सम्मै माता मंदिर परिसर में पेड़ से लटका मिला युवक का शव, रहस्य में घिरी मौत से इलाके में सनसनी
- भाइयों से विवाद के अगले ही दिन हुई घटना, आत्महत्या या कुछ और? पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी सबकी निगाहें
नरसिंह यादव, क्राइम रिपोर्टर | गोरखपुर
गोरखपुर। जनपद के गोला थाना क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध सम्मै माता मंदिर परिसर सोमवार सुबह उस समय चर्चा और रहस्य का केंद्र बन गया, जब मंदिर परिसर में एक नीम के पेड़ से एक अधेड़ युवक का शव लटकता हुआ मिला। सुबह-सुबह पूजा-अर्चना और जल चढ़ाने पहुंचे ग्रामीणों की नजर जैसे ही पेड़ पर लटके शव पर पड़ी, पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। देखते ही देखते मंदिर परिसर में ग्रामीणों की भीड़ जुट गई और घटना की सूचना तत्काल ग्राम प्रधान तथा गोला पुलिस को दी गई।

सूचना मिलते ही गोला पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पहचान की प्रक्रिया शुरू की। काफी प्रयासों के बाद मृतक की पहचान ग्राम कोटिया नायक निवासी जवाहर यादव (37 वर्ष), पुत्र राम दुलारे यादव के रूप में हुई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।
मंदिर को ही बना लिया था अपना ठिकाना
ग्रामीणों के अनुसार जवाहर यादव लंबे समय से अपने परिवार से अलग-थलग रह रहा था। वह गांव के पूर्व दिशा में स्थित सम्मै माता मंदिर परिसर में पुजारी के लिए बने कमरे में रहता था और अधिकतर समय पूजा-पाठ एवं धार्मिक गतिविधियों में व्यतीत करता था। क्षेत्र के लोग उसे "त्यागी बाबा" के नाम से भी जानते थे। बताया जाता है कि जवाहर तंत्र-मंत्र और साधना में विशेष रुचि रखता था। यही कारण था कि उससे मिलने-जुलने के लिए दूर-दराज से भी लोग मंदिर पहुंचते थे। ग्रामीणों के अनुसार वह समय-समय पर मुंबई भी जाता था। हालांकि गांव के लोगों का कहना है कि उसे नशे की भी लत थी, जिसके कारण उसका पारिवारिक जीवन प्रभावित हो गया था और वह परिवार से दूर रहने लगा था।
परिवार में था सबसे छोटा, पीछे छोड़ गया भरा-पूरा परिवार
मृतक तीन भाइयों में सबसे छोटा था। उसके बड़े भाई अशोक यादव और मझले भाई दिलीप यादव हैं। जवाहर शादीशुदा था और अपने पीछे पत्नी, दो पुत्र तथा एक पुत्री को छोड़ गया है। इनमें उसका एक पुत्र दिव्यांग बताया जा रहा है। जवाहर की असामयिक मृत्यु ने उसके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। गांव में भी घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं और अटकलें लगाई जा रही हैं।

एक दिन पहले हुआ था भाइयों में विवाद
घटना को और भी रहस्यमय बनाने वाला पहलू यह है कि मौत से ठीक एक दिन पहले रविवार को तीनों भाइयों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। ग्राम प्रधान सुरेश पाल के अनुसार विवाद की सूचना मिलने पर गोला पुलिस ने तीनों भाइयों का शांति भंग की आशंका में चालान कर दिया था। बाद में न्यायालय से जमानत मिलने के पश्चात सभी घर लौट आए। लेकिन ग्रामीणों के अनुसार जवाहर घर जाने के बजाय सीधे मंदिर परिसर स्थित अपने कमरे में चला गया था। इसके बाद सोमवार सुबह उसका शव मंदिर परिसर में नीम के पेड़ से लटकता मिला। इस घटनाक्रम ने पूरे मामले को रहस्य के घेरे में ला खड़ा किया है।
सुबह हैंडपंप पर पहुंचे ग्रामीणों ने देखा भयावह दृश्य
सोमवार सुबह जब कुछ ग्रामीण मंदिर परिसर स्थित हैंडपंप पर पानी लेने पहुंचे तो उनकी नजर नीम के पेड़ पर पड़ी। वहां एक व्यक्ति का शव फंदे से झूल रहा था। यह दृश्य देखते ही लोगों के होश उड़ गए। सूचना मिलते ही गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कुछ ही देर में सैकड़ों ग्रामीण घटनास्थल पर एकत्र हो गए। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करते हुए शव को नीचे उतरवाया और जांच प्रक्रिया शुरू की।
परिवार की अनुपस्थिति ने भी खड़े किए कई सवाल
घटना का एक और पहलू लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा। ग्रामीणों के अनुसार शव मिलने की सूचना के काफी देर बाद तक मृतक के परिवार का कोई सदस्य मौके पर नहीं पहुंचा। बाद में ग्राम प्रधान और पुलिस द्वारा सूचना दिए जाने के बाद मृतक का बड़ा भाई अशोक यादव घटनास्थल पर पहुंचा। इस स्थिति ने भी ग्रामीणों के बीच कई तरह के सवाल खड़े कर दिए हैं, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज
फिलहाल पुलिस प्रथम दृष्टया मामले को आत्महत्या मानकर जांच कर रही है, लेकिन परिस्थितियां कई सवाल भी छोड़ रही हैं। आखिर रविवार के विवाद और सोमवार सुबह हुई मौत के बीच क्या हुआ? क्या यह वास्तव में आत्महत्या है या इसके पीछे कोई और कारण छिपा है? इन सभी सवालों के जवाब अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही सामने आ सकेंगे। गोला थाना प्रभारी सी.पी. पाण्डेय ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की बारीकी से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों के बारे में स्पष्ट रूप से कुछ कहा जा सकेगा।
सम्मै माता मंदिर परिसर में हुई यह रहस्यमयी मौत पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। एक ओर परिवार और गांव शोक में डूबा है, वहीं दूसरी ओर घटना से जुड़े कई अनसुलझे प्रश्न लोगों के मन में कौतूहल पैदा कर रहे हैं। अब सबकी निगाहें पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो इस रहस्यमयी मौत के पीछे छिपे सच से पर्दा उठा सकती है।







