आजमगढ़ में 5 अगस्त को होगा भव्य जिला स्तरीय डेयरी कॉन्क्लेव: आधुनिक तकनीक से बढ़ेगी पशुपालकों की आय, विशेषज्ञ देंगे सफलता के मंत्र
- कलेक्ट्रेट सभागार में जुटेंगे पशुपालक, दुग्ध उत्पादक और कृषि विशेषज्ञ; आधुनिक डेयरी प्रबंधन, पशु स्वास्थ्य, चारा प्रबंधन और सरकारी योजनाओं पर होगा विशेष मार्गदर्शन

आजमगढ़। जनपद के दुग्ध उत्पादकों, पशुपालकों और कृषकों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर आने वाला है। डेयरी व्यवसाय को आधुनिक, वैज्ञानिक और अधिक लाभकारी बनाने के उद्देश्य से दुग्धशाला विकास विभाग एवं पशुपालन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में 5 अगस्त 2026 (बुधवार) को प्रातः 10:00 बजे कलेक्ट्रेट सभागार, आजमगढ़ में जनपद स्तरीय डेयरी कॉन्क्लेव का आयोजन किया जाएगा।

इस कॉन्क्लेव का उद्देश्य डेयरी क्षेत्र से जुड़े किसानों और पशुपालकों को नवीन तकनीकों, वैज्ञानिक प्रबंधन, गुणवत्तापूर्ण दुग्ध उत्पादन तथा केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न लाभकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराना है, ताकि वे आधुनिक डेयरी व्यवसाय अपनाकर अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकें।
आधुनिक डेयरी प्रबंधन पर विशेषज्ञों का विशेष मार्गदर्शन
वरिष्ठ दुग्ध निरीक्षक एवं नोडल अधिकारी, नन्द बाबा दुग्ध मिशन, आजमगढ़ ने बताया कि कार्यक्रम में डेयरी क्षेत्र के विशेषज्ञ आधुनिक डेयरी प्रबंधन से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी देंगे। इसमें—
-
आधुनिक एवं वैज्ञानिक डेयरी प्रबंधन
-
गुणवत्तापूर्ण दुग्ध उत्पादन की तकनीक
-
डेयरी प्रसंस्करण (डेयरी प्रोसेसिंग)
-
संतुलित एवं वैज्ञानिक चारा प्रबंधन
-
पशु स्वास्थ्य एवं रोग नियंत्रण
-
स्वच्छ दुग्ध उत्पादन
-
दुग्ध मूल्य संवर्धन (वैल्यू एडिशन)
-
आधुनिक पशुपालन तकनीक
जैसे विषयों पर विस्तृत व्याख्यान और व्यवहारिक जानकारी दी जाएगी।
सरकारी योजनाओं का मिलेगा सीधा लाभ
कॉन्क्लेव के दौरान दुग्धशाला विकास विभाग एवं पशुपालन विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की भी विस्तार से जानकारी दी जाएगी। विशेषज्ञ किसानों और पशुपालकों को बताएंगे कि वे इन योजनाओं का लाभ उठाकर डेयरी व्यवसाय का विस्तार कैसे कर सकते हैं तथा सरकारी अनुदान, प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता का अधिकतम उपयोग कैसे करें।
पशुपालकों की हर जिज्ञासा का होगा समाधान
कार्यक्रम की एक विशेषता यह भी होगी कि प्रतिभागियों को विशेषज्ञों से सीधे संवाद करने का अवसर मिलेगा। पशुपालक अपने सामने आने वाली समस्याओं, पशुओं की देखभाल, रोग नियंत्रण, दूध उत्पादन बढ़ाने, चारा प्रबंधन और डेयरी व्यवसाय से जुड़े अन्य विषयों पर प्रश्न पूछ सकेंगे, जिनका समाधान विशेषज्ञ मौके पर ही करेंगे।
डेयरी व्यवसाय को मिलेगा नया आयाम
अधिकारियों के अनुसार यह कॉन्क्लेव केवल एक प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं, बल्कि डेयरी क्षेत्र में आधुनिक सोच और वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने की महत्वपूर्ण पहल है। इससे किसानों को डेयरी व्यवसाय को पारंपरिक तरीके से आगे बढ़ाकर व्यावसायिक मॉडल के रूप में विकसित करने की प्रेरणा मिलेगी, जिससे उनकी आय में वृद्धि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
बड़ी संख्या में होगी सहभागिता
इस अवसर पर संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, पशु चिकित्सा विशेषज्ञ, डेयरी तकनीकी विशेषज्ञ, प्रगतिशील कृषक, डेयरी उद्यमी तथा जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में पशुपालकों एवं दुग्ध उत्पादकों के शामिल होने की संभावना है।
अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील

वरिष्ठ दुग्ध निरीक्षक एवं नोडल अधिकारी, नन्द बाबा दुग्ध मिशन, आजमगढ़ ने जनपद के सभी कृषकों, पशुपालकों, दुग्ध उत्पादकों एवं इच्छुक नागरिकों से अपील की है कि वे 5 अगस्त 2026 को प्रातः 10:00 बजे कलेक्ट्रेट सभागार, आजमगढ़ में आयोजित इस महत्वपूर्ण जिला स्तरीय डेयरी कॉन्क्लेव में अधिक से अधिक संख्या में प्रतिभाग करें। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञों द्वारा दी जाने वाली वैज्ञानिक जानकारी, आधुनिक तकनीकों और विभागीय योजनाओं का लाभ उठाकर किसान अपने डेयरी व्यवसाय को अधिक लाभकारी, टिकाऊ और आत्मनिर्भर बना सकते हैं। यह कॉन्क्लेव ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाने और डेयरी क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा।







