भगवान बिरसा मुंडा जी की 150वीं जयंती पर गृहमंत्री अमित शाह ने अर्पित की श्रद्धांजलि

भगवान बिरसा मुंडा जी की 150वीं जयंती पर गृहमंत्री अमित शाह ने अर्पित की श्रद्धांजलि
  • आर.वी.न्यूज़ संवाददाता, मनोज कुमार

‘धरती आबा’ के पराक्रम को समर्पित जनजातीय गौरव दिवस पर देशभर में उमड़ा सम्मान

नई दिल्ली, 15 नवम्बर 2025।
जनजातीय अस्मिता, भारतीय स्वाभिमान और स्वतंत्रता संग्राम के अदम्य प्रतीक भगवान बिरसा मुंडा जी की 150वीं जयंती के अवसर पर आज पूरा देश उत्साह और गौरव से सराबोर दिखाई दिया। इसी कड़ी में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने भी ‘धरती आबा’ को गहन श्रद्धांजलि अर्पित की।

श्री शाह ने ‘X’ पर अपने भावपूर्ण संदेश में लिखा कि—

“भगवान बिरसा मुंडा जी केवल जनजातीय समाज ही नहीं, बल्कि पूरे देश के गौरव हैं। आज भारत उनकी 150वीं जयंती और ‘जनजातीय गौरव दिवस’ हर्षोल्लास से मना रहा है। मैं उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित कर स्वतंत्रता आंदोलन और मातृभूमि की रक्षा के प्रति उनके अटूट संकल्प को नमन करता हूँ।”

जनजातीय गौरव का एक नया अध्याय—प्रधानमंत्री मोदी का संकल्प

गृहमंत्री अमित शाह ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा बिरसा मुंडा जयंती को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के रूप में मनाने की पहल को जनजातीय समाज के सम्मान और राष्ट्रीय गर्व का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा— “धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा जी भारतीय स्वाभिमान के अमर योद्धा हैं। उन्होंने आदिवासी समाज को अपनी संस्कृति और अधिकारों की रक्षा के लिए प्रेरित किया तथा अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ ‘उलगुलान आंदोलन’ के लिए एकजुट किया। उनका जीवन प्रत्येक राष्ट्रप्रेमी के लिए प्रेरणा का अक्षय स्रोत है।”

धरती आबा—प्रतिरोध का प्रतीक, प्रेरणा का प्रवाह

बिरसा मुंडा जी ने महज 25 वर्ष की आयु में वह इतिहास लिखा जिसे आज भी भारत गर्व से याद करता है। उनका ‘उलगुलान’ सिर्फ विद्रोह नहीं था, बल्कि सांस्कृतिक स्वाभिमान, भूमि अधिकार और आत्मसम्मान के लिए उठी वह आवाज थी जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया।

150वीं जयंती पर राष्ट्र का नमन

आज उनके आदर्शों की रोशनी जनजातीय समाज के साथ-साथ पूरे भारत को प्रेरित कर रही है। ऐसे महान स्वतंत्रता सेनानी को नमन करते हुए देश ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि— धरती आबा अमर हैं, उनका संघर्ष अमर है, और भारत उनके सपनों को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है।