हसनपुर में विकास कार्यों पर उठे सवाल: शिकायतकर्ता असंतुष्ट, प्रधान पक्ष बोला– सब कुछ पारदर्शी

हसनपुर में विकास कार्यों पर उठे सवाल: शिकायतकर्ता असंतुष्ट, प्रधान पक्ष बोला– सब कुछ पारदर्शी
  • हसनपुर में विकास कार्यों की जांच पर घमासान!
  • शिकायतकर्ता बोला– जांच में मिलीभगत, प्रधान पक्ष ने कहा– सबकुछ सही
  •  दूसरी ओर, ग्राम प्रधान अर्चना देवी के पति और प्रतिनिधि मान सिंह ने कहा,
    “जिन कार्यों की जांच की गई, उनमें कोई गड़बड़ी नहीं पाई गई। हम लोग पूरी तरह संतुष्ट हैं।

आर.वी.9 न्यूज़ | संवाददाता, राजेश गुप्ता

आजमगढ़।
हरैया विकासखंड के हसनपुर गांव में शनिवार को प्रशासनिक हलचल देखने को मिली। गांव में मनरेगा के तहत कराए गए कार्यों में गड़बड़ी की शिकायत पर तीन सदस्यीय ब्लॉक स्तरीय जांच टीम गांव पहुंची और मौके पर निरीक्षण किया।

यह जांच गांव निवासी कमलेश पटेल की लिखित शिकायत के आधार पर हुई थी। पटेल का आरोप है कि गांव में मनरेगा के अंतर्गत कराए गए कई कार्यों में अनियमितताएं हैं। उनका कहना है कि शिकायत में जिन बिंदुओं का उल्लेख किया गया था, उनकी सही जांच नहीं की गई। उन्होंने कहा,
"अधिकारियों ने केवल नाली निर्माण का मुआयना किया, जबकि हमारी शिकायतें अन्य कार्यों से जुड़ी थीं। ऐसा प्रतीत हुआ जैसे जांच टीम प्रधान पक्ष के साथ मिलकर मामले को टालना चाहती है।"

पटेल ने यह भी स्पष्ट किया कि वे इस जांच से संतुष्ट नहीं हैं और एक बार फिर जिलाधिकारी से गुहार लगाएंगे। यदि वहां भी कार्रवाई नहीं होती है तो वे न्यायालय का दरवाजा खटखटाने को तैयार हैं।

दूसरी ओर, ग्राम प्रधान अर्चना देवी के पति एवं प्रतिनिधि मान सिंह ने अलग ही रुख पेश किया। उन्होंने कहा,

"गांव के कुछ लोगों ने नाली निर्माण को लेकर आपत्ति जताई थी और अधिकारी उसी की जांच करने आए थे। जिन कार्यों का निरीक्षण हुआ, वे पूरी तरह सही पाए गए। हम इस जांच से पूरी तरह संतुष्ट हैं।"

 कागज़ी कार्य बनाम जमीनी हकीकत

गांव में चर्चा यह भी रही कि पंचायतों में अक्सर जांच केवल उन्हीं कार्यों की होती है जो कागज़ों पर दर्ज हैं, जबकि जमीनी हकीकत कई बार अलग तस्वीर पेश करती है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर सड़कों पर पानी बह रहा है या निकासी की समस्या है, तो यह जिम्मेदारी लेखपाल की होती है कि वह जमीन चिन्हित कर समाधान कराए। जांच टीम को भी इस वास्तविक स्थिति पर ध्यान देना चाहिए था।

 गांव में गहमागहमी, निगाहें डीएम पर

जांच टीम की मौजूदगी ने हसनपुर को दिनभर चर्चा का केंद्र बनाए रखा। ग्रामीणों का जमावड़ा जांच स्थल पर लगा रहा। कई लोगों का मानना है कि जब शिकायतें बार-बार उठ रही हैं तो प्रशासन को निष्पक्ष और पारदर्शी जांच करनी ही चाहिए, ताकि स्थिति साफ हो सके और विकास कार्यों पर से अविश्वास की परत हट सके। अब सबकी निगाहें जिलाधिकारी की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। देखना यह होगा कि वे इस मामले में दोबारा जांच का आदेश देंगे या टीम की मौजूदा रिपोर्ट पर ही अंतिम निर्णय लेंगे।

 बड़ा सवाल

  • क्या पंचायतों में हो रहे विकास कार्य सिर्फ कागज़ों पर पूरे हो रहे हैं?
  • क्या जांच टीमें हकीकत से मुंह मोड़ रही हैं?
  • और क्या हसनपुर की तरह अन्य गांवों में भी यही कहानी दोहराई जा रही है?

अब सबकी नजर डीएम पर

  • गांव वाले पूछ रहे हैं कि जिलाधिकारी अब क्या कदम उठाएंगे?
  • क्या वे नई जांच टीम भेजेंगे या मौजूदा रिपोर्ट पर ही मोहर लगा देंगे?

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  • हसनपुर की यह जांच एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि क्या ग्रामीण विकास कार्य वास्तव में जनता की उम्मीदों पर खरे उतर रहे हैं, या फिर कागज़ों तक ही सीमित हैं?