नवमी पर नारी शक्ति को नमन: सीएम योगी ने पांव पखारकर किया कन्या पूजन, लिया आशीर्वाद, गोरखनाथ मंदिर में गूंजा आस्था का महापर्व
आर.वी.9 न्यूज़ | संवाददाता, शुभम शर्मा, गोरखपुर, उ.प्र.
गोरखपुर। चैत्र नवरात्र की पावन नवमी तिथि पर आस्था, परंपरा और श्रद्धा का अद्भुत संगम उस समय देखने को मिला, जब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मंदिर में पूरे विधि-विधान के साथ कन्या पूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने नारी शक्ति के प्रतीक स्वरूप नौ कन्याओं के पांव पखारकर उनका पूजन किया, उन्हें भोजन कराया, दक्षिणा और उपहार भेंट किए तथा उनका आशीर्वाद ग्रहण किया।

मंदिर परिसर में भक्ति और श्रद्धा का वातावरण उस समय और भी भावुक हो उठा, जब मुख्यमंत्री ने कन्याओं को चुनरी ओढ़ाकर तिलक लगाया और अत्यंत विनम्र भाव से उनके चरण धोए। यह दृश्य न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक था, बल्कि समाज में नारी सम्मान और सशक्तिकरण का सशक्त संदेश भी देता नजर आया।

नवमी के इस विशेष अवसर पर मुख्यमंत्री ने मां दुर्गा के नौवें स्वरूप मां सिद्धिदात्री की आराधना की। वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक रीति-रिवाजों के बीच सम्पन्न हुए इस अनुष्ठान में उन्होंने प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना की।

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि नवरात्र के नौ दिनों का यह पावन अनुष्ठान आज पूर्णता को प्राप्त हो रहा है। नवमी तिथि सभी प्रकार की सिद्धियों, खुशहाली और समृद्धि प्रदान करने वाली मानी जाती है। उन्होंने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए मां दुर्गा से सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की प्रार्थना की।

नवमी के साथ ही रामनवमी का पावन पर्व भी मनाया जाता है, जो भगवान श्री राम के जन्मोत्सव के रूप में पूरे देश में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों के आदर्श हैं, जो हर पीढ़ी को धर्म, मर्यादा और कर्तव्य का मार्ग दिखाते हैं।
कन्या पूजन के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने बटुक भैरव की भी विधिवत पूजा-अर्चना की। सुबह से शुरू हुआ यह धार्मिक अनुष्ठान पूरे दिन मंदिर परिसर में भक्तिमय ऊर्जा का संचार करता रहा।

इससे पूर्व अष्टमी तिथि पर भी मुख्यमंत्री ने शक्तिपीठ में मां महागौरी की पूजा-अर्चना कर हवन और आरती के साथ अनुष्ठान संपन्न किया था। गोरक्षपीठ की परंपरा के अनुरूप संपन्न हुए इन धार्मिक आयोजनों में वैदिक मंत्रों की गूंज और श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने वातावरण को आध्यात्मिक ऊंचाइयों तक पहुंचा दिया।
नवरात्र के पहले दिन से ही गोरखनाथ मंदिर में देवी आदिशक्ति के विभिन्न स्वरूपों की निरंतर पूजा-अर्चना का क्रम जारी है, जो नवमी पर अपनी पूर्णता तक पहुंचा। अब रामनवमी के पावन अवसर पर मंदिर परिसर में श्रीराम जन्मोत्सव की भव्य तैयारी की जा रही है।

आस्था, परंपरा और संस्कृति का यह संगम न केवल धार्मिक महत्व को दर्शाता है, बल्कि समाज को एकजुटता, नारी सम्मान और आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रेरणादायक संदेश भी देता है।







