट थाना क्षेत्र के बभनौली गांव निवासी बबलू बेलदार (30) के लिए रक्षाबंधन का दिन बेहद खास था। वह अपनी पत्नी मंजू देवी के साथ उरुवा क्षेत्र के चचाईराम स्थित अपनी बहन के घर राखी बंधवाने गया था। बहन से राखी बंधवाने के बाद दोनों पति-पत्नी बाइक से अपने गांव लौट रहे थे। किसे पता था कि जिस कलाई पर कुछ देर पहले बहन ने भाई की लंबी उम्र की कामना करते हुए राखी बांधी थी, उसी भाई की जिंदगी कुछ ही देर बाद सड़क हादसे में खत्म हो जाएगी। बताया गया कि बबलू जैसे ही सिकरीगंज थाना क्षेत्र में हरदत्तपुर पेट्रोल पंप के पास पहुंचा, तभी सामने से आ रही दूसरी बाइक से उसकी जोरदार भिड़ंत हो गई।
ड्यूटी पूरी कर घर लौट रहे थे PRD जवान रामलोचन
दूसरी बाइक पर गोला थाना क्षेत्र के रानीपुर निवासी पीआरडी जवान रामलोचन (45) सवार थे। वह अपनी ड्यूटी पूरी करने के बाद घर लौट रहे थे। इसी दौरान हरदत्तपुर पेट्रोल पंप के समीप दोनों बाइकों की आमने-सामने टक्कर हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों बाइकें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। टक्कर के बाद बबलू और रामलोचन सड़क पर गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोग घटनास्थल की ओर दौड़े।
मौके पर मची चीख-पुकार, मदद के लिए दौड़े लोग
रक्षाबंधन की शाम जहां लोग त्योहार की खुशियां मना रहे थे, वहीं हरदत्तपुर के पास अचानक हुए हादसे ने माहौल को गमगीन कर दिया। सड़क पर घायल पड़े दोनों युवकों को देखकर लोगों की भीड़ जुट गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी और घायलों की मदद में जुट गए। सूचना मिलते ही सिकरीगंज पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की सहायता से दोनों गंभीर घायलों को तत्काल पीएचसी उरुवा पहुंचाया गया। चिकित्सकों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया।
हादसे में बबलू की पत्नी भी घायल
इस हादसे में बबलू के साथ बाइक पर मौजूद उनकी पत्नी मंजू देवी भी घायल हो गईं। उनके दाहिने पैर में चोट आई। अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत सामान्य बताई गई और उन्हें छुट्टी दे दी गई।
एक ओर पति की मौत का सदमा और दूसरी ओर त्योहार के दिन हुए इस भयावह हादसे ने मंजू देवी और उनके परिवार को गहरे दुख में डाल दिया।
दो घरों में छाया मातम, त्योहार की खुशियां बनीं गम
रक्षाबंधन का पर्व दोनों परिवारों के लिए खुशियों का अवसर था, लेकिन शाम होते-होते यही त्योहार उनके जीवन का सबसे दर्दनाक दिन बन गया। बबलू के घर में जहां बहन की राखी और भाई की सलामती की खुशियां होनी थीं, वहां अचानक मौत की खबर पहुंचते ही कोहराम मच गया।वहीं, ड्यूटी से घर लौट रहे रामलोचन की मौत की खबर उनके परिवार तक पहुंची तो वहां भी चीख-पुकार मच गई। जिन घरों में रक्षाबंधन पर मिठाइयां बांटी जानी थीं, वहां देखते ही देखते मातम पसर गया। यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और सावधानी की गंभीर जरूरत को सामने लाता है। सड़क पर कुछ सेकंड की असावधानी किस तरह किसी परिवार की पूरी जिंदगी बदल सकती है, सिकरीगंज का यह हादसा उसका दर्दनाक उदाहरण बन गया।
पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए शव, जांच में जुटी पुलिस
सिकरीगंज थानाध्यक्ष आशीष कुमार दुबे ने बताया कि दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस हादसे की जांच कर रही है और दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस हादसे के कारणों और दोनों वाहनों की स्थिति की भी जांच कर रही है। जांच के बाद ही दुर्घटना की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी। रक्षाबंधन जैसे पवित्र पर्व पर हुआ यह हादसा सिर्फ दो परिवारों के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए बेहद दुखद घटना है। एक भाई बहन से राखी बंधवाकर घर लौट रहा था, तो दूसरा अपनी ड्यूटी पूरी कर परिवार के बीच पहुंचने की तैयारी में था। दोनों अपने-अपने घरों की ओर जा रहे थे, लेकिन रास्ते में हुई एक भीषण टक्कर ने उनकी जिंदगी का सफर हमेशा के लिए रोक दिया।
त्योहार की शाम दो परिवारों के आंगन में खुशियों की जगह मातम छोड़ गई। कलाई पर बंधी राखी की डोर जहां भाई-बहन के अटूट रिश्ते का प्रतीक थी, वहीं उसी दिन आई मौत की खबर ने इस पर्व की खुशियों को हमेशा के लिए एक दर्दनाक स्मृति में बदल दिया।







