मैसूरु में सजेगा कराटे का राष्ट्रीय महासंग्राम: जापान में तिरंगा लहराने का सुनहरा मौका, देशभर के उभरते सितारे दिखाएंगे दमखम
- आर.वी.9 न्यूज़ | संवाददाता, चंद्रप्रकाश मौर्य
मैसूरु (कर्नाटक), 24 जुलाई।
भारत में कराटे खेल को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने वाला एक ऐतिहासिक खेल महाकुंभ शनिवार से मैसूरु की धरती पर शुरू होने जा रहा है। देशभर के कराटे खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और खेल प्रेमियों की निगाहें अब कर्नाटक के सांस्कृतिक नगर मैसूरु पर टिकी हैं, जहाँ 25 एवं 26 जुलाई को 29वीं ऑल इंडिया शितोर्यू कराटे-डो चैंपियनशिप 2026 का भव्य आयोजन चामुंडी विहार स्टेडियम में होगा।
यह प्रतियोगिता केवल राष्ट्रीय स्तर पर श्रेष्ठ खिलाड़ियों के चयन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उन खिलाड़ियों के लिए भी सुनहरा अवसर है जो अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का परचम लहराने का सपना देख रहे हैं। इस चैंपियनशिप के उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को जापान के योकोहामा में आयोजित होने वाली 11वीं शितोर्यू कराटेडो इंटरनेशनल चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिलेगा। यही कारण है कि इस प्रतियोगिता को देश के कराटे खिलाड़ियों के लिए सबसे प्रतिष्ठित आयोजनों में से एक माना जा रहा है।
देशभर से जुटेंगे सैकड़ों खिलाड़ी, प्रतिभा और अनुशासन का होगा अद्भुत संगम
प्रतियोगिता का आयोजन ऑल इंडिया शितोर्यू कराटे-डो यूनियन (AISKU) के तत्वावधान में किया जा रहा है। इस राष्ट्रीय आयोजन में भारत के विभिन्न राज्यों से आए सैकड़ों प्रतिभाशाली खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। दो दिनों तक चलने वाले इस खेल महाकुंभ में खिलाड़ियों के बीच काता (तकनीकी प्रदर्शन) और कुमिते (मुकाबला स्पर्धा) के रोमांचक मुकाबले होंगे।

हर खिलाड़ी अपनी वर्षों की मेहनत, अनुशासन, आत्मविश्वास और तकनीकी कौशल का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए पूरी तरह तैयार है। स्टेडियम में खेल भावना, अनुशासन और जोश का ऐसा अद्भुत संगम देखने को मिलेगा, जो दर्शकों को रोमांचित कर देगा।
राष्ट्रीय खिताब से लेकर अंतरराष्ट्रीय पहचान तक का सफर
इस प्रतियोगिता का सबसे बड़ा आकर्षण यह है कि यहाँ शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों के लिए जापान में आयोजित होने वाली विश्वस्तरीय प्रतियोगिता के द्वार खुलेंगे। अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करना हर खिलाड़ी का सपना होता है और यह चैंपियनशिप उस सपने को साकार करने का मजबूत माध्यम बन रही है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के राष्ट्रीय आयोजन केवल पदक जीतने तक सीमित नहीं रहते, बल्कि खिलाड़ियों के व्यक्तित्व, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और आत्मविश्वास को भी नई दिशा प्रदान करते हैं। यही प्रतियोगिताएँ भविष्य के अंतरराष्ट्रीय चैंपियन तैयार करती हैं।
कराटे के प्रति बढ़ता आकर्षण, युवाओं में नई ऊर्जा
पिछले कुछ वर्षों में भारत में कराटे के प्रति युवाओं का आकर्षण लगातार बढ़ा है। स्कूलों, कॉलेजों और खेल अकादमियों में कराटे प्रशिक्षण लेने वाले खिलाड़ियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इसका प्रमुख कारण यह है कि कराटे केवल एक खेल नहीं, बल्कि आत्मरक्षा, आत्मविश्वास, मानसिक संतुलन और अनुशासित जीवनशैली का भी सशक्त माध्यम है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी राष्ट्रीय प्रतियोगिताएँ युवा खिलाड़ियों को नई प्रेरणा देती हैं और उन्हें बड़े सपने देखने के लिए प्रोत्साहित करती हैं। यही मंच भविष्य के अंतरराष्ट्रीय पदक विजेताओं और देश के गौरव बनने वाले खिलाड़ियों को तैयार करता है।
खिलाड़ियों में उत्साह, प्रशिक्षकों और अभिभावकों को बड़ी उम्मीदें
देशभर से आए प्रशिक्षकों और अभिभावकों में भी इस प्रतियोगिता को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। महीनों की कठिन तैयारी, नियमित अभ्यास और अनुशासित प्रशिक्षण के बाद खिलाड़ी इस राष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा साबित करने उतरेंगे। सभी की निगाहें उन खिलाड़ियों पर रहेंगी जो अपने शानदार प्रदर्शन से चयनकर्ताओं का ध्यान आकर्षित करेंगे।
मैसूरु बनेगा खेल प्रतिभाओं का केंद्र
दो दिनों तक मैसूरु का चामुंडी विहार स्टेडियम कराटे की ऊर्जा, अनुशासन और रोमांच का केंद्र बना रहेगा। हर मुकाबले के साथ खिलाड़ियों की प्रतिभा, साहस और संघर्ष की नई कहानी सामने आएगी। यह आयोजन न केवल खिलाड़ियों के लिए उपलब्धियों का मंच बनेगा, बल्कि भारत में कराटे खेल के विकास की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। 29वीं ऑल इंडिया शितोर्यू कराटे-डो चैंपियनशिप 2026 केवल एक राष्ट्रीय प्रतियोगिता नहीं, बल्कि देश के उभरते खिलाड़ियों के सपनों को नई उड़ान देने वाला ऐतिहासिक मंच है। पूरे देश की निगाहें अब मैसूरु पर हैं, जहाँ से कई नए सितारे उभरेंगे और जापान की धरती पर भारत का तिरंगा गर्व से लहराने का संकल्प लेकर आगे बढ़ेंगे। देशवासियों को उम्मीद है कि भारतीय खिलाड़ी अपने अदम्य साहस, अनुशासन और उत्कृष्ट प्रदर्शन से विश्व मंच पर देश का गौरव बढ़ाएँगे। खेल भावना, मेहनत और समर्पण की यह अनूठी मिसाल आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा बनेगी।







