नागपंचमी पर गोरखनाथ मंदिर में गूंजी पहलवानों की हुंकार, मुख्यमंत्री योगी ने विजेताओं को किया सम्मानित

नागपंचमी पर गोरखनाथ मंदिर में गूंजी पहलवानों की हुंकार, मुख्यमंत्री योगी ने विजेताओं को किया सम्मानित
  • साढ़े तीन सौ पहलवानों ने अखाड़े में दिखाया दमखम; सीएम बोले—हर गांव में खेल मैदान और हर ब्लॉक में स्पोर्ट्स मैदान बनाने का लक्ष्य, निजी प्रशिक्षण केंद्रों को भी मिलेगा सहयोग

आर.वी.9 न्यूज़ |ब्यूरो चीफ़ - हरेन्द्र कुमार यादव, गोरखपुर, .प्र
गोरखपुर। संवाददाता।

नागपंचमी के पावन पर्व पर गोरखपुर का ऐतिहासिक गोरखनाथ मंदिर परिसर सोमवार को कुश्ती के रोमांच, पहलवानों के जोश और खेल भावना से गूंज उठा। मंदिर परिसर में आयोजित दो दिवसीय प्रदेश स्तरीय सीनियर प्राइजमनी पुरुष कुश्ती प्रतियोगिता के समापन अवसर पर प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए करीब साढ़े तीन सौ पहलवानों ने अखाड़े में अपनी ताकत, तकनीक, फुर्ती और जुझारूपन का शानदार प्रदर्शन किया। समापन समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विजेता पहलवानों को सम्मानित करते हुए उनका उत्साह बढ़ाया। उन्होंने कहा कि कुश्ती केवल शरीर की ताकत आजमाने वाला खेल नहीं, बल्कि यह अनुशासन, आत्मसंयम, संस्कार, साहस और सकारात्मक ऊर्जा का माध्यम है। नागपंचमी जैसे पारंपरिक पर्व पर गोरखनाथ मंदिर परिसर में आयोजित इस प्रतियोगिता ने खेल और भारतीय संस्कृति के खूबसूरत संगम को भी सामने रखा।

अखाड़े में दिखा पहलवानों का दमखम

प्रतियोगिता के दौरान विभिन्न वर्गों में पहलवानों के बीच जबरदस्त मुकाबले देखने को मिले। हर दांव के साथ दर्शकों की उत्सुकता बढ़ती रही और निर्णायक क्षणों में अखाड़ा तालियों और उत्साह से गूंजता रहा। वीर अभिमन्यु वर्ग में सूरज और जनार्दन यादव के बीच रोमांचक मुकाबला हुआ। दोनों पहलवानों ने शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन अंततः सूरज विजेता रहे। वहीं उत्तर प्रदेश कुमार वर्ग में सौरभ और अमित के बीच मुकाबला हुआ। कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच सौरभ ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत हासिल की। उत्तर प्रदेश केसरी वर्ग में प्रशांत कुमार और आकाश कुमार आमने-सामने हुए। इस मुकाबले में आकाश कुमार विजेता बने। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विजेता, उपविजेता और तीसरे स्थान पर रहे पहलवानों को सम्मानित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

पहली बार साढ़े तीन सौ पहलवानों की भागीदारी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस प्रतियोगिता में पहली बार करीब 350 पहलवानों ने भाग लिया है। उन्होंने कहा कि प्रतिकूल मौसम के बावजूद इतनी बड़ी संख्या में युवाओं का प्रतियोगिता में शामिल होना इस बात का प्रमाण है कि प्रदेश के युवाओं में खेलों के प्रति उत्साह लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि बीते वर्षों में देश में खेलों को लेकर सकारात्मक वातावरण तैयार हुआ है और सरकार खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं, प्रशिक्षण तथा अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।

हर गांव में खेल मैदान, हर ब्लॉक में स्पोर्ट्स मैदान का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने खेल संस्कृति को गांव-गांव तक पहुंचाने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की असली खेल प्रतिभा गांवों और छोटे कस्बों में छिपी हुई है। जरूरत है कि इन प्रतिभाओं को शुरुआती स्तर पर ही उचित मंच और संसाधन उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि हर गांव में खेल मैदान और हर ब्लॉक में स्पोर्ट्स मैदान उपलब्ध हो। इससे ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को अपने घर के आसपास ही अभ्यास की सुविधा मिल सकेगी और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को शुरुआती दौर में ही पहचानकर बेहतर प्रशिक्षण दिया जा सकेगा।

निजी प्रशिक्षण केंद्रों को भी मिलेगा सहयोग

मुख्यमंत्री ने कहा कि खिलाड़ियों को उच्चस्तरीय प्रशिक्षण देने के लिए निजी प्रशिक्षण केंद्रों को भी सरकार की ओर से सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि आधुनिक खेल प्रतिस्पर्धा में प्रतिभा के साथ-साथ वैज्ञानिक प्रशिक्षण, फिटनेस, तकनीकी मार्गदर्शन और बेहतर खेल सुविधाएं भी आवश्यक हैं। सरकार का प्रयास है कि खिलाड़ियों को इन सभी सुविधाओं का लाभ मिले और वे राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर सकें।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यूपी के खिलाड़ियों ने बढ़ाया गौरव

मुख्यमंत्री ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में उत्तर प्रदेश के नौ खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया, जिनमें से तीन खिलाड़ियों ने पदक जीतकर प्रदेश का गौरव बढ़ाया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले करीब 500 खिलाड़ियों को सरकार नौकरी देने जा रही है। इसकी प्रक्रिया अगले महीने आगे बढ़ाने की बात भी उन्होंने कही। मुख्यमंत्री के अनुसार, खिलाड़ियों को सम्मान और रोजगार का अवसर देकर सरकार यह संदेश देना चाहती है कि खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले युवाओं के भविष्य की चिंता सरकार करेगी।

‘युवा शक्ति को सकारात्मक दिशा देना जरूरी’

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने युवाओं को नशे और अपराध से दूर रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति देश की सबसे बड़ी ताकत है, लेकिन नशे की प्रवृत्ति और माफियागिरी युवाओं की ऊर्जा को गलत दिशा में ले जा सकती है। उन्होंने कहा कि सरकार नशा माफिया के खिलाफ मजबूती से कार्रवाई कर रही है। युवाओं की ऊर्जा को खेल, शिक्षा, कौशल विकास और रचनात्मक गतिविधियों की ओर ले जाना समाज और राष्ट्र दोनों के लिए आवश्यक है।

स्मार्टफोन का हो सकारात्मक इस्तेमाल

मुख्यमंत्री ने स्मार्टफोन के बढ़ते इस्तेमाल पर भी युवाओं को सचेत किया। उन्होंने कहा कि तकनीक का इस्तेमाल फिजूल की गतिविधियों में करने के बजाय उसका उपयोग शिक्षा, खेल और रचनात्मक कार्यों के लिए किया जाना चाहिए। उन्होंने आत्मसंयम को जीवन की सफलता का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए कहा कि आत्मसंयम से व्यक्ति के भीतर अनुशासन और सकारात्मक ऊर्जा का विकास होता है। उनका संदेश साफ था कि तकनीक तभी उपयोगी है, जब वह व्यक्ति की क्षमता और ज्ञान को बढ़ाने का माध्यम बने।

अखाड़ा सिर्फ कुश्ती नहीं, संस्कारों की पाठशाला

मुख्यमंत्री ने पहलवानों के अनुशासन और संस्कारों का उल्लेख करते हुए कहा कि अखाड़ा केवल दांव-पेंच सीखने की जगह नहीं है, बल्कि यह अनुशासन और संस्कारों की पाठशाला भी है। जब पहलवान अखाड़े में उतरता है तो वह अपने गुरु और कोच का सम्मान करता है। यही परंपरा उसे जीवन में भी अनुशासन और आत्मसंयम का महत्व सिखाती है। उन्होंने कहा कि पहलवान बजरंगबली के उपासक होते हैं और उनके जीवन में साहस, संयम तथा संघर्ष की भावना स्वाभाविक रूप से दिखाई देती है।

खेलों को राजनीतिक स्वार्थ से ऊपर रखने की बात

मुख्यमंत्री ने पूर्व की सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले खेल और खिलाड़ियों के विकास को अपेक्षित महत्व नहीं मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि युवा शक्ति का इस्तेमाल राजनीतिक स्वार्थ के लिए किया जाता था। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार युवाओं को सकारात्मक दिशा देने और उनकी प्रतिभा को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने के लिए काम कर रही है। सरकार का प्रयास है कि युवा अपनी ऊर्जा का इस्तेमाल अपनी प्रतिभा निखारने और प्रदेश तथा देश का नाम रोशन करने में करें।

जल्द आएगी नई युवा नीति

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश सरकार जल्द ही अपनी नई युवा नीति लेकर आने जा रही है। इस नीति के माध्यम से युवाओं के लिए शिक्षा, रोजगार, खेल, कौशल विकास और रचनात्मक गतिविधियों के नए अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जाएगा। उन्होंने प्रतियोगिता में शामिल सभी पहलवानों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

समापन समारोह में जुटे जनप्रतिनिधि और खेल प्रेमी

समापन समारोह में केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारु चौधरी, भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय, कुशीनगर सांसद विजय कुमार दुबे, प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह, जिला अध्यक्ष जनार्दन तिवारी, महानगर अध्यक्ष रमेश चंद्र गुप्ता, विधायकगण, खेल सचिव यूपी सुहास एलवाई, कुश्ती सचिव चंद्र विजय सहित अन्य जनप्रतिनिधि, खेल अधिकारी, खिलाड़ी, खेल प्रेमी और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे।

गांव के अखाड़ों से निकलेंगे अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी

नागपंचमी पर गोरखनाथ मंदिर परिसर में आयोजित यह कुश्ती प्रतियोगिता केवल एक खेल आयोजन नहीं रही, बल्कि इसने उत्तर प्रदेश की समृद्ध अखाड़ा संस्कृति और ग्रामीण खेल प्रतिभाओं की क्षमता को भी सामने रखा। प्रदेश की मिट्टी में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। जरूरत है तो उन्हें सही समय पर पहचानने, उचित प्रशिक्षण देने और पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराने की। यदि गांवों में खेल मैदान और ब्लॉक स्तर पर स्पोर्ट्स सुविधाओं का विस्तार होता है तथा खिलाड़ियों को आधुनिक प्रशिक्षण मिलता है, तो आने वाले समय में उत्तर प्रदेश के अखाड़ों से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनेक चैंपियन निकल सकते हैं।

नागपंचमी पर गोरखनाथ मंदिर में गूंजी पहलवानों की यह हुंकार आने वाले दिनों में खेल के मैदानों से देश-दुनिया तक सुनाई देने की उम्मीद जगाती है।