'विकसित भारत' की ओर ऐतिहासिक पहल: 2 अगस्त से शुरू होगा 100 सप्ताह का ‘नशा मुक्त युवा संकल्प अभियान’, एक करोड़ से अधिक युवा एक साथ लेंगे शपथ
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे राष्ट्रव्यापी अभियान का शुभारम्भ, 10 हजार स्थानों पर गूंजेगा नशा मुक्त भारत का संकल्प; हर रविवार युवाओं के नेतृत्व में होंगे जन-जागरूकता कार्यक्रम
नई दिल्ली, 29 जुलाई 2026।
विकसित भारत 2047 के संकल्प को साकार करने और देश की युवा शक्ति को नशे के विरुद्ध एकजुट करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार 2 अगस्त 2026 को एक ऐतिहासिक राष्ट्रीय अभियान की शुरुआत करने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देशव्यापी "विकसित भारत के लिए नशा मुक्त युवा संकल्प अभियान" का शुभारम्भ करेंगे। यह केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि युवाओं की भागीदारी से संचालित एक व्यापक जन आंदोलन होगा, जिसका लक्ष्य भारत को नशामुक्त, स्वस्थ और सशक्त राष्ट्र बनाने की दिशा में ठोस सामाजिक परिवर्तन लाना है। अभियान के शुभारम्भ के साथ ही देशभर में लगभग 10,000 स्थानों पर एक साथ शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किए जाएंगे, जिनमें एक करोड़ से अधिक युवा नशा मुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लेंगे। युवा स्वयं को राष्ट्र निर्माण के लिए समर्पित करते हुए नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का वचन देंगे।
100 सप्ताह तक चलेगा देशव्यापी जन आंदोलन
सरकार ने इस पहल को एक दिन या एक सप्ताह के कार्यक्रम तक सीमित न रखते हुए 100 सप्ताह के सतत जनभागीदारी अभियान के रूप में तैयार किया है। अगले लगभग दो वर्षों तक प्रत्येक रविवार देशभर में युवाओं के नेतृत्व में विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनका उद्देश्य नशे के खिलाफ जनचेतना को लगातार मजबूत बनाए रखना है। इस अभियान के अंतर्गत खेल प्रतियोगिताएं, पैदल मार्च, साइकिल रैलियां, योग एवं ध्यान सत्र, नुक्कड़ नाटक, सांस्कृतिक कार्यक्रम, चित्रकला एवं रचनात्मक प्रतियोगिताएं, जनजागरूकता अभियान तथा सामुदायिक संवाद जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन गतिविधियों के माध्यम से युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देते हुए समाज में स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा दिया जाएगा।
'माय भारत' के नेतृत्व में जुड़ेगा पूरा देश
प्रधानमंत्री के आह्वान पर 'माय भारत (MY Bharat)' के नेतृत्व में यह अभियान पूरे देश में जन आंदोलन का स्वरूप लेगा। इसमें राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के स्वयंसेवक, युवा क्लब, स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय, गैर-सरकारी संगठन, औद्योगिक संगठन तथा 125 से अधिक आध्यात्मिक संस्थाएं सक्रिय रूप से भाग लेंगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी व्यापक भागीदारी के साथ यह अभियान देश में मादक पदार्थों के दुरुपयोग के खिलाफ युवाओं के नेतृत्व वाला अब तक का सबसे बड़ा सामाजिक आंदोलन साबित हो सकता है।
श्रेष्ठ योगदान देने वालों का होगा सम्मान
अभियान को निरंतर प्रभावी बनाए रखने और युवाओं को प्रेरित करने के लिए सरकार ने विशेष सम्मान व्यवस्था भी तय की है। अभियान के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वयंसेवकों, संस्थानों और संगठनों को 50वें, 75वें और 100वें सप्ताह पर सम्मानित किया जाएगा। इससे समाज सेवा, नेतृत्व और सामूहिक जिम्मेदारी की भावना को और मजबूती मिलेगी।
युवाओं से राष्ट्रीय आंदोलन का हिस्सा बनने की अपील
केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने देश के युवाओं, शिक्षण संस्थानों, सामाजिक संगठनों और स्वयंसेवी संस्थाओं से इस राष्ट्रीय अभियान में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल कानून के सहारे नहीं जीती जा सकती, बल्कि इसके लिए समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेषकर युवाओं की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि लाखों युवाओं और सामाजिक संगठनों के सामूहिक प्रयासों से यह अभियान एक मजबूत सामाजिक आंदोलन का रूप लेगा, जो लोगों को नशे से दूर रहने, स्वस्थ जीवन अपनाने और राष्ट्र निर्माण में सकारात्मक भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करेगा।
'नशा मुक्त युवा' ही विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत
सरकार का मानना है कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब देश की युवा शक्ति नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से मुक्त होकर शिक्षा, नवाचार, खेल, कौशल और राष्ट्र निर्माण में अपनी ऊर्जा लगाएगी। इसी सोच को केंद्र में रखते हुए अभियान का मूल संदेश रखा गया है— "विकसित भारत की सबसे बड़ी शक्ति नशा मुक्त युवा हैं।"
यह अभियान गांवों, कस्बों और शहरों तक नशामुक्ति का संदेश पहुंचाने के साथ-साथ युवाओं में जिम्मेदारी, अनुशासन और सामाजिक नेतृत्व की भावना को मजबूत करेगा। उम्मीद की जा रही है कि जनभागीदारी पर आधारित यह ऐतिहासिक पहल विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण सामाजिक परिवर्तन का आधार बनेगी और देश को नशामुक्त, जागरूक एवं सशक्त भारत बनाने में मील का पत्थर साबित होगी।







