16 वर्ष से अधिक आयु की दिव्यांग छात्राओं के लिए सुनहरा अवसर: सरकार देगी ₹65 हजार तक की ई-ट्राईसाइकिल, तुरंत करें ऑनलाइन आवेदन

16 वर्ष से अधिक आयु की दिव्यांग छात्राओं के लिए सुनहरा अवसर: सरकार देगी ₹65 हजार तक की ई-ट्राईसाइकिल, तुरंत करें ऑनलाइन आवेदन
  • स्कूल, कॉलेज, लाइब्रेरी और हॉस्टल तक आसान आवागमन होगा संभव, पात्र छात्राओं से जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी ने की आवेदन की अपील


आजमगढ़, 15 जुलाई।
दिव्यांग छात्राओं की शिक्षा को अधिक सुलभ, सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में उत्तर प्रदेश सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के अंतर्गत दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग द्वारा ई-ट्राईसाइकिल योजना संचालित की जा रही है। इस योजना के तहत 16 वर्ष या उससे अधिक आयु की अध्ययनरत दिव्यांग छात्राओं को ₹65,000 तक की लागत वाली ई-ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि वे विद्यालय, महाविद्यालय, प्रशिक्षण संस्थान, लाइब्रेरी, लैब एवं हॉस्टल तक आसानी से पहुंच सकें और उनकी शिक्षा किसी भी प्रकार की शारीरिक बाधा से प्रभावित न हो। जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी शांत प्रकाश श्रीवास्तव ने जनपद आजमगढ़ की सभी पात्र दिव्यांग छात्राओं से समय रहते ऑनलाइन आवेदन करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह योजना केवल एक वाहन उपलब्ध कराने की पहल नहीं, बल्कि दिव्यांग छात्राओं को आत्मनिर्भर, सशक्त और सम्मानजनक जीवन की ओर अग्रसर करने का एक प्रभावी प्रयास है।

किन छात्राओं को मिलेगा योजना का लाभ?

योजना का लाभ उन छात्राओं को मिलेगा जो 16 वर्ष या उससे अधिक आयु की हों तथा किसी मान्यता प्राप्त स्कूल, कॉलेज या प्रशिक्षण संस्थान में अध्ययनरत हों। इसके अलावा छात्रा मस्क्यूलर डिस्ट्रॉफी, स्ट्रोक, सेरेब्रल पाल्सी, हीमोफीलिया अथवा अन्य गंभीर शारीरिक दिव्यांगता से ग्रसित हो तथा उसकी दृष्टि एवं मानसिक स्थिति सामान्य हो। साथ ही कमर का ऊपरी भाग स्वस्थ होना चाहिए ताकि वह ई-ट्राईसाइकिल का सुरक्षित संचालन कर सके। छात्रा के पास मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा प्रमाणित दिव्यांग प्रमाण-पत्र या यूडीआईडी (UDID) कार्ड होना अनिवार्य है।

इन शर्तों का भी रखना होगा ध्यान

योजना का लाभ केवल उन्हीं छात्राओं को मिलेगा जिनका परिवार आयकरदाता न हो। वहीं गरीबी रेखा से नीचे (BPL) जीवन-यापन करने वाले परिवारों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा पिछले पांच वर्षों में किसी भी सरकारी अथवा अन्य स्रोत से ई-ट्राईसाइकिल प्राप्त करने वाली छात्राएं इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगी।

ऑनलाइन आवेदन के लिए क्या जरूरी है?

ई-ट्राईसाइकिल प्राप्त करने के लिए संबंधित विद्यालय, महावि लय या प्रशिक्षण संस्थान से अध्ययनरत होने का प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी।इच्छुक छात्राएं अधिक जानकारी अथवा आवेदन संबंधी सहायता के लिए जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी कार्यालय, विकास भवन, आजमगढ़ में संपर्क कर सकती हैं।

शिक्षा के साथ आत्मनिर्भरता की ओर बड़ा कदम

यह योजना उन दिव्यांग छात्राओं के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, जिन्हें प्रतिदिन विद्यालय या महाविद्यालय आने-जाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ई-ट्राईसाइकिल मिलने से न केवल उनकी शिक्षा बाधारहित होगी, बल्कि वे आत्मविश्वास के साथ अपने सपनों को नई उड़ान भी दे सकेंगी।

यदि आपके परिवार, रिश्तेदारी या आसपास कोई पात्र दिव्यांग छात्रा है, तो इस महत्वपूर्ण योजना की जानकारी अवश्य साझा करें, ताकि कोई भी जरूरतमंद छात्रा इस सरकारी सुविधा से वंचित न रह जाए।