पर्यावरण संरक्षण की दिशा में VNSGU का एक और बड़ा कदम: ‘प्लास्टिक मुक्त कैंपस’ के लिए चलाया श्रमदान अभियान

पर्यावरण संरक्षण की दिशा में VNSGU का एक और बड़ा कदम: ‘प्लास्टिक मुक्त कैंपस’ के लिए चलाया श्रमदान अभियान
  • कुलपति से लेकर विद्यार्थियों तक सभी ने संभाली सफाई की जिम्मेदारी, कैंपस से प्लास्टिक कचरा हटाकर दिया स्वच्छ पर्यावरण का संदेश

सूरत। पर्यावरण संरक्षण की शुरुआत अपने घर और कार्यस्थल से करने के संदेश को साकार करते हुए वीर नर्मद दक्षिण गुजरात विश्वविद्यालय (VNSGU) में ‘प्लास्टिक मुक्त कैंपस’ अभियान का सफल आयोजन किया गया। पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी को केवल जागरूकता और भाषणों तक सीमित न रखते हुए उसे धरातल पर उतारने के उद्देश्य से विश्वविद्यालय परिसर में विशेष श्रमदान अभियान चलाया गया। इस अभियान में विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. किशोरसिंह एन. चावड़ा, कुलसचिव डॉ. रमेशदान गढ़वी, विभिन्न विभागों के प्रमुखों, शिक्षकों, कर्मचारियों और बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

अधिकारियों ने स्वयं संभाली सफाई की जिम्मेदारी

अभियान की सबसे खास बात यह रही कि विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी और पदाधिकारी स्वयं सफाई अभियान में शामिल हुए। सभी ने सामूहिक रूप से विश्वविद्यालय परिसर में फैले प्लास्टिक कचरे को एकत्र किया और उसके उचित निस्तारण की दिशा में कार्य किया। विश्वविद्यालय प्रशासन की इस पहल ने यह संदेश दिया कि स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण केवल किसी एक व्यक्ति या संस्था की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।

विद्यार्थियों में जागी पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी

अभियान के दौरान विद्यार्थियों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। श्रमदान के माध्यम से युवाओं को प्लास्टिक के बढ़ते उपयोग से पर्यावरण को होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक किया गया। प्रतिभागियों ने संदेश दिया कि यदि हर व्यक्ति अपने दैनिक जीवन में प्लास्टिक के अनावश्यक उपयोग को कम करने का संकल्प ले, तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।

VNSGU परिवार ने लिया विशेष संकल्प

श्रमदान अभियान के समापन पर पूरे VNSGU परिवार ने दैनिक जीवन में प्लास्टिक के अनावश्यक उपयोग से बचने, प्लास्टिक कचरे का उचित निस्तारण करने तथा समाज के अन्य लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि पर्यावरण संरक्षण के लिए छोटे-छोटे प्रयास भी भविष्य में बड़े बदलाव का आधार बन सकते हैं।

‘स्वच्छ कैंपस, स्वस्थ पर्यावरण’ की ओर मजबूत कदम

इस श्रमदान अभियान के माध्यम से वीर नर्मद दक्षिण गुजरात विश्वविद्यालय ने ‘स्वच्छ कैंपस और स्वस्थ पर्यावरण’ की दिशा में एक मजबूत और प्रेरणादायक कदम उठाया है। यह पहल केवल विश्वविद्यालय परिसर की सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज को भी यह संदेश देती है कि पर्यावरण संरक्षण के लिए हमें स्वयं आगे आना होगा।

आज जब प्लास्टिक प्रदूषण दुनिया के सामने एक गंभीर चुनौती बन चुका है, तब शैक्षणिक संस्थानों द्वारा इस प्रकार की पहल समाज के लिए प्रेरणास्रोत बन सकती है। VNSGU का यह अभियान सामूहिक जिम्मेदारी, सामाजिक जागरूकता और पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।

संदेश साफ है—अगर हम आज प्लास्टिक के अनावश्यक उपयोग को नहीं रोकेंगे, तो आने वाली पीढ़ियों को इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। इसलिए आइए, संकल्प लें—स्वच्छ परिसर, स्वच्छ शहर और स्वस्थ पर्यावरण के निर्माण में अपनी जिम्मेदारी निभाएं।