गोरखपुर में चार माह पहले हुई शादी, विवाहिता की संदिग्ध मौत – दहेज प्रताड़ना और आपसी कलह से जुड़ा मामला, पुलिस कर रही गहन जांच

गोरखपुर में चार माह पहले हुई शादी, विवाहिता की संदिग्ध मौत – दहेज प्रताड़ना और आपसी कलह से जुड़ा मामला, पुलिस कर रही गहन जांच
  • रसिंह यादव, क्राइम रिपोर्टर गोरखपुर (उ.प्र.)
  • कैमरा मैन – कौस्तुभ तिवारी

गोरखपुर।
जनपद गोरखपुर के गुलरिहा थाना क्षेत्र में शनिवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई जब एक विवाहिता का शव उसके ससुराल स्थित कमरे में संदिग्ध हालात में मिला। मृतका की पहचान संध्या गुप्ता (उम्र लगभग 22 वर्ष) के रूप में हुई है, जिसकी शादी महज़ चार माह पूर्व 8 मई 2025 को जंगल नाकिन निवासी अवनीश गुप्ता से हुई थी।

 शादी के बाद से ही बिगड़े रिश्ते

जानकारी के अनुसार, शादी के शुरुआती दिनों से ही पति-पत्नी के बीच आपसी तालमेल बिगड़ा हुआ था। संध्या कई बार अपने मायके भी लौट गई थी। परिजनों का आरोप है कि ससुराल वाले दहेज को लेकर उसे लगातार प्रताड़ित करते थे। इस तनाव के चलते एक दिन पहले ही महिला थाने में दोनों पक्षों के बीच समझौता कराया गया था। लेकिन समझौते के अगले ही दिन सुबह संध्या मृत अवस्था में पाई गई।

माँ ने लगाया दहेज हत्या का आरोप

मृतका की माँ राजपति देवी ने गुलरिहा थाने में तहरीर देकर अपने दामाद और ससुराल पक्ष के अन्य लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि दहेज की मांग पूरी न होने पर बेटी को मार डाला गया।

पति का पलटवार – मायके जाने पर अड़ी रहती थी पत्नी

वहीं पुलिस पूछताछ में पति अवनीश गुप्ता ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इंकार किया है। उसका कहना है कि शादी के बाद से संध्या हमेशा मायके जाने की जिद करती थी और किसी अज्ञात युवक से बात भी करती थी। पति ने यह भी कहा कि वह कभी वैवाहिक जीवन में खुश नहीं रही। घटना वाली रात दोनों अलग-अलग कमरों में सोए थे और सुबह जब पत्नी को देखा तो वह मरणासन्न अवस्था में बिस्तर पर पड़ी थी।

पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतज़ार

गुलरिहा थाने के प्रभारी जितेंद्र सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। मृतका के शरीर पर किसी प्रकार के चोट के निशान नहीं मिले। प्रारंभिक आशंका ज़हर खाने की जताई गई थी, लेकिन कमरे से कोई दवा या प्वाइजन नहीं बरामद हुआ। मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

 समाज में गूंजा मामला

संध्या की मौत ने इलाके में हड़कंप मचा दिया है। लोग दबी ज़ुबान से इसे "दहेज की बलि" बता रहे हैं, वहीं कुछ लोग पति-पत्नी के आपसी मतभेदों को भी घटना की बड़ी वजह मान रहे हैं। अब सबकी निगाहें पुलिस की जांच और मेडिकल रिपोर्ट पर टिकी हैं।


 यह घटना एक बार फिर समाज के सामने बड़ा सवाल खड़ा करती है कि "क्या चार दिन की खुशियों के बाद भी बेटियाँ दहेज और कलह की भेंट चढ़ती रहेंगी?"