तिरंगे की शान में डूबा सूरत, प्रभारी मंत्री कनुभाई देसाई ने किया ध्वजारोहण; बोले—‘विकसित भारत@2047’ के संकल्प को साकार करने में गुजरात निभाएगा अग्रणी भूमिका

तिरंगे की शान में डूबा सूरत, प्रभारी मंत्री कनुभाई देसाई ने किया ध्वजारोहण; बोले—‘विकसित भारत@2047’ के संकल्प को साकार करने में गुजरात निभाएगा अग्रणी भूमिका
  • जिला स्तरीय स्वतंत्रता पर्व समारोह में गूंजा राष्ट्रभक्ति का संदेश, उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारी सम्मानित; सूरत के विकास मॉडल और उपलब्धियों का किया गया उल्लेख

सूरत। आर.वी.9 न्यूज़ | संवाददाता, मनोज कुमार सिंह

देश के 80वें स्वतंत्रता पर्व के अवसर पर सूरत शहर में जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह पूरे उत्साह, गरिमा और देशभक्ति के वातावरण में आयोजित किया गया। उमरा स्थित कृष्णकुंज पार्टी प्लॉट में आयोजित भव्य समारोह में गुजरात सरकार के जिला प्रभारी एवं वित्त तथा ऊर्जा मंत्री कनुभाई देसाई ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और परेड का निरीक्षण किया। इस अवसर पर राष्ट्रगान की गूंज के बीच पूरा वातावरण देशभक्ति से सराबोर नजर आया। समारोह में जिला कलेक्टर तेजस परमार तथा पुलिस कमिश्नर वाबांग जमीर सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, पुलिसकर्मी, शिक्षक, विद्यार्थी और बड़ी संख्या में राष्ट्रप्रेमी नागरिक उपस्थित रहे। समारोह के दौरान विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर स्वतंत्रता पर्व की गरिमा को और बढ़ाया।

स्वतंत्रता सेनानियों और वीर जवानों को नमन

ध्वजारोहण के बाद उपस्थित नागरिकों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए प्रभारी मंत्री कनुभाई देसाई ने देश की आजादी के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले स्वतंत्रता सेनानियों और अमर क्रांतिकारियों को कृतज्ञतापूर्वक नमन किया। उन्होंने सीमाओं पर देश की रक्षा कर रहे भारतीय सेना के वीर जवानों के प्रति भी सम्मान व्यक्त किया। मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सशक्त नेतृत्व में भारत आज विश्व मंच पर एक सक्षम और आत्मनिर्भर राष्ट्र के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में गुजरात विकास के विभिन्न क्षेत्रों में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि गुजरात का संतुलित, सर्वसमावेशी और तेज विकास ‘विकसित भारत@2047’ के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

हीरा और टेक्सटाइल से लेकर स्मार्ट सिटी तक सूरत की अलग पहचान

मंत्री कनुभाई देसाई ने सूरत की विकास यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि सूरत आज केवल डायमंड और टेक्सटाइल सिटी ही नहीं, बल्कि स्वच्छ शहर, स्मार्ट सिटी, ब्रिज सिटी और अंगदाता सिटी के रूप में भी देश-दुनिया में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुका है। उन्होंने कहा कि विश्व में इस्तेमाल होने वाले प्रत्येक 10 में से करीब 9 हीरों की कटिंग और पॉलिशिंग सूरत में होती है। वहीं भारत में उत्पादित मानव निर्मित यानी सिंथेटिक कपड़े का लगभग 40 प्रतिशत उत्पादन सूरत में होता है। सूरत के निकट हजीरा क्षेत्र में एशिया के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में शामिल औद्योगिक नगरी विकसित हुई है, जिसने रोजगार और औद्योगिक विकास को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। मंत्री के अनुसार, उद्योग, व्यापार और रोजगार के व्यापक अवसरों के कारण आधुनिक सूरत आज ‘मिनी इंडिया’ की तस्वीर प्रस्तुत करता है।

सूरत में आकार ले रहा देश का पहला बुलेट ट्रेन स्टेशन

स्वतंत्रता दिवस समारोह में सूरत की महत्वपूर्ण आधारभूत परियोजनाओं का भी उल्लेख किया गया। मंत्री ने कहा कि मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के तहत देश का पहला बुलेट ट्रेन स्टेशन अंत्रोली क्षेत्र में आकार ले रहा है। इसके साथ ही कपड़ा उद्योग को नई गति देने के उद्देश्य से पीएम मित्रा पार्क जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाएं भी क्षेत्र के औद्योगिक विकास में नई संभावनाएं पैदा कर रही हैं। उन्होंने कहा कि सूरत में आधुनिक बुनियादी ढांचे के विस्तार से विकास की गति लगातार तेज हो रही है।

वॉटर रिसाइक्लिंग में भी सूरत ने बनाई मिसाल

सूरत के जल पुनर्चक्रण मॉडल का उल्लेख करते हुए मंत्री ने कहा कि शहर ने वॉटर रिसाइक्लिंग के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। गंदे पानी को वैज्ञानिक तरीके से शुद्ध कर उद्योगों के उपयोग में लाया जा रहा है। इससे न केवल जल संरक्षण को बढ़ावा मिल रहा है, बल्कि शहर को आर्थिक लाभ भी हो रहा है। मंत्री के अनुसार, इस व्यवस्था से प्रतिवर्ष करीब 140 करोड़ रुपये की आय अर्जित की जा रही है। उन्होंने सूरत की स्वच्छता और कचरा प्रबंधन व्यवस्था का भी उल्लेख किया तथा कहा कि स्वच्छ भारत अभियान, वेस्ट मैनेजमेंट और गार्बेज फ्री सिटी के क्षेत्र में सूरत ने देशभर में उल्लेखनीय स्थान हासिल किया है।

‘विकसित भारत@2047’ की दिशा में गुजरात की तेज रफ्तार

मंत्री ने कहा कि ‘विकसित भारत@2047’ के विजन के अनुरूप गुजरात तेजी से आगे बढ़ रहा है। देश की कुल निर्यात में गुजरात की हिस्सेदारी करीब 26 प्रतिशत बताई गई, जबकि लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में राज्य की लगातार बेहतर स्थिति का भी उल्लेख किया गया। उन्होंने कहा कि दक्षिण गुजरात में पिछले दो वर्षों के दौरान 4,700 करोड़ रुपये से अधिक के करीब 20 इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट स्वीकृत किए गए हैं। इन परियोजनाओं से क्षेत्र में कनेक्टिविटी, औद्योगिक विकास और रोजगार के अवसरों को और गति मिलने की उम्मीद है।

रोजगार और निवेश के क्षेत्र में गुजरात को बताया रोल मॉडल

मंत्री ने कहा कि गुजरात में आयोजित विभिन्न निवेश कार्यक्रमों और रोजगार मेलों के माध्यम से युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं। वर्ष 2026 में चारों जोन में आयोजित VGRS में लगभग 17.50 लाख करोड़ रुपये के निवेश के साथ करीब 15 लाख युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सुनिश्चित होने की बात कही गई। उन्होंने कहा कि उद्योग, निवेश और रोजगार के क्षेत्र में गुजरात देश के सामने एक रोल मॉडल के रूप में उभर रहा है। पिछले वर्ष आयोजित 1,333 रोजगार मेलों के माध्यम से एक लाख से अधिक युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की जानकारी भी समारोह में दी गई।

सेमीकंडक्टर सेक्टर में गुजरात की बड़ी तैयारी

मंत्री ने बताया कि गुजरात देश का पहला राज्य बना जिसने सेमीकंडक्टर नीति घोषित की। साणंद, सूरत और धोलेरा में सेमीकंडक्टर संयंत्रों की योजनाएं आकार ले रही हैं। केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत छह बड़े प्रोजेक्टों से करीब 50 हजार युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना व्यक्त की गई। यह पहल गुजरात को भारत के उभरते इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

पर्यटन विकास को भी मिल रही नई दिशा

गुजरात के पर्यटन विकास का उल्लेख करते हुए मंत्री ने कहा कि सोमनाथ, अंबाजी, द्वारका, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी, शिवराजपुर बीच और कच्छ के रण जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों को केंद्र में रखकर इस वर्ष को ‘पर्यटन वर्ष’ के रूप में मनाया जा रहा है। इसका उद्देश्य राज्य में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक अवसरों को मजबूत करना है।

17 करोड़ से अधिक पौधारोपण का उल्लेख

पर्यावरण संरक्षण के लिए चलाए जा रहे ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का उल्लेख करते हुए मंत्री ने कहा कि गुजरात में 17 करोड़ से अधिक पौधे लगाए गए हैं और इस अभियान में राज्य ने देश में दूसरा स्थान हासिल किया है। उन्होंने नागरिकों से पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने और अधिक से अधिक पौधे लगाने का आह्वान किया।

कानून-व्यवस्था और सुरक्षा पर भी जोर

मंत्री ने कहा कि राज्य में ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत गुजरात पुलिस और एटीएस द्वारा लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसके कारण राज्य में शांति, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का वातावरण बनाए रखने में मदद मिली है। उन्होंने कहा कि विकास के लिए मजबूत कानून-व्यवस्था और सुरक्षित वातावरण बेहद आवश्यक है।

किसानों और प्राकृतिक खेती को लेकर सरकार प्रतिबद्ध

गुजरात के आर्थिक और सर्वांगीण विकास में किसानों के योगदान को महत्वपूर्ण बताते हुए मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की सहायता और कृषि क्षेत्र के विकास के लिए लगातार प्रयासरत है। राज्यपाल के मार्गदर्शन में प्राकृतिक खेती अभियान को भी व्यापक गति मिलने की बात कही गई। उन्होंने प्राकृतिक खेती को पर्यावरण, किसान और आने वाली पीढ़ियों के लिए महत्वपूर्ण बताया।

लंबे समुद्री तट से रोजगार के नए अवसर

मंत्री ने कहा कि देश में सबसे लंबा समुद्री तट रखने वाला गुजरात मत्स्य निर्यात, शिप बिल्डिंग और नई शिपिंग नीति के माध्यम से युवाओं के लिए रोजगार की नई संभावनाएं तैयार कर रहा है। लॉजिस्टिक्स और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में गुजरात की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य पिछले कई वर्षों से इस क्षेत्र में अग्रणी बना हुआ है।

भारी बारिश के दौरान राहत-बचाव अभियान का उल्लेख

हाल में दक्षिण और मध्य गुजरात में हुई भारी बारिश के दौरान NDRF, SDRF, पुलिस और प्रशासनिक टीमों द्वारा किए गए राहत एवं बचाव कार्यों की भी सराहना की गई। मंत्री ने कहा कि आपदा की स्थिति में प्रशासनिक तंत्र ने तत्काल कार्रवाई करते हुए नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ राहत एवं सहायता पहुंचाने का कार्य किया।

उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारी सम्मानित

स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान विभिन्न विभागों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों को मंत्री कनुभाई देसाई के हाथों सम्मानित किया गया। पुलिस, स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन, खेल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को उनकी उल्लेखनीय सेवाओं के लिए सम्मान प्रदान किया गया।

इस अवसर पर मंत्री ने जिले के विकास कार्यों के लिए 25 लाख रुपये का चेक जिला कलेक्टर तेजस परमार को सौंपा।

वृक्षारोपण और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बढ़ाई समारोह की रौनक

समारोह के दौरान मंत्री एवं अन्य गणमान्य अतिथियों ने वृक्षारोपण किया। विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने देशभक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण में राष्ट्रप्रेम और उत्साह का संचार कर दिया। कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित नागरिकों ने भी तालियों की गड़गड़ाहट के साथ बच्चों का उत्साह बढ़ाया।

बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद

समारोह में सांसद मुकेशभाई दलाल, विधायक संदीपभाई देसाई, प्रवीण घोघारी, जिला पंचायत अध्यक्ष समीरभाई मोदी, जिला कलेक्टर तेजस परमार, पुलिस कमिश्नर वाबांग जमीर, जिला विकास अधिकारी देवेंद्र प्रकाश मीणा, उप वन संरक्षक धीरज कुमार, निवासी अतिरिक्त कलेक्टर विजय रबारी, संयुक्त सूचना निदेशक अरविंद मछार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, पुलिस जवान, शिक्षक, विद्यार्थी और बड़ी संख्या में राष्ट्रप्रेमी नागरिक उपस्थित रहे।

सूरत में आयोजित जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह ने राष्ट्रभक्ति, विकास और जनसेवा का संदेश दिया। ध्वजारोहण से लेकर परेड निरीक्षण, वीर स्वतंत्रता सेनानियों को नमन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और उत्कृष्ट कर्मचारियों के सम्मान तक पूरा आयोजन देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत रहा। प्रभारी मंत्री कनुभाई देसाई ने गुजरात की विकास यात्रा और सूरत की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए कहा कि आत्मनिर्भरता, समावेशी विकास, औद्योगिक प्रगति, रोजगार, पर्यावरण संरक्षण और मजबूत आधारभूत ढांचे के साथ गुजरात ‘विकसित भारत@2047’ के संकल्प को पूरा करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध है।

 

सूरत का तिरंगा समारोह केवल स्वतंत्रता की खुशी का उत्सव नहीं, बल्कि विकास, जिम्मेदारी और राष्ट्रनिर्माण के संकल्प का भी प्रतीक बनकर सामने आया।