‘नई किरण’ ने फिर बचाया एक परिवार, टूटने की कगार पर पहुंचा रिश्ता समझौते से जुड़ा—आजमगढ़ पुलिस की पहल रंग लाई

‘नई किरण’ ने फिर बचाया एक परिवार, टूटने की कगार पर पहुंचा रिश्ता समझौते से जुड़ा—आजमगढ़ पुलिस की पहल रंग लाई

आजमगढ़। पारिवारिक विवादों को संवाद, समझ और आपसी सहमति के जरिए सुलझाने की दिशा में आजमगढ़ पुलिस की परिवार परामर्श प्रकोष्ठ/‘नई किरण’ पहल लगातार उम्मीद की नई राह दिखा रही है। इसी क्रम में थाना कोतवाली परिसर स्थित परिवार परामर्श प्रकोष्ठ में आयोजित बैठक के दौरान लंबे समय से विवाद से जूझ रहे एक परिवार के बीच सफलतापूर्वक समझौता कराया गया। रिश्ते में आई दरार को बातचीत और काउंसलिंग के जरिए दूर कर दोनों पक्षों को फिर से साथ आने का अवसर मिला।

20 अगस्त 2026 को आयोजित बैठक में कुल 05 पत्रावलियों में दोनों पक्षों को नोटिस एवं दूरभाष के माध्यम से सूचित कर काउंसलिंग और मध्यस्थता के लिए बुलाया गया था। इनमें से 04 प्रकरणों में दोनों पक्ष उपस्थित हुए। परामर्शदात्री टीम ने संबंधित पक्षों की बात गंभीरता से सुनी और पारिवारिक विवादों के मूल कारणों को समझते हुए समाधान की दिशा में प्रयास किया। टीम की काउंसलिंग के बाद 01 प्रकरण में दोनों पक्षों के बीच सफल समझौता कराया गया।

दहेज की कथित मांग और विवाद ने बिगाड़ा था वैवाहिक जीवन

परिवार परामर्श प्रकोष्ठ के समक्ष आए एक मामले में आवेदिका की ओर से आरोप लगाया गया था कि उसके पति एवं ससुराल पक्ष द्वारा कथित रूप से दहेज में चार पहिया वाहन की मांग की गई। आरोप था कि मांग पूरी न होने पर उसके साथ मारपीट की गई और उसे घर से निकाल दिया गया। आवेदिका की ओर से यह भी बताया गया कि दोनों पक्षों के बीच विदाई की तिथि निर्धारित होने के बावजूद कथित रूप से विदाई नहीं कराई गई, जिसके चलते विवाद और गहरा गया। मामले को परिवार परामर्श प्रकोष्ठ की टीम ने गंभीरता से लिया। दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर उनकी बात सुनी गई और पारिवारिक विवाद को बढ़ाने के बजाय आपसी संवाद के जरिए समाधान तलाशने के लिए समझाया गया।

समझाइश और संवाद से दूर हुई रिश्तों की दूरी

काउंसलिंग के दौरान परामर्शदात्री टीम ने दोनों पक्षों को पारिवारिक जीवन में आपसी समझ, संवाद और सहयोग के महत्व को समझाया। टीम ने दोनों पक्षों से उनके मतभेदों को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने और भविष्य में एक-दूसरे के प्रति सम्मान एवं विश्वास बनाए रखने की अपील की। लगातार बातचीत और समझाइश के बाद दोनों पक्षों के बीच सहमति बनी और एक प्रकरण में सफलतापूर्वक समझौता करा दिया गया। समझौता प्राप्त पक्षकार के रूप में गीता पुत्री रघुवर, ग्राम दौलतपुर, थाना मेंहनगर, जनपद आजमगढ़ का उल्लेख किया गया है।

05 मामलों में हुई कार्रवाई, 04 में पक्षकार पहुंचे

बैठक में कुल 05 पत्रावलियों में दोनों पक्षों को नोटिस अथवा फोन के माध्यम से जानकारी देकर बुलाया गया था। इनमें से 04 मामलों में दोनों पक्ष उपस्थित हुए और उनकी समस्याओं को सुना गया। परामर्शदात्री टीम ने प्रत्येक मामले की परिस्थितियों के अनुसार पक्षकारों से बातचीत की। कुछ मामलों में तत्काल समाधान की स्थिति बनी, जबकि अन्य मामलों को नियमानुसार आगे बढ़ाया गया। पुलिस के अनुसार 03 पत्रावलियां अन्य कारणों से बंद की गईं, जबकि शेष प्रकरण में आगे की सुनवाई के लिए अगली तिथि निर्धारित की जाएगी। संबंधित पक्षकारों को नोटिस अथवा दूरभाष के माध्यम से अगली सुनवाई की जानकारी दी जाएगी।

‘नई किरण’—बिखरते रिश्तों को जोड़ने की कोशिश

आजमगढ़ पुलिस की परिवार परामर्श प्रकोष्ठ/‘नई किरण’ पहल का उद्देश्य केवल शिकायतों पर कार्रवाई करना ही नहीं, बल्कि उन पारिवारिक विवादों में संवाद की गुंजाइश तलाशना भी है, जहां रिश्ते टूटने की स्थिति तक पहुंच चुके हों। इस पहल के माध्यम से पति-पत्नी और परिवार के अन्य सदस्यों के बीच संवाद स्थापित करने, एक-दूसरे की समस्याओं को समझने और आपसी सहमति से विवाद का समाधान तलाशने का प्रयास किया जाता है। सफल समझौते के बाद परिवारों में फिर से सौहार्द, विश्वास और आपसी समझ कायम करने की कोशिश की जाती है।

परिवार बचाने के साथ न्यायिक व्यवस्था का बोझ कम करने का प्रयास

‘नई किरण’ परियोजना का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य ऐसे पारिवारिक विवादों को आपसी सहमति और मध्यस्थता के माध्यम से सुलझाना है, जिन्हें बातचीत के जरिए समाप्त किया जा सकता है। इससे जहां परिवारों को टूटने से बचाने की कोशिश होती है, वहीं पारिवारिक न्यायालयों के कार्यभार को कम करने में भी सहयोग मिलता है। इस पहल के तहत पक्षकारों को अपनी बात रखने का अवसर दिया जाता है और परामर्श के माध्यम से विवाद के शांतिपूर्ण समाधान की राह तलाशने का प्रयास किया जाता है।

बैठक में ये पुलिसकर्मी रहे मौजूद

परिवार परामर्श प्रकोष्ठ/‘नई किरण’ की बैठक में उपनिरीक्षक महेन्द्र प्रसाद तिवारी, उपनिरीक्षक सत्यनारायण यादव, आरक्षी जितेन्द्र कुमार शाह एवं महिला आरक्षी नेहा सिंह मौजूद रहीं/रहे। टीम ने संबंधित पक्षकारों की समस्याएं सुनीं और काउंसलिंग प्रक्रिया के माध्यम से विवादों के समाधान की दिशा में प्रयास किया।

एक समझौता, एक परिवार के लिए नई शुरुआत

पारिवारिक विवादों में अक्सर छोटी-छोटी गलतफहमियां समय के साथ बड़ी दरार में बदल जाती हैं। ऐसे में बातचीत और समझाइश के जरिए रिश्तों को बचाने का प्रयास कई परिवारों के लिए नई शुरुआत का अवसर बन सकता है। आजमगढ़ पुलिस की ‘नई किरण’ पहल के तहत हुआ यह सफल समझौता भी इसी सोच को मजबूती देता है कि संवाद के रास्ते से टूटते रिश्तों को फिर से जोड़ा जा सकता है।

फिलहाल एक प्रकरण में सफल समझौते के बाद संबंधित परिवार के लिए नई उम्मीद जगी है, जबकि अन्य मामलों में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है।