सरकारी सहयोग से बदली तकदीर: अनुसूचित जाति के उद्यमी ने खड़ी की हाईटेक इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी, रक्षा और इसरो तक पहुंचा भारत का स्वदेशी नवाचार
- VCF-SC योजना बनी तकनीकी आत्मनिर्भरता की मजबूत नींव, हैदराबाद की कंपनी आज HAL, BEL और ISRO जैसी संस्थाओं के लिए तैयार कर रही अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम
नई दिल्ली/हैदराबाद। भारत को तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की एक महत्वपूर्ण योजना ने नया उदाहरण प्रस्तुत किया है। मंत्रालय के अधीन संचालित अनुसूचित जातियों के लिए वेंचर कैपिटल फंड (VCF-SC) की वित्तीय सहायता से अनुसूचित जाति के युवा उद्यमी मल्लिकार्जुन राव येलीसेला ने हैदराबाद में अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण कंपनी स्मार्ट-वेव्स टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड की स्थापना कर देश के रक्षा, एयरोस्पेस और औद्योगिक इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बनाई है। आज यह कंपनी HAL, BEL, ISRO सहित रक्षा एवं एयरोस्पेस क्षेत्र की कई प्रतिष्ठित संस्थाओं के लिए उन्नत इलेक्ट्रॉनिक सर्किट बोर्ड और एम्बेडेड इलेक्ट्रॉनिक्स समाधान विकसित कर रही है। यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि समय पर मिला संस्थागत सहयोग, नवाचार और उद्यमिता भारत के औद्योगिक विकास को नई गति दे सकते हैं।
रक्षा से लेकर इलेक्ट्रिक वाहनों तक, कई क्षेत्रों के लिए तैयार हो रहे हाईटेक उत्पाद
स्मार्ट-वेव्स टेक्नोलॉजीज एक अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विस (EMS) कंपनी है, जो—
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रक्षा उपकरण,
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एयरोस्पेस सिस्टम,
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औद्योगिक इलेक्ट्रॉनिक्स,
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ऑटोमोबाइल,
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इलेक्ट्रिक वाहन (EV),
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उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स
के लिए इलेक्ट्रॉनिक सर्किट बोर्डों का डिजाइन, विकास, परीक्षण, असेंबली और आपूर्ति करती है। कंपनी आधुनिक तकनीक, उच्च गुणवत्ता मानकों और अनुसंधान आधारित विनिर्माण के कारण तेजी से देश की अग्रणी इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों में अपनी जगह बना रही है।
VCF-SC योजना से मिला ₹4.98 करोड़ का सहयोग
कंपनी की विकास क्षमता को देखते हुए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के वेंचर कैपिटल फंड फॉर शेड्यूल्ड कास्ट्स (VCF-SC) ने वर्ष 2018 में ₹4.98 करोड़ की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई। यह सहायता इक्विटी और वैकल्पिक रूप से परिवर्तनीय डिबेंचर (OCD) के रूप में प्रदान की गई, जिससे कंपनी को अपनी पहली आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण इकाई स्थापित करने में महत्वपूर्ण सहयोग मिला।
सरकारी सहायता से मिली नई उड़ान
इस वित्तीय सहयोग के माध्यम से कंपनी ने—
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आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण इकाई स्थापित की,
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विशेषीकृत उत्पादन मशीनें खरीदीं,
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अनुसंधान एवं विकास (R&D) क्षमता बढ़ाई,
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कुशल इंजीनियरों और तकनीकी विशेषज्ञों की नियुक्ति की,
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रक्षा एवं एयरोस्पेस क्षेत्र में उत्पादन का विस्तार किया।
बढ़ती मांग को देखते हुए कंपनी ने हैदराबाद में दूसरी उच्च उत्पादन क्षमता वाली विनिर्माण इकाई भी स्थापित की, जिससे उत्पादन और रोजगार दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।
महिलाओं को मिला विशेष अवसर
कंपनी की सबसे उल्लेखनीय उपलब्धियों में से एक यह भी है कि इसके कुल कार्यबल में 50 प्रतिशत से अधिक महिलाएं कार्यरत हैं। यह पहल तकनीकी क्षेत्र में महिला सशक्तिकरण और समावेशी औद्योगिक विकास का सशक्त उदाहरण बनकर उभरी है।
128 लोगों को रोजगार, करोड़ों की परिसंपत्ति का निर्माण
आज कंपनी ने—
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128 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार उपलब्ध कराया है।
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इनमें 40 अनुसूचित जाति और 88 अन्य वर्गों के कर्मचारी शामिल हैं।
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₹8.41 करोड़ की परिसंपत्तियों का निर्माण किया है।
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₹18.87 करोड़ का वार्षिक राजस्व अर्जित किया है।
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कंपनी की नेट वर्थ ₹22 करोड़ तक पहुंच चुकी है।
यह उपलब्धियां दर्शाती हैं कि सही नीति और समय पर वित्तीय सहयोग से सामाजिक समावेशन और आर्थिक प्रगति साथ-साथ आगे बढ़ सकती है।
HAL, BEL और ISRO से जुड़े मजबूत व्यावसायिक संबंध
स्मार्ट-वेव्स टेक्नोलॉजीज ने देश की प्रमुख रणनीतिक संस्थाओं जैसे—
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हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL)
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भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL)
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भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO)
के साथ मजबूत व्यावसायिक संबंध स्थापित किए हैं। इसके अलावा कंपनी रक्षा एवं एयरोस्पेस क्षेत्र की कई अन्य प्रतिष्ठित संस्थाओं के साथ भी कार्य कर रही है।
'सरकारी सहायता ने सपने को उद्योग में बदला'
कंपनी के संस्थापक मल्लिकार्जुन राव येलीसेला ने कहा कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की VCF-SC योजना के तहत मिली रियायती वित्तीय सहायता उनके लिए परिवर्तन का सबसे बड़ा माध्यम बनी। उन्होंने कहा कि इस सहयोग से कंपनी रक्षा, एयरोस्पेस और औद्योगिक क्षेत्रों के लिए अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण क्षमता विकसित कर सकी और आज भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता, नवाचार आधारित औद्योगिक विकास तथा उच्च गुणवत्ता वाले रोजगार सृजन में सक्रिय योगदान दे रही है।
आत्मनिर्भर भारत की दिशा में मजबूत कदम
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय का मानना है कि VCF-SC योजना केवल वित्तीय सहायता का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, तकनीकी नवाचार और समावेशी औद्योगिक विकास का प्रभावी मॉडल बन चुकी है। यह योजना अनुसूचित जाति के उद्यमियों को उच्च तकनीक आधारित उद्योग स्थापित करने, गुणवत्तापूर्ण रोजगार सृजित करने और भारत को रक्षा, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं रणनीतिक विनिर्माण के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
नवाचार, सामाजिक न्याय और तकनीकी प्रगति का प्रेरक उदाहरण
स्मार्ट-वेव्स टेक्नोलॉजीज की सफलता इस बात का सशक्त प्रमाण है कि जब प्रतिभा को सही अवसर, समय पर वित्तीय सहयोग और आधुनिक तकनीक का साथ मिलता है, तो वह न केवल एक सफल उद्योग स्थापित करती है, बल्कि राष्ट्र निर्माण, रोजगार सृजन और 'आत्मनिर्भर भारत' के सपने को भी नई मजबूती प्रदान करती है।







