पति के कथित अवैध संबंधों का विरोध करने पर मारपीट का आरोप, सात साल के बच्चे के साथ न्याय की गुहार लेकर थाने पहुंची महिला
आर.वी.9 न्यूज़ | संवाददाता, शुभम शर्मा, गोरखपुर, उ.प्र.
बड़हलगंज। थाना क्षेत्र के भेड़ी ताल छावनी निवासी एक महिला ने अपने पति और ससुराल पक्ष के लोगों पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस से न्याय और सुरक्षा की गुहार लगाई है। पीड़िता श्रीलता वर्मा ने अपने प्रार्थना-पत्र में पति राहुल वर्मा पर कथित रूप से दूसरी महिलाओं से संबंध रखने, विरोध करने पर मारपीट करने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के आरोप लगाए हैं। महिला का कहना है कि पारिवारिक विवाद के बीच वह अपने सात वर्षीय बच्चे के साथ बेहद कठिन परिस्थितियों से गुजर रही है और न्याय की उम्मीद में पुलिस प्रशासन का दरवाजा खटखटा रही है। पीड़िता के मुताबिक उसका उद्देश्य किसी विवाद को बढ़ाना नहीं, बल्कि अपने और अपने बच्चे के लिए सुरक्षित, सम्मानजनक और शांतिपूर्ण जीवन सुनिश्चित करना है। उसने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर यदि आरोप सही पाए जाएं तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।
विरोध करने पर कथित मारपीट और प्रताड़ना का आरोप
श्रीलता वर्मा का आरोप है कि शादी के बाद से ही उसके पति का दूसरी महिलाओं से कथित रूप से संबंध रहा है। महिला का कहना है कि जब वह पति के इस व्यवहार का विरोध करती है और अपने वैवाहिक जीवन तथा परिवार की प्रतिष्ठा को बचाने की बात करती है, तो विवाद बढ़ जाता है। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि विरोध करने पर उसके साथ कथित तौर पर मारपीट की जाती है और उसे मानसिक रूप से परेशान किया जाता है। महिला के अनुसार, पति के कथित व्यवहार को लेकर लंबे समय से दांपत्य जीवन में तनाव बना हुआ है।
‘परिवार बचाने की कोशिश की, लेकिन हालात बिगड़ते गए’
शिकायत में महिला ने पति के कथित चरित्र को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उसका कहना है कि पति के व्यवहार के कारण परिवार में लगातार विवाद की स्थिति बनी रहती है। वह बार-बार स्थिति को संभालने और वैवाहिक संबंध को बचाने का प्रयास करती रही, लेकिन उसके अनुसार परिस्थितियों में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। महिला का कहना है कि विवादों के बीच सबसे अधिक चिंता उसे अपने छोटे बच्चे के भविष्य को लेकर है। सात वर्षीय बच्चे की जिम्मेदारी उसके ऊपर है और पारिवारिक तनाव के कारण वह स्वयं भी मानसिक एवं आर्थिक परेशानियों का सामना कर रही है।
सात साल के बच्चे के भविष्य की चिंता
पीड़िता के अनुसार, वह अपने बच्चे को सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल देना चाहती है। उसका कहना है कि लगातार होने वाले पारिवारिक विवादों का असर बच्चे पर भी पड़ रहा है। ऐसे में वह चाहती है कि मामले का निष्पक्ष समाधान निकले और उसे तथा उसके बच्चे को सुरक्षा एवं न्याय मिले। महिला ने पुलिस प्रशासन से यह भी आग्रह किया है कि उसके बच्चे की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मामले को गंभीरता से लिया जाए।
15 अगस्त के आसपास पति के घर से चले जाने का भी आरोप
प्रार्थना-पत्र में महिला ने 15 अगस्त 2026 के आसपास की एक घटना का भी उल्लेख किया है। उसके अनुसार, इस दौरान पति कथित तौर पर घर छोड़कर चले गए और मोबाइल फोन बंद कर लिया। पीड़िता का कहना है कि इस घटनाक्रम से वह और उसका सात वर्षीय बच्चा परेशान हो गए। महिला ने पुलिस से पूरे घटनाक्रम की जांच कराने और यह पता लगाने की मांग की है कि परिस्थितियां किस वजह से उत्पन्न हुईं।
बड़हलगंज थाने में दिया लिखित प्रार्थना-पत्र
पीड़िता के अनुसार, उसने मामले को लेकर बड़हलगंज थाने में लिखित प्रार्थना-पत्र देकर शिकायत की है। उसने पुलिस से अपने पति एवं ससुराल पक्ष पर लगाए गए आरोपों की जांच करने और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। महिला का कहना है कि वह लंबे समय से पारिवारिक विवाद के कारण परेशान है और अब चाहती है कि पुलिस मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाए।
न्याय और सुरक्षा की आस में महिला
श्रीलता वर्मा का कहना है कि वह किसी भी विवाद को अनावश्यक रूप से बढ़ाना नहीं चाहतीं। उनकी प्राथमिकता अपने और अपने सात वर्षीय बच्चे के लिए सुरक्षित एवं सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करना है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मामले में निष्पक्ष जांच, कथित मारपीट एवं उत्पीड़न के आरोपों की जांच तथा दोष सिद्ध होने पर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है। महिला ने प्रशासन से यह भी उम्मीद जताई है कि उसे और उसके बच्चे को भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े और उन्हें आवश्यक सुरक्षा एवं सहायता उपलब्ध कराई जाए।
आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं, जांच के बाद साफ होगी तस्वीर
इस मामले में यह महत्वपूर्ण है कि प्रार्थना-पत्र में लगाए गए सभी आरोप पीड़िता के पक्ष से किए गए दावे हैं और उनकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। पति एवं ससुराल पक्ष का पक्ष भी सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है। ऐसे में आरोपों की वास्तविकता पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल पीड़िता ने पुलिस से मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की है। अब निगाहें पुलिस की जांच और उसके बाद सामने आने वाले तथ्यों पर टिकी हैं।







