दवा नहीं, भोजन में बदलाव से मिलेगी रोगों से मुक्ति — बड़हलगंज में एनडीएस स्वास्थ्य शिविर में गूंजा प्राकृतिक जीवन का संदेश

दवा नहीं, भोजन में बदलाव से मिलेगी रोगों से मुक्ति — बड़हलगंज में एनडीएस स्वास्थ्य शिविर में गूंजा प्राकृतिक जीवन का संदेश
  • चिल्लूपार विधायक राजेश त्रिपाठी व चेयरमैन प्रतिनिधि महेश उमर ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया शुभारम्भ, विशेषज्ञ डॉ. सुनील कुमार गुप्ता ने बताई निरोग जीवन की नई राह

आर.वी.9 न्यूज़ | संवाददाता, शुभम शर्मा, गोरखपुर, .प्र.

बड़हलगंज, गोरखपुर | 

तेजी से बदलती जीवनशैली, असंतुलित खानपान और मानसिक तनाव के दौर में जहां एक ओर दुनिया गंभीर और असाध्य बीमारियों से जूझ रही है, वहीं दूसरी ओर प्राकृतिक जीवनशैली और भोजन आधारित चिकित्सा की ओर लोगों का रुझान तेजी से बढ़ रहा है। इसी कड़ी में गुरुवार को बड़हलगंज स्थित राजयोग प्रशिक्षण केंद्र, ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय में आयोजित एक दिवसीय एन.डी.एस. स्वास्थ्य शिविर लोगों के बीच आकर्षण और चर्चा का केंद्र बना रहा।

शिविर में पहुंचे प्रसिद्ध स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. सुनील कुमार गुप्ता ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन से उपस्थित जनसमूह को स्वास्थ्य के प्रति नई सोच दी। उन्होंने कहा कि—

“बीमारियों से स्थायी मुक्ति दवाइयों से नहीं, बल्कि भोजन की प्रक्रिया में परिवर्तन से संभव है।”

उनके इस विचार ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों को गहराई से प्रभावित किया। शिविर में बड़ी संख्या में नगर व आसपास के क्षेत्रों से लोग पहुंचे और प्राकृतिक चिकित्सा, भोजन तकनीक तथा रोगमुक्त जीवन के सिद्धांतों को समझा।


“दवाइयां बीमारी खत्म नहीं करतीं, केवल दबाती हैं” — डॉ. सुनील

अपने संबोधन में डॉ. सुनील कुमार गुप्ता ने आधुनिक जीवनशैली पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज दुनिया में हर दिन नई-नई दवाइयां बाजार में आ रही हैं, लेकिन बीमारियां समाप्त होने के बजाय लगातार बढ़ती जा रही हैं। इसका सबसे बड़ा कारण गलत खानपान और प्रकृति से दूरी है।

उन्होंने कहा—

“हम सभी यह मान बैठे हैं कि बिना अधिक भोजन के शरीर कमजोर हो जाएगा, जबकि वास्तविकता इससे बिल्कुल अलग है। भोजन हमारी शक्ति नहीं, बल्कि कई बार हमारी आसक्ति बन जाता है।”

उन्होंने बताया कि भोजन का मूल उद्देश्य केवल शरीर का निर्माण, 25 वर्ष तक उसका विकास और मांसपेशियों की टूट-फूट की मरम्मत करना है। इसके अतिरिक्त शरीर को शक्ति देने के लिए हमारे ऋषि-मुनियों ने तीन प्रमुख आधार बताए हैं—

  • अच्छी नींद

  • ध्यान

  • सकारात्मक संकल्प


रामायण और गीता के उदाहरणों से समझाया प्राकृतिक जीवन का महत्व

कार्यक्रम के दौरान डॉ. सुनील ने भारतीय संस्कृति, रामायण और गीता का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान राम ने वनवास के दौरान कंद-मूल, फल और प्राकृतिक आहार को अपनाकर स्वस्थ जीवन जिया। उन्होंने कहा कि—

“पत्रम, पुष्पम, फलम, तोयम” की शरण में जाकर मनुष्य अपने शरीर को रोगमुक्त बना सकता है।

उन्होंने एनडीएस तकनीकी के संस्थापक इंजी. बी.बी. चौहान का उदाहरण देते हुए बताया कि वे बचपन से ही अनेक गंभीर बीमारियों से पीड़ित थे। परिस्थितियां इतनी कठिन हो गई थीं कि उन्होंने आत्महत्या तक का विचार बना लिया था, लेकिन रामायण के अध्ययन से उन्हें प्रेरणा मिली और उन्होंने प्राकृतिक भोजन तकनीक को अपनाया। यही आगे चलकर एनडीएस तकनीकी के रूप में विकसित हुई। आज देश-विदेश के लाखों लोग इस तकनीक को अपनाकर स्वस्थ और निरोग जीवन जी रहे हैं।


ग्रीन जूस और अपक्व भोजन से कैंसर तक के इलाज का दावा

डॉ. सुनील कुमार गुप्ता ने शिविर में बताया कि एनडीएस तकनीकी के सिद्धांतों के अनुसार—

  • ग्रीन जूस,

  • प्राकृतिक आहार,

  • अपक्व भोजन (Raw Food Principle),

  • तथा नियंत्रित भोजन प्रणाली

के माध्यम से कैंसर जैसे गंभीर रोगों पर भी सकारात्मक प्रभाव देखा गया है। उन्होंने लोगों से रासायनिक खाद्य पदार्थों और अत्यधिक दवाइयों पर निर्भरता कम करने का आह्वान किया।


विधायक राजेश त्रिपाठी ने किया स्वागत

कार्यक्रम का शुभारम्भ चिल्लूपार विधायक राजेश त्रिपाठी तथा चेयरमैन प्रतिनिधि महेश उमर ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। अपने संबोधन में विधायक राजेश त्रिपाठी ने कहा कि आज के समय में लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना बेहद आवश्यक है। उन्होंने एनडीएस विशेषज्ञों का बड़हलगंज आगमन पर स्वागत करते हुए कहा कि ऐसे शिविर समाज को नई दिशा देने का कार्य करते हैं।


नगर के गणमान्य लोग रहे उपस्थित

इस अवसर पर बड़ी संख्या में सामाजिक, चिकित्सकीय और धार्मिक क्षेत्र से जुड़े लोग मौजूद रहे। प्रमुख रूप से—

  • उषा गुप्ता

  • डॉ. अरुण अग्रवाल

  • डॉ. ए.के. गुप्ता

  • विजयलक्ष्मी जायसवाल

  • बीके रेखा दीदी

  • गोपाल जायसवाल

  • आचार्य वेद प्रकाश त्रिपाठी

  • संतोष जायसवाल

  • लक्ष्मी नारायण गुप्ता

  • उमेश यादव

  • यतीन्द्र नाथ त्रिपाठी

  • विकास गोड

  • हिमांशु गौड़

  • संजय पटवा

  • शिवम सोनी

  • अनंत नारायण गुप्ता

  • मुन्ना निगम

सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।


बड़हलगंज में आयोजित यह एनडीएस स्वास्थ्य शिविर केवल एक स्वास्थ्य कार्यक्रम नहीं, बल्कि लोगों को प्रकृति की ओर लौटने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश देने वाला प्रेरणादायी आयोजन बन गया। आधुनिक भागदौड़ और दवाइयों पर बढ़ती निर्भरता के बीच यह शिविर लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर गया कि शायद स्वास्थ्य का वास्तविक रहस्य प्रकृति, संतुलित भोजन और सकारात्मक जीवनशैली में ही छिपा है।