सलाम उन वर्दी के सच्चे सिपाहियों को: आजमगढ़ पुलिस लाइन में 7 कर्मयोगियों को सम्मानपूर्ण विदाई, भावुक हुआ सेवा सम्मान समारोह

सलाम उन वर्दी के सच्चे सिपाहियों को: आजमगढ़ पुलिस लाइन में 7 कर्मयोगियों को सम्मानपूर्ण विदाई, भावुक हुआ सेवा सम्मान समारोह
  • दशकों तक कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी निभाने वाले पुलिसकर्मियों का हुआ अभिनंदन, पुष्पमाला, स्मृति-चिन्ह और मिठाई देकर किया गया सम्मानित


आजमगढ़। वर्दी केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र की सुरक्षा का ऐसा संकल्प है, जिसे निभाने के लिए पुलिसकर्मी अपने जीवन का सबसे महत्वपूर्ण समय समर्पित कर देते हैं। वर्षों तक दिन-रात जनता की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और सामाजिक शांति बनाए रखने में अपना अमूल्य योगदान देने वाले ऐसे ही सात कर्मयोगियों को शुक्रवार को पुलिस लाइन, आजमगढ़ में भावभीनी और गरिमामयी विदाई दी गई। सेवा सम्मान समारोह के दौरान पूरे परिसर का वातावरण सम्मान, आत्मीयता और भावनाओं से भर उठा।

पुलिस विभाग से सेवानिवृत्त हुए सात पुलिसकर्मियों के सम्मान में आयोजित इस विशेष समारोह में अपर पुलिस अधीक्षक नगर श्री मधुबन कुमार सिंह ने सभी को पुष्पमाला पहनाकर, मिठाई खिलाकर तथा स्मृति-चिन्ह (मोमेंटो) भेंट कर सम्मानपूर्वक विदाई दी। समारोह में मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों ने तालियों की गूंज के बीच अपने वरिष्ठ साथियों की वर्षों की सेवाओं को नमन किया और उनके उज्ज्वल, स्वस्थ एवं सुखद भविष्य की कामना की।

"सेवानिवृत्ति अंत नहीं, अनुभव की नई शुरुआत है"

अपने प्रेरणादायी संबोधन में अपर पुलिस अधीक्षक नगर श्री मधुबन कुमार सिंह ने कहा कि पुलिस विभाग में लंबे समय तक निष्ठा, ईमानदारी और अनुशासन के साथ सेवाएं देने वाले अधिकारी एवं कर्मचारी विभाग की सबसे मूल्यवान पूंजी हैं। उन्होंने कहा कि जिन पुलिसकर्मियों ने वर्षों तक कठिन परिस्थितियों में भी कर्तव्य का निर्वहन किया, उनका योगदान सदैव याद रखा जाएगा।

उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्ति केवल सरकारी सेवा का समापन है, कर्तव्यनिष्ठा और अनुभव का नहीं। ऐसे अनुभवी पुलिसकर्मी समाज के लिए हमेशा प्रेरणा बने रहेंगे। उनका जीवन, संघर्ष और सेवा भाव नई पीढ़ी के पुलिसकर्मियों के लिए मार्गदर्शक का कार्य करेगा।

सम्मान और आत्मीयता से भरा रहा समारोह

समारोह के दौरान सभी सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। पुष्पमालाओं से सम्मानित किए जाने के बाद उन्हें स्मृति-चिन्ह भेंट किए गए और मिठाई खिलाकर उनके वर्षों के समर्पण के प्रति विभाग की ओर से आभार व्यक्त किया गया। इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों ने उनके साथ बिताए गए सेवा काल की स्मृतियों को साझा किया, जिससे कार्यक्रम का वातावरण भावुक और आत्मीय बन गया।

इन कर्मयोगियों को मिला सम्मान

सेवा सम्मान समारोह में जिन पुलिसकर्मियों को सम्मानपूर्वक विदाई दी गई, उनमें—

  • उपनिरीक्षक वासूदेव साहनी

  • उपनिरीक्षक वरूणेश कुमार मिश्रा

  • उपनिरीक्षक दयाकान्त सिंह

  • उपनिरीक्षक करमुल्ला

  • उपनिरीक्षक अनिल कुमार सिंह

  • मुख्य आरक्षी अयूब अली खां

  • लीडिंग फायरमैन लल्लन राम

शामिल रहे। इन सभी ने अपने लंबे सेवा काल में विभिन्न जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन करते हुए पुलिस विभाग की गरिमा और जनता के विश्वास को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

अधिकारियों और कर्मचारियों ने दी शुभकामनाएं

कार्यक्रम में प्रतिसार निरीक्षक सहित पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने सेवानिवृत्त साथियों के दीर्घकालीन योगदान की मुक्तकंठ से सराहना की और उनके स्वस्थ, सुखमय, सम्मानपूर्ण एवं समृद्ध जीवन की कामना की। उपस्थित अधिकारियों ने कहा कि विभाग को ऐसे समर्पित पुलिसकर्मियों पर सदैव गर्व रहेगा।

सम्मान की परंपरा से बढ़ता है मनोबल

पुलिस विभाग में आयोजित ऐसे सेवा सम्मान समारोह केवल औपचारिक विदाई नहीं होते, बल्कि उन कर्मयोगियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर होते हैं, जिन्होंने अपने जीवन के बहुमूल्य वर्ष समाज की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को समर्पित किए। यह परंपरा न केवल सेवानिवृत्त कर्मियों के सम्मान को नई ऊंचाई देती है, बल्कि वर्तमान पुलिसकर्मियों का मनोबल भी बढ़ाती है और उन्हें ईमानदारी, अनुशासन तथा समर्पण के साथ सेवा करने की प्रेरणा देती है।

वर्दी भले ही सेवा के अंतिम दिन उतार दी जाती है, लेकिन कर्तव्य, अनुशासन और राष्ट्रसेवा की पहचान जीवनभर साथ रहती है। आजमगढ़ पुलिस लाइन में आयोजित यह सेवा सम्मान समारोह इसी गौरवशाली परंपरा का जीवंत उदाहरण बनकर सभी के हृदय में सम्मान और प्रेरणा की अमिट छाप छोड़ गया।