नौकरी का झांसा देकर महिला से आभूषण झपटने वाला शातिर अपराधी मुठभेड़ में घायल, गिरफ्तार; सुनार भी दबोचा गया
- देवगांव पुलिस की कार्रवाई में .315 बोर का तमंचा, जिंदा व खोखा कारतूस, मोटरसाइकिल, लूटे गए आभूषण और नकदी बरामद; आजमगढ़, वाराणसी व चंदौली में दर्ज हैं कई मुकदमे

आजमगढ़। नौकरी दिलाने का झांसा देकर महिला को अपने साथ ले जाने और रास्ते में उसके पहने हुए आभूषण झपटकर फरार होने के मामले में आजमगढ़ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई का दावा किया है। थाना देवगांव पुलिस की रात में हुई मुठभेड़ के दौरान एक कथित शातिर अंतरजनपदीय अपराधी घायल हो गया, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक आरोपी के कब्जे से अवैध तमंचा, जिंदा कारतूस, खोखे, मोटरसाइकिल, लूटे गए आभूषण और नकदी बरामद की गई है। पुलिस ने लूटे गए आभूषणों में से एक जोड़ी कान के टप्स खरीदने के आरोप में एक सुनार को भी गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से भी पीली धातु के कान के टप्स बरामद होने की बात पुलिस ने कही है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी के विरुद्ध आजमगढ़ के अलावा वाराणसी और चंदौली में चोरी, धोखाधड़ी, चोरी की संपत्ति रखने और अन्य आपराधिक मामलों से जुड़े मुकदमे दर्ज हैं।
नौकरी का झांसा देकर महिला को ले गए थे केराकत
पुलिस के मुताबिक घटना की शुरुआत 17 अगस्त 2026 को हुई, जब वादी मुकदमा अमित प्रताप सिंह, निवासी ग्राम जियासड़, थाना मेहनगर, आजमगढ़ ने थाना देवगांव में तहरीर दी। तहरीर के अनुसार कुछ अज्ञात लोगों ने तीन-चार दिन पहले लालगंज तहसील के सामने उनकी माता को उनके पुत्र को नौकरी दिलाने का झांसा दिया। आरोप है कि इसके बाद उन्हें केराकत तहसील की ओर ले जाया गया और इसी दौरान उनके पहने हुए कान के टप्स तथा कान का सहारा झपट्टा मारकर छीन लिया गया। शिकायत के आधार पर थाना देवगांव में मु0अ0सं0 293/2026, धारा 304(2), 317(2) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
रात में चेकिंग के दौरान मिली शातिर अपराधी की सूचना
पुलिस के अनुसार वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में वांछित अभियुक्तों और शातिर अपराधियों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा था। 17/18 अगस्त की रात थाना देवगांव पुलिस रात्रि गश्त, संदिग्ध व्यक्तियों एवं वाहनों की चेकिंग तथा वांछित अभियुक्तों की तलाश में जुटी थी। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि एक संदिग्ध व्यक्ति मोटरसाइकिल से पल्हना-लहुवां मार्ग की ओर आ रहा है और उसके पास अवैध असलहा भी है।
सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने चेकिंग शुरू की।
पुलिस को देखते ही भागने लगा बाइक सवार
पुलिस का कहना है कि कुछ देर बाद नसीरपुर की तरफ से एक मोटरसाइकिल सवार व्यक्ति आता दिखाई दिया। पुलिस टीम ने उसे रुकने का इशारा किया, लेकिन वह रुकने के बजाय मोटरसाइकिल लेकर भागने लगा। पुलिस ने उसका पीछा किया। इसी दौरान नसीरपुर पुलिया के पास मोटरसाइकिल असंतुलित होकर गिर गई। पुलिस के अनुसार इसके बाद संदिग्ध व्यक्ति ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस टीम द्वारा चेतावनी देने के बाद आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की गई, जिसमें आरोपी के दाहिने पैर में गोली लग गई। घायल होने के बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लिया और तत्काल उपचार के लिए 100 शैय्या संयुक्त अस्पताल लालगंज भेजा।
घायल आरोपी की हुई पहचान
पुलिस के मुताबिक घायल एवं गिरफ्तार आरोपी की पहचान शमीम उर्फ सूरज उर्फ मुमताज उर्फ बब्लू यादव उर्फ समीर अंसारी, पुत्र स्वर्गीय मो. शरीफ, उम्र करीब 36 वर्ष, निवासी डीएलडब्ल्यू जलालीपट्टी, थाना मंडुवाडीह, कमिश्नरेट वाराणसी, हाल पता ग्राम निधौरा, थाना बलुआ, जनपद चंदौली के रूप में हुई। पुलिस ने उसके कब्जे से .315 बोर का देशी तमंचा, एक जिंदा कारतूस और दो खोखा कारतूस बरामद करने का दावा किया है। इसके अलावा पुलिस ने उसके पास से एक मोटरसाइकिल, पीली धातु का एक जोड़ी कान का सहारा और ₹850 नकद बरामद किया।
लूटे गए टप्स खरीदने वाला सुनार भी गिरफ्तार
जांच के दौरान पुलिस को कथित तौर पर जानकारी मिली कि छीने गए आभूषणों में से एक जोड़ी कान का टप्स दिनेश वर्मा, पुत्र रामअवतार वर्मा, निवासी वार्ड नंबर 12, थाना सैदपुर, जनपद गाजीपुर को दिया गया था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दिनेश वर्मा को भी गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से पीली धातु का एक जोड़ी कान का टप्स बरामद होने की बात पुलिस ने कही है। पुलिस के अनुसार दिनेश वर्मा पेशे से सुनार है।
बरामदगी ने खोले जांच के नए रास्ते
देवगांव पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी के कब्जे से बरामद सामान में—
-
01 देशी तमंचा .315 बोर
-
01 जिंदा कारतूस .315 बोर
-
02 खोखा कारतूस .315 बोर
-
01 बजाज डिस्कवर मोटरसाइकिल नंबर PB10CK5791
-
01 जोड़ी कान का सहारा, पीली धातु
-
₹850 नकद
शामिल हैं। वहीं गिरफ्तार सुनार दिनेश वर्मा के कब्जे से 01 जोड़ी कान का टप्स, पीली धातु बरामद होने की जानकारी दी गई है।
आजमगढ़, वाराणसी और चंदौली तक फैला आपराधिक इतिहास
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ अलग-अलग जनपदों और थानों में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस द्वारा उपलब्ध कराए गए विवरण के मुताबिक उसके विरुद्ध निम्न मामले दर्ज हैं—
-
मु0अ0सं0 180/2023, धारा 379, 420, 411 भादवि, थाना सकलडीहा, जनपद चंदौली।
-
मु0अ0सं0 0146/2023, धारा 120-B, 420 भादवि, थाना कोतवाली काशी, कमिश्नरेट वाराणसी।
-
मु0अ0सं0 0086/2017, धारा 376, 411, 420 भादवि, थाना कैंट, कमिश्नरेट वाराणसी।
-
मु0अ0सं0 0058/2015, धारा 406, 420 भादवि, थाना लंका, कमिश्नरेट वाराणसी।
-
मु0अ0सं0 0464/2023, धारा 120-B, 379, 411, 413, 420 भादवि, थाना सारनाथ, कमिश्नरेट वाराणसी।
पुलिस के मुताबिक थाना सकलडीहा, चंदौली के वर्ष 2023 के मुकदमे में आरोप पत्र संख्या A-1 दिनांक 30 दिसंबर 2023 को न्यायालय भेजा जा चुका है।
मुठभेड़ के बाद नए मुकदमे में भी कार्रवाई
पुलिस के अनुसार गिरफ्तारी और बरामदगी के आधार पर थाना देवगांव में मु0अ0सं0 294/2026, धारा 109(1), 351(3) बीएनएस तथा धारा 3/25/27 आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों के संबंध में अग्रिम विधिक कार्रवाई प्रचलित है।
पंजीकृत मुकदमे
मु0अ0सं0 293/2026 — धारा 304(2), 317(2) बीएनएस, थाना देवगांव।
मु0अ0सं0 294/2026 — धारा 109(1), 351(3) बीएनएस तथा धारा 3/25/27 आर्म्स एक्ट, थाना देवगांव।
कार्रवाई में शामिल रही पुलिस टीम
मुठभेड़ और गिरफ्तारी की कार्रवाई में थाना देवगांव के थानाध्यक्ष सुनील कुमार सिंह, उपनिरीक्षक रवीन्द्र नाथ पाण्डेय, उपनिरीक्षक विनय कुमार सिंह, उपनिरीक्षक राजेश कुमार सिंह, हेड कांस्टेबल जितेन्द्र सिंह, हेड कांस्टेबल संजय कुमार दूबे, कांस्टेबल कृष्ण कुमार सिंह, कांस्टेबल आनन्द कुमार, कांस्टेबल सूर्यकान्त, रिजर्व कांस्टेबल देवेश कुमार गुप्ता, रिजर्व कांस्टेबल कमरान अंसारी, कांस्टेबल चालक सुमन प्रभात राय, रिजर्व कांस्टेबल संदीप कुमार सिंह, रिजर्व कांस्टेबल तेजस शुक्ला, रिजर्व कांस्टेबल अमित तिवारी एवं होमगार्ड प्रमांशु राय सहित पुलिसकर्मी शामिल रहे।
जांच से सामने आएगा नेटवर्क का पूरा सच
नौकरी दिलाने का झांसा देकर महिला से आभूषण झपटने के आरोप से शुरू हुई जांच अब कथित अंतरजनपदीय अपराध नेटवर्क तक पहुंचती दिखाई दे रही है। पुलिस द्वारा आरोपी के पास से हथियार और आभूषण बरामद किए जाने तथा वाराणसी, चंदौली और आजमगढ़ से जुड़े पूर्व मामलों का उल्लेख किए जाने के बाद जांच का दायरा और महत्वपूर्ण हो गया है। हालांकि, आरोपियों के विरुद्ध लगाए गए आरोपों और पुलिस की बरामदगी संबंधी दावों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा। फिलहाल पुलिस दोनों गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई आगे बढ़ा रही है और पूरे मामले की जांच जारी है।
देवगांव पुलिस की इस कार्रवाई से नौकरी के नाम पर लोगों को झांसा देकर कथित तौर पर आभूषण हड़पने वाले गिरोह के संबंध में महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद है। आने वाली जांच में यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस घटना में और कितने लोग शामिल थे तथा क्या इस तरह की अन्य घटनाओं से भी आरोपियों का कोई संबंध है।







