पूर्व सैनिकों के सम्मान में प्रशासन की बड़ी पहल: सैनिक बन्धु बैठक में समस्याओं के त्वरित समाधान का भरोसा, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

पूर्व सैनिकों के सम्मान में प्रशासन की बड़ी पहल: सैनिक बन्धु बैठक में समस्याओं के त्वरित समाधान का भरोसा, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
  • राजस्व, पेंशन, भूमि सहित विभिन्न विभागों से जुड़े मामलों पर गंभीर मंथन, मुख्य राजस्व अधिकारी बोले— 'देश की सेवा करने वाले वीरों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी'

आजमगढ़, 15 जुलाई।
देश की सीमाओं पर अपने साहस, समर्पण और बलिदान से राष्ट्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने वाले पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के सम्मान एवं कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में सैनिक बन्धु की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। मुख्य राजस्व अधिकारी संजीव ओझा की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में पूर्व सैनिकों एवं उनके आश्रितों की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया तथा उनके त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए।

बैठक का उद्देश्य केवल शिकायतें सुनना नहीं, बल्कि उन वीर सैनिकों के प्रति प्रशासन की संवेदनशीलता और जिम्मेदारी को सशक्त रूप से प्रदर्शित करना भी था, जिन्होंने अपने जीवन का अमूल्य समय राष्ट्र की रक्षा में समर्पित किया है।

बैठक के दौरान पूर्व सैनिकों एवं उनके परिजनों ने राजस्व, पेंशन, भूमि विवाद तथा अन्य विभागों से जुड़े कुल 05 महत्वपूर्ण प्रकरण मुख्य राजस्व अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किए। प्रत्येक मामले को गंभीरता से सुनने के बाद मुख्य राजस्व अधिकारी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी शिकायतों का नियमानुसार परीक्षण करते हुए उनका समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

मुख्य राजस्व अधिकारी संजीव ओझा ने कहा कि पूर्व सैनिक राष्ट्र की अमूल्य धरोहर हैं। उन्होंने देश की सुरक्षा के लिए अपने जीवन का महत्वपूर्ण समय समर्पित किया है, इसलिए उनके सम्मान, अधिकारों और कल्याण की रक्षा करना शासन एवं प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि पूर्व सैनिकों एवं उनके आश्रितों से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए तथा किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे आपसी समन्वय स्थापित करते हुए लंबित मामलों का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करें, ताकि पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को सरकारी प्रक्रियाओं के कारण किसी प्रकार की अनावश्यक कठिनाई का सामना न करना पड़े।

बैठक में यह भी दोहराया गया कि शासन पूर्व सैनिकों के सम्मान, सुरक्षा और सामाजिक अधिकारों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है तथा उनकी समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन हरसंभव प्रयास करता रहेगा।

इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक (यातायात) पंकज कुमार श्रीवास्तव, जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी विंग कमांडर कुमार राजीव रंजन (अवकाशप्राप्त) सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

जनहित संदेश:

जो सैनिक वर्षों तक देश की सीमाओं की रक्षा करते हैं, उनके सम्मान और अधिकारों की रक्षा करना समाज और प्रशासन दोनों का कर्तव्य है। सैनिक बन्धु जैसी बैठकें न केवल समस्याओं के समाधान का माध्यम हैं, बल्कि देश के वीर जवानों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता की सशक्त अभिव्यक्ति भी हैं।