देवास के विकास को मिलेगी नई रफ्तार: केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने तैयार किया विकास का रोडमैप, कृषि, सिंचाई, रोजगार और महिला सशक्तिकरण पर बड़े फैसले
- दिशा समिति की समीक्षा बैठक में कई अहम घोषणाएं, 72 हजार ‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य, तीन माह में सभी पात्र लोगों के बनेंगे आयुष्मान कार्ड
देवास (मध्य प्रदेश), 01 अगस्त 2026। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को अपने संसदीय क्षेत्र विदिशा के अंतर्गत देवास में आयोजित दिशा (DISHA) समिति की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में जिले के समग्र विकास के लिए कई बड़े निर्णय लिए। बैठक में कृषि, ग्रामीण विकास, सिंचाई, पेयजल, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, सड़क, विद्युत, रोजगार और कौशल विकास जैसे अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देवास की पावन धरती से उनका आत्मीय जुड़ाव है और यहां के विकास को नई गति देने के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार समन्वित रूप से कार्य कर रही हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कृषि, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और जनकल्याण योजनाओं को नई दिशा देकर जिले को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जाएगा।

देवास के लिए तैयार हुआ वैज्ञानिक कृषि रोडमैप
बैठक का सबसे महत्वपूर्ण विषय जिले के लिए तैयार किया गया वैज्ञानिक कृषि विकास रोडमैप रहा। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) और भारत सरकार के कृषि विभाग के सहयोग से जिले की मिट्टी, जलवायु, जल उपलब्धता तथा स्थानीय परिस्थितियों का व्यापक अध्ययन कर यह रोडमैप तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि इसके आधार पर—
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बेहतर एवं उन्नत बीजों का उपयोग बढ़ाया जाएगा।
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स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप नई फसलों को बढ़ावा मिलेगा।
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बागवानी क्लस्टर विकसित किए जाएंगे।
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किसान उत्पादक संगठनों (FPO) के माध्यम से कृषि प्रसंस्करण (प्रोसेसिंग) इकाइयों को प्रोत्साहन दिया जाएगा।
इस पहल से किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण परिणाम मिलने की उम्मीद है।
महिला सशक्तिकरण की नई उड़ान: 72 हजार 'लखपति दीदी' बनाने का लक्ष्य
ग्रामीण विकास विभाग के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए भी महत्वाकांक्षी योजना तैयार की गई है। शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि वर्तमान में देवास जिले में लगभग 35 हजार लखपति दीदी हैं। अब 37 हजार नई महिलाओं को स्वरोजगार एवं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त बनाकर जिले में कुल 72 हजार लखपति दीदी तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
इसके लिए—
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स्वयं सहायता समूहों का विस्तार होगा।
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महिलाओं को आधुनिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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बैंक लिंकेज मजबूत किया जाएगा।
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आसान ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
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व्यक्तिगत उद्यम स्थापित करने के लिए भी वित्तीय सहायता दी जाएगी।
गांव तय करेंगे अपना विकास एजेंडा
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि विकसित भारत जी-राम जी योजना के अंतर्गत गांवों को मिलने वाली राशि का उपयोग स्थानीय जरूरतों के अनुसार किया जाएगा। गांव की जनता स्वयं तय करेगी कि प्राथमिकता के आधार पर कौन-कौन से विकास कार्य कराए जाएं। उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में भागीदारी आधारित विकास को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप आधारभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार होगा।
सिंचाई और पेयजल परियोजनाओं को मिलेगी गति
बैठक में छीपानेर लिफ्ट सिंचाई परियोजना, मां रेवा लिफ्ट सिंचाई योजना तथा अन्य सिंचाई परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि एक महत्वपूर्ण परियोजना को वन विभाग से आवश्यक स्वीकृति मिल चुकी है और जल्द ही उसका कार्य प्रारंभ होगा, जिससे जिले के अनेक गांवों तक सिंचाई का पानी पहुंच सकेगा। वहीं खातेगांव क्षेत्र की पेयजल परियोजनाओं की धीमी प्रगति पर चिंता व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए गए हैं। जल निगम को भी परियोजनाओं की गुणवत्ता एवं प्रगति की विशेष समीक्षा करने को कहा गया है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में तीन बड़े संकल्प
बैठक के दौरान देवास जिले के स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए तीन महत्वपूर्ण लक्ष्य निर्धारित किए गए—
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देवास को टीबी मुक्त जिला बनाना।
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तीन माह के भीतर सभी पात्र नागरिकों, विशेषकर 70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के आयुष्मान कार्ड बनाना।
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कुपोषण मुक्त देवास अभियान को तेज गति से लागू करना।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि टीबी मरीजों को पोषण सहायता एवं बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जाएगा, जबकि कोई भी पात्र नागरिक आयुष्मान भारत योजना के लाभ से वंचित न रहे, इसके लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।
युवाओं को मिलेगा कौशल प्रशिक्षण और रोजगार
बैठक में युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया गया। शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि आरसेटी (RSETI) योजना के माध्यम से युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद बैंक ऋण उपलब्ध कराकर उन्हें स्वरोजगार से जोड़ा जाएगा। इसके अलावा स्थानीय उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने के लिए विशेष प्रशिक्षण अभियान भी संचालित किए जाएंगे, जिससे युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।
समग्र विकास की दिशा में निर्णायक पहल
बैठक में ग्रामीण आधारभूत ढांचे, कृषि विकास, महिला सशक्तिकरण, सिंचाई, स्वास्थ्य, पेयजल, रोजगार और जनकल्याण योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी परियोजनाओं को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पूरा किया जाए ताकि विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके।
बैठक के समापन पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देवास को कृषि, ग्रामीण विकास, रोजगार, आधारभूत संरचना और जनकल्याण के क्षेत्र में प्रदेश के अग्रणी जिलों में शामिल करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और जनता के सामूहिक प्रयासों से देवास विकास का एक नया मॉडल बनकर उभरेगा।







