सफाई व्यवस्था में लापरवाही पर अब नहीं चलेगी मनमानी, नगर आयुक्त ने कसा शिकंजा
- हर वार्ड में 100 प्रतिशत डोर-टू-डोर कूड़ा उठान का लक्ष्य, वाहन चालकों की होगी सख्त निगरानी; यूजर चार्ज वसूली में हर माह 10 फीसदी बढ़ोतरी के निर्देश
आर.वी.9 न्यूज़ |ब्यूरो चीफ़ - हरेन्द्र कुमार यादव, गोरखपुर, उ.प्र.
गोरखपुर। शहर की सफाई व्यवस्था को और अधिक प्रभावी, जवाबदेह और व्यवस्थित बनाने के लिए नगर निगम ने अब अभियान को और तेज कर दिया है। सफाई व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। नगर आयुक्त अजय जैन की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में जोन संख्या-1 के अंतर्गत आने वाले 17 वार्डों की सफाई व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में 58 डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण वाहनों के चालकों, सुपरवाइजरों और मेठों के कार्यों की समीक्षा करते हुए नगर आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि शहर की सफाई व्यवस्था में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रत्येक वार्ड में शत-प्रतिशत घरों से नियमित कूड़ा उठान सुनिश्चित करने के साथ ही सफाई कर्मचारियों की कार्यप्रणाली की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए गए।
हर वार्ड में 100 प्रतिशत डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण का लक्ष्य
नगर आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी वार्डों में 100 प्रतिशत डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण सुनिश्चित किया जाए। कोई भी घर नियमित कूड़ा उठान की व्यवस्था से वंचित न रहे, इसके लिए रूट और बीट की लगातार निगरानी की जाएगी। विशेष रूप से शाम के समय लगने वाले प्रमुख बाजारों और व्यावसायिक क्षेत्रों में अतिरिक्त सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा वहां नियमित रूप से कूड़ा उठाने के निर्देश दिए गए। नगर निगम की कोशिश है कि शहर में सड़कों, गलियों और बाजारों में कूड़े का ढेर नजर न आए और नागरिकों को स्वच्छ एवं बेहतर वातावरण उपलब्ध हो।
लापरवाही करने वाले वाहन चालकों पर होगी कार्रवाई
समीक्षा बैठक में डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण वाहनों के संचालन को लेकर भी सख्त रुख अपनाया गया। नगर आयुक्त ने कहा कि पार्किंग से वाहन निकालने में अनावश्यक देरी, निर्धारित बीट पर पर्याप्त समय नहीं देना अथवा कूड़ा संग्रहण के कार्य में लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। वाहन चालकों की कार्यप्रणाली पर निगरानी रखते हुए निर्धारित रूट और समय के अनुसार कूड़ा उठान सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही प्रत्येक वाहन से प्रतिदिन दो ट्रिप लगाने को कहा गया, ताकि अधिक से अधिक क्षेत्रों से समयबद्ध तरीके से कूड़ा संग्रहित किया जा सके।
यूजर चार्ज वसूली में हर माह 10 प्रतिशत बढ़ोतरी का लक्ष्य
नगर निगम की राजस्व व्यवस्था को मजबूत करने के लिए यूजर चार्ज वसूली पर भी विशेष जोर दिया गया है। बैठक में यूजर चार्ज की वसूली में प्रत्येक महीने 10 प्रतिशत की वृद्धि का लक्ष्य निर्धारित किया गया। इसके लिए संबंधित कर्मचारियों को अधिक प्रभावी ढंग से कार्य करने तथा नागरिकों एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को यूजर चार्ज व्यवस्था के बारे में जागरूक करने के निर्देश दिए गए। व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का सर्वेक्षण कर उनकी टैगिंग कराने पर भी जोर दिया गया, ताकि कूड़ा संग्रहण व्यवस्था के साथ-साथ नगर निगम की राजस्व प्रणाली को भी बेहतर बनाया जा सके।
हर मकान का मोबाइल नंबर होगा अपडेट
नागरिकों से बेहतर संवाद स्थापित करने के लिए सभी मकानों के मोबाइल नंबर अपडेट करने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसके साथ ही वार्ड स्तर पर नागरिकों के व्हाट्सएप ग्रुप बनाने की योजना पर जोर दिया गया। इन समूहों के माध्यम से लोगों को उनके क्षेत्र में कूड़ा संग्रहण के रूट, वाहन के आने का समय, यूजर चार्ज तथा स्वच्छता व्यवस्था से जुड़ी आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। इससे नगर निगम और नागरिकों के बीच सीधा संवाद स्थापित होने के साथ ही सफाई व्यवस्था में आने वाली समस्याओं की जानकारी भी तेजी से प्राप्त हो सकेगी।
अब तय समय पर होगी सफाई, नई समय-सारणी लागू
सफाई कर्मचारियों की कार्यशैली में अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए नई समय-सारणी लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत सुबह 6:30 बजे से 10:30 बजे तक बीट कर्मचारी ठेले और झाड़ू के साथ प्रत्येक 500 मीटर क्षेत्र में गलियों की सफाई करेंगे। इसके बाद सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक सार्वजनिक स्थलों और खाली प्लॉटों की सफाई का कार्य किया जाएगा। पूरी व्यवस्था की निगरानी मुख्य सफाई निरीक्षक द्वारा की जाएगी, ताकि निर्धारित समय-सारणी के अनुसार कार्य हो और सफाई व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही न रहे।
गीले और सूखे कचरे का स्रोत पर पृथक्करण अनिवार्य
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए गीले और सूखे कचरे का स्रोत पर ही पृथक्करण अनिवार्य किया गया है। नगर निगम का जोर इस बात पर है कि घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से निकलने वाले कचरे को अलग-अलग रखा जाए, जिससे उसके निस्तारण और प्रसंस्करण की प्रक्रिया अधिक प्रभावी हो सके। डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण वाहनों को प्रतिदिन दो ट्रिप लगाने के निर्देश भी इसी व्यवस्था को प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
बाजारों और व्यावसायिक क्षेत्रों पर विशेष नजर
शहर के प्रमुख बाजारों में शाम के समय बढ़ने वाली गतिविधियों और कूड़े की मात्रा को देखते हुए अतिरिक्त सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। साथ ही व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का सर्वेक्षण कर उन्हें टैग करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि कितने प्रतिष्ठान नगर निगम की कूड़ा संग्रहण व्यवस्था से जुड़े हैं और उनसे निर्धारित यूजर चार्ज की वसूली की स्थिति क्या है।
सफाई व्यवस्था में जवाबदेही बढ़ाने पर जोर
बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया गया कि सफाई व्यवस्था केवल कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने से बेहतर नहीं होगी, बल्कि समयबद्ध कार्य, नियमित निगरानी और जवाबदेही के साथ ही शहर को स्वच्छ बनाया जा सकता है। नगर निगम की ओर से अब सफाई कर्मचारियों, वाहन चालकों, सुपरवाइजरों और मेठों के कार्यों की निगरानी को प्राथमिकता दी जा रही है। निर्धारित बीट और समय के अनुसार काम नहीं करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
समीक्षा बैठक में अपर नगर आयुक्त प्रमोद कुमार, जोनल सैनिट्री अधिकारी अखिलेश श्रीवास्तव, जोनल अधिकारी अनुष्का सिंह, मुख्य सफाई निरीक्षक दिनेश बिरौनिया, पीएमयू टीम तथा आईईसी (संवेदना व सृष्टि) की टीम मौजूद रही।
निगरानी से लेकर नागरिक सहभागिता तक—नगर निगम का फोकस
गोरखपुर में सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नगर निगम की रणनीति अब केवल कूड़ा उठाने तक सीमित नहीं है। इसमें डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण, कर्मचारियों की समयबद्ध ड्यूटी, वाहन संचालन की निगरानी, गीले-सूखे कचरे का पृथक्करण, बाजारों की अतिरिक्त सफाई, यूजर चार्ज वसूली और नागरिकों से सीधा संवाद जैसे कई पहलुओं को शामिल किया गया है। यदि इन निर्देशों का प्रभावी ढंग से पालन होता है, तो शहर की सफाई व्यवस्था में न केवल सुधार आएगा, बल्कि नागरिकों की सहभागिता बढ़ने से स्वच्छता अभियान को भी नई गति मिल सकती है।







