उद्घाटन के डेढ़ महीने में ही भरभराकर गिरी ब्रिज की दीवार, निर्माण गुणवत्ता पर उठे गंभीर सवाल

उद्घाटन के डेढ़ महीने में ही भरभराकर गिरी ब्रिज की दीवार, निर्माण गुणवत्ता पर उठे गंभीर सवाल
  • राजस्थान के बारां में हाई लेवल ब्रिज की एक तरफ की दीवार अचानक ढही; मौके पर पहुंचे PWD अधिकारी, मरम्मत कार्य शुरू

आर.वी.9 न्यूज़ | संवाददाता, मनोज कुमार सिंह

बारां, राजस्थान। राजस्थान के बारां जिले से सार्वजनिक निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े करने वाली खबर सामने आई है। यहां करीब डेढ़ महीने पहले निर्मित हाई लेवल ब्रिज की एक तरफ की दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। ब्रिज की दीवार गिरने की घटना के बाद मौके पर हड़कंप मच गया। गनीमत रही कि घटना के दौरान कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। दीवार गिरने की सूचना मिलते ही PWD विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत का काम शुरू कराया गया है।

डेढ़ महीने पहले हुआ था निर्माण

जानकारी के अनुसार, जिस हाई लेवल ब्रिज की दीवार गिरी है, उसका निर्माण हुए अभी करीब डेढ़ महीना ही बीता था। इतने कम समय में ब्रिज की दीवार के ढह जाने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता और इस्तेमाल की गई सामग्री को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों के बीच भी इस घटना को लेकर चर्चा तेज हो गई है। लोगों का कहना है कि यदि निर्माण के महज कुछ सप्ताह बाद ही ब्रिज की दीवार इस तरह गिर सकती है, तो निर्माण की गुणवत्ता की गंभीरता से जांच होनी चाहिए।

अचानक भरभराकर गिरी दीवार

बताया जा रहा है कि ब्रिज की एक तरफ की दीवार अचानक भरभराकर नीचे आ गिरी। दीवार गिरते ही मौके पर लोगों की भीड़ जुटने लगी। घटना की जानकारी संबंधित विभाग को दी गई, जिसके बाद PWD के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने क्षतिग्रस्त हिस्से का निरीक्षण किया और तत्काल मरम्मत कार्य शुरू कराया। फिलहाल विभाग की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि दीवार गिरने की वास्तविक वजह क्या रही।

निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल

इतने कम समय में ब्रिज की दीवार के गिरने की घटना ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आमतौर पर किसी बड़े सार्वजनिक निर्माण से लोगों को लंबे समय तक सुरक्षित आवागमन की उम्मीद होती है, ऐसे में डेढ़ महीने में ही संरचना के एक हिस्से का ढहना चिंता का विषय माना जा रहा है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या निर्माण के दौरान निर्धारित मानकों का पूरी तरह पालन किया गया था? क्या निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की पर्याप्त जांच हुई थी? और यदि निर्माण में कोई तकनीकी कमी थी तो उसे समय रहते क्यों नहीं पहचाना गया?

इन सवालों का जवाब जांच के बाद ही सामने आ सकेगा।

PWD अधिकारी मौके पर, मरम्मत कार्य जारी

घटना के बाद PWD विभाग के अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत का कार्य कराया जा रहा है। विभाग की ओर से फिलहाल प्राथमिकता ब्रिज को सुरक्षित बनाने और आवागमन में किसी तरह की परेशानी को रोकने की बताई जा रही है। हालांकि, स्थानीय स्तर पर यह मांग भी उठ सकती है कि केवल मरम्मत तक मामला सीमित न रखा जाए, बल्कि ब्रिज निर्माण की गुणवत्ता और तकनीकी मानकों की निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो।

बड़ा हादसा टला, लेकिन सवाल बरकरार

ब्रिज की दीवार गिरने की घटना में फिलहाल किसी बड़े जनहानि की सूचना नहीं है। इसे राहत की बात माना जा रहा है। लेकिन यदि यही दीवार अधिक भीड़ या वाहनों की आवाजाही के दौरान गिरती, तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। ऐसे में घटना को महज एक तकनीकी खराबी मानकर नजरअंदाज करने के बजाय निर्माण की गुणवत्ता, डिजाइन, सामग्री और कार्यप्रणाली की जांच बेहद जरूरी हो जाती है।

अब निगाहें जांच पर

बारां की इस घटना के बाद लोगों की निगाहें PWD विभाग की कार्रवाई और जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं। यदि निर्माण कार्य में किसी स्तर पर लापरवाही या मानकों की अनदेखी सामने आती है तो जिम्मेदारी तय करना जरूरी होगा।

डेढ़ महीने में ब्रिज की दीवार का गिरना सिर्फ एक ढांचे के कमजोर होने की घटना नहीं, बल्कि सार्वजनिक निर्माण की गुणवत्ता और जवाबदेही से जुड़ा गंभीर सवाल है।