गोरखपुर के कराटे का विश्व विजय की ओर कदम! नेशनल चैंपियनशिप में चमके खिलाड़ी, कोच चंद्र प्रकाश मौर्य का जापान के लिए चयन
- स्वर्ण, रजत पदकों की शानदार झड़ी, अंतरराष्ट्रीय मंच पर लहराएगा गोरखपुर का परचम; खिलाड़ियों की ऐतिहासिक सफलता से खेल जगत में खुशी की लहर
आर.वी.9 न्यूज़ | संवाददाता, चंद्रप्रकाश मौर्य
गोरखपुर।
प्रतिभा जब कठिन परिश्रम, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ती है, तो सफलता उसके कदम चूमती है। गोरखपुर के कराटे खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर पर अपने दमदार प्रदर्शन से यही साबित कर दिखाया है। नेशनल कराटे चैंपियनशिप में जिले के खिलाड़ियों ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए पदकों की झड़ी लगा दी, वहीं उनके गुरु और कराटे कोच चंद्र प्रकाश मौर्य ने स्वयं प्रतियोगिता में उतरकर रजत पदक जीतते हुए यह सिद्ध कर दिया कि एक सच्चा गुरु केवल सिखाता ही नहीं, बल्कि अपने प्रदर्शन से भी प्रेरणा देता है।

इस उपलब्धि का सबसे गौरवपूर्ण क्षण तब आया, जब कोच चंद्र प्रकाश मौर्य का जापान में आयोजित होने वाली अंतरराष्ट्रीय कराटे प्रतियोगिता के लिए चयन हुआ। यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत संघर्ष और समर्पण का सम्मान है, बल्कि गोरखपुर के खेल इतिहास में भी एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो गई है।
राष्ट्रीय मंच पर गूंजा गोरखपुर का नाम
देशभर से आए प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के बीच आयोजित इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में गोरखपुर के खिलाड़ियों ने अपनी तकनीक, आत्मविश्वास और दमदार प्रदर्शन से निर्णायकों और दर्शकों का दिल जीत लिया। प्रतियोगिता में ईशु पासवान ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण (गोल्ड) पदक अपने नाम किया और जिले का मान बढ़ाया। वहीं वंशिका पांडेय, कंचन यादव और इशिका पासवान ने शानदार मुकाबले खेलते हुए रजत (सिल्वर) पदक जीतकर यह साबित कर दिया कि गोरखपुर की बेटियाँ भी किसी से कम नहीं हैं।


इन खिलाड़ियों की उपलब्धियों ने पूरे जिले को गौरवान्वित कर दिया है और युवा खिलाड़ियों में नई ऊर्जा का संचार किया है।
जब गुरु ही बना प्रेरणा का सबसे बड़ा उदाहरण
प्रतियोगिता का सबसे प्रेरणादायक क्षण वह रहा, जब खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने वाले कराटे कोच चंद्र प्रकाश मौर्य स्वयं फाइट मुकाबलों में उतरे। उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक हासिल किया और अपने अनुभव, तकनीक तथा आत्मविश्वास का अद्भुत परिचय दिया।

उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर उनका चयन जापान में आयोजित होने वाली अंतरराष्ट्रीय कराटे प्रतियोगिता के लिए हुआ। अब वे विश्व मंच पर भारत और गोरखपुर का प्रतिनिधित्व करेंगे। यह उपलब्धि जिले के खेल इतिहास के लिए गर्व का विषय मानी जा रही है।

जापान में लहराएगा तिरंगा, बढ़ेगा गोरखपुर का सम्मान
कराटे की जन्मभूमि माने जाने वाले जापान में प्रतियोगिता के लिए चयन किसी भी खिलाड़ी और प्रशिक्षक के लिए बड़ी उपलब्धि होती है। चंद्र प्रकाश मौर्य अब उसी धरती पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे, जहाँ से कराटे की शुरुआत हुई थी।

खेल प्रेमियों का मानना है कि उनका यह चयन गोरखपुर के युवाओं के लिए नई प्रेरणा बनेगा और जिले में कराटे के प्रति आकर्षण और भी बढ़ेगा।
सेंसाई समीर दास और राजबहादुर ने बढ़ाया खिलाड़ियों का उत्साह
प्रतियोगिता के दौरान सेंसाई समीर दास (असम) एवं राजबहादुर ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने खिलाड़ियों को अनुशासन, आत्मविश्वास और निरंतर अभ्यास का महत्व समझाते हुए कहा कि मेहनत और समर्पण ही किसी खिलाड़ी को राष्ट्रीय से अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाते हैं।
उन्होंने सभी पदक विजेताओं की सराहना करते हुए कहा कि भारत के युवा खिलाड़ियों में विश्व स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की अपार क्षमता है।
कोच बोले—यह सिर्फ शुरुआत है

कराटे कोच चंद्र प्रकाश मौर्य ने इस सफलता का श्रेय अपने खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत, नियमित अभ्यास और अनुशासन को दिया। उन्होंने कहा,
"हर पदक के पीछे वर्षों की मेहनत, त्याग और अनुशासन छिपा होता है। हमारे खिलाड़ियों ने जिस समर्पण के साथ तैयारी की, उसी का परिणाम आज पूरे देश के सामने है। मेरा लक्ष्य केवल पदक जीतना नहीं, बल्कि गोरखपुर से ऐसे खिलाड़ी तैयार करना है जो विश्व मंच पर भारत का तिरंगा ऊंचा करें।"
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में उनके खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी भारत के लिए कई पदक जीतेंगे।
जिले में खुशी की लहर, बधाइयों का लगा तांता
राष्ट्रीय प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन और जापान के लिए चयन की खबर मिलते ही खेल प्रेमियों, अभिभावकों, सामाजिक संगठनों और क्षेत्रवासियों में खुशी की लहर दौड़ गई। सभी ने पदक विजेता खिलाड़ियों, कराटे कोच चंद्र प्रकाश मौर्य, सेंसाई समीर दास (असम) तथा राजबहादुर को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।

गोरखपुर का कराटे अब वैश्विक पहचान की ओर
लगातार राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन और अब जापान जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचना इस बात का प्रमाण है कि गोरखपुर में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। यदि ऐसे खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को निरंतर प्रोत्साहन एवं बेहतर सुविधाएँ मिलती रहीं, तो वह दिन दूर नहीं जब गोरखपुर के खिलाड़ी विश्व चैंपियनशिप और एशियाई प्रतियोगिताओं में भी भारत के लिए पदक जीतते नजर आएंगे।

नेशनल कराटे चैंपियनशिप में गोरखपुर के खिलाड़ियों और उनके गुरु चंद्र प्रकाश मौर्य की यह सफलता केवल पदकों की उपलब्धि नहीं, बल्कि मेहनत, अनुशासन और दृढ़ इच्छाशक्ति की विजय है। जापान के लिए उनका चयन पूरे पूर्वांचल के लिए गर्व का विषय है। यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ी को यह संदेश देती है कि यदि लक्ष्य बड़ा हो और मेहनत ईमानदार, तो कोई भी मंजिल दूर नहीं होती। अब पूरे गोरखपुर की निगाहें जापान में होने वाली प्रतियोगिता पर टिकी हैं, जहाँ हर भारतीय यही कामना करेगा कि गोरखपुर का यह सपूत विश्व मंच पर तिरंगा शान से लहराए।









