उपराष्ट्रपति का बड़ा संदेश: हर राज्य में खुलें 3 से 5 सैनिक स्कूल, एनसीसी को और मजबूत बनाने के लिए राज्यों की बढ़े भागीदारी

उपराष्ट्रपति का बड़ा संदेश: हर राज्य में खुलें 3 से 5 सैनिक स्कूल, एनसीसी को और मजबूत बनाने के लिए राज्यों की बढ़े भागीदारी
  • उपराष्ट्रपति को रक्षा मंत्रालय ने एनसीसी और सैनिक स्कूलों की प्रगति की जानकारी दी।

  • देश में एनसीसी के लगभग 20 लाख कैडेट राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

  • 'एक भारत श्रेष्ठ भारत', 'नशा मुक्त भारत' और 'स्वच्छ भारत अभियान' में एनसीसी की भूमिका की सराहना।

  • एनसीसी को मजबूत बनाने के लिए राज्यों से अधिक सहयोग और बेहतर समन्वय की अपील।

  • प्रत्येक राज्य में 3 से 5 नए सैनिक स्कूल खोलने का सुझाव।

  • मौजूदा सैनिक स्कूलों की प्रवेश क्षमता बढ़ाने पर भी जोर।

  • एनसीसी पूर्व छात्र संघ की स्थापना का स्वागत, युवाओं के लिए इसे प्रेरणादायक पहल बताया।


नई दिल्ली।
देश के युवाओं में अनुशासन, राष्ट्रभक्ति और नेतृत्व क्षमता विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन ने राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) को और अधिक सशक्त बनाने तथा देशभर में सैनिक स्कूलों के विस्तार पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि एनसीसी केवल एक संगठन नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की मजबूत आधारशिला है, जिसे और प्रभावी बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों को मिलकर कार्य करना होगा।

उपराष्ट्रपति भवन में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान रक्षा राज्य मंत्री श्री संजय सेठ तथा रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने उपराष्ट्रपति को राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) और सैनिक स्कूलों की वर्तमान स्थिति, उपलब्धियों तथा भविष्य की योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर एनसीसी के विस्तार, प्रशिक्षण व्यवस्था, राष्ट्र निर्माण में उसकी भूमिका तथा सैनिक स्कूलों के सुदृढ़ीकरण के रोडमैप पर विस्तार से चर्चा हुई।

20 लाख से अधिक युवाओं की ताकत बना एनसीसी

प्रस्तुति के दौरान बताया गया कि आज एनसीसी देश का लगभग 20 लाख कैडेटों वाला सबसे बड़ा युवा संगठन बन चुका है। यह संगठन युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व, सामाजिक उत्तरदायित्व, राष्ट्रीय एकता और देशभक्ति की भावना विकसित करने का कार्य कर रहा है। उपराष्ट्रपति ने एनसीसी के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि यह संगठन देश के युवाओं को केवल सैन्य प्रशिक्षण ही नहीं देता, बल्कि उन्हें एक जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा भी देता है।

'एक भारत श्रेष्ठ भारत' शिविरों की जमकर सराहना

श्री सी.पी. राधाकृष्णन ने 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' शिविरों को राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक समरसता का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे शिविर देश के विभिन्न राज्यों के युवाओं को एक-दूसरे की संस्कृति, भाषा और परंपराओं को समझने का अवसर प्रदान करते हैं, जिससे राष्ट्रीय एकता और भाईचारे की भावना और अधिक मजबूत होती है।

नशा मुक्त भारत और स्वच्छ भारत अभियान में एनसीसी की भूमिका सराहनीय

उपराष्ट्रपति ने 'नशा मुक्त भारत अभियान', 'स्वच्छ भारत अभियान' सहित विभिन्न सामाजिक जागरूकता अभियानों में एनसीसी कैडेटों की सक्रिय भागीदारी की भी खुलकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि समाज सेवा के इन कार्यों ने एनसीसी की पहचान को और अधिक मजबूत बनाया है। साथ ही उन्होंने एनसीसी पूर्व छात्र संघ (NCC Alumni Association) की स्थापना का स्वागत करते हुए कहा कि इससे पूर्व कैडेटों का अनुभव और मार्गदर्शन नई पीढ़ी के लिए बेहद उपयोगी सिद्ध होगा।

एनसीसी को मजबूत बनाने के लिए राज्यों की भागीदारी जरूरी

उपराष्ट्रपति ने स्पष्ट कहा कि एनसीसी को सशक्त बनाना केवल केंद्र सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि यह पूरे देश की साझा राष्ट्रीय जिम्मेदारी है। उन्होंने राज्यों से अपील की कि वे एनसीसी के विस्तार के लिए भूमि उपलब्ध कराने, प्रशिक्षण केंद्र विकसित करने और आवश्यक बुनियादी ढांचे के निर्माण में सक्रिय सहयोग दें। साथ ही उन्होंने रक्षा मंत्रालय को आश्वस्त किया कि राज्यों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने में वह हरसंभव सहयोग प्रदान करेंगे।

हर राज्य में खुलें 3 से 5 सैनिक स्कूल

बैठक के दौरान सैनिक स्कूलों के संचालन, विस्तार और सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के माध्यम से नए सैनिक स्कूल स्थापित करने की योजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई। उपराष्ट्रपति ने देशभर में सैनिक स्कूलों की बढ़ती मांग को देखते हुए एक महत्वपूर्ण सुझाव दिया कि प्रत्येक राज्य का लक्ष्य कम से कम 3 से 5 नए सैनिक स्कूल स्थापित करने का होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे अधिक से अधिक विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुशासन और सैन्य करियर की तैयारी का अवसर मिलेगा।

मौजूदा सैनिक स्कूलों में बढ़ाई जाए प्रवेश क्षमता

उपराष्ट्रपति ने यह भी सुझाव दिया कि वर्तमान सैनिक स्कूलों में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए उनकी प्रवेश क्षमता बढ़ाने की संभावनाओं पर गंभीरता से विचार किया जाए, ताकि अधिक संख्या में छात्र इन संस्थानों का लाभ उठा सकें।

युवाओं के भविष्य को नई दिशा देने की पहल

बैठक में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि मजबूत एनसीसी और विस्तारित सैनिक स्कूल नेटवर्क न केवल युवाओं को अनुशासित एवं सक्षम नागरिक बनाएंगे, बल्कि देश की सुरक्षा, सामाजिक नेतृत्व और राष्ट्र निर्माण में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका सुनिश्चित करेंगे।


उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन का यह संदेश स्पष्ट करता है कि यदि देश के युवाओं को अनुशासन, नेतृत्व और राष्ट्रसेवा की भावना से जोड़ना है, तो एनसीसी और सैनिक स्कूलों का दायरा व्यापक बनाना होगा। राज्यों की सक्रिय भागीदारी, आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं और सैनिक शिक्षा का विस्तार भारत के भविष्य को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।