वर्दी में इंसानियत की मिसाल: जरूरतमंदों के मसीहा बने प्रहरी धीरेंद्र प्रताप सिंह, सेवा भाव जीत रहा हर दिल

वर्दी में इंसानियत की मिसाल: जरूरतमंदों के मसीहा बने प्रहरी धीरेंद्र प्रताप सिंह, सेवा भाव जीत रहा हर दिल
  • भूखों को भोजन, बेसहारों को सहारा और घायल लाला बाबा को पहुंचाया अस्पताल; सिद्धार्थनगर के पुलिसकर्मी की मानवता बनी समाज के लिए प्रेरणा

आर.वी.9 न्यूज़ | संवाददाता, फ़िरोज अहमद, सिद्धार्थनगर,.प्र.

सिद्धार्थनगर। पुलिस की वर्दी अक्सर कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था की पहचान मानी जाती है, लेकिन सिद्धार्थनगर जनपद के ढेबरुआ थाना क्षेत्र की बढ़नी पुलिस चौकी में तैनात प्रहरी धीरेंद्र प्रताप सिंह ने यह साबित कर दिया है कि वर्दी केवल अधिकार का प्रतीक नहीं, बल्कि संवेदनशीलता, सेवा और मानवता का भी सबसे बड़ा परिचय हो सकती है। उनका मानवीय व्यवहार और निस्वार्थ सेवा आज पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।

ऐसे दौर में जब भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अपने ही अपनों से दूर होते जा रहे हैं, वहीं धीरेंद्र प्रताप सिंह हर दिन जरूरतमंदों के जीवन में उम्मीद की नई किरण बनकर सामने आते हैं। उनके लिए पुलिस की नौकरी केवल ड्यूटी निभाने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के कमजोर, बेसहारा और जरूरतमंद लोगों की सेवा करना भी उनके जीवन का महत्वपूर्ण उद्देश्य बन चुका है।

ड्यूटी के दौरान वे नियमित रूप से रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर रहने वाले गरीब, असहाय, वृद्ध, दिव्यांग और मंदबुद्धि लोगों का हालचाल लेते हैं। कोई भूखा मिलता है तो उसे भोजन उपलब्ध कराते हैं, किसी को दवा की जरूरत होती है तो उसके उपचार का इंतजाम करते हैं। इतना ही नहीं, भीषण गर्मी के दिनों में प्यास से बेहाल पशु-पक्षियों के लिए पानी और चारा उपलब्ध कराना भी उनकी दिनचर्या का हिस्सा बन चुका है।

उनकी यह सेवा भावना किसी प्रचार का माध्यम नहीं, बल्कि उनकी मानवीय सोच का प्रतिबिंब है। सोशल मीडिया पर उनके सेवा कार्यों के वीडियो और तस्वीरें लगातार वायरल हो रही हैं, जिन्हें देखकर लोग उनकी खुले दिल से सराहना कर रहे हैं। क्षेत्र के लोग उन्हें "वर्दी वाला फरिश्ता" और "मानवता का प्रहरी" कहकर सम्मानित कर रहे हैं।

हाल ही में उनकी संवेदनशीलता का एक और उदाहरण उस समय देखने को मिला, जब बढ़नी की प्रसिद्ध लाला बाबा सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल होकर कई दिनों तक दर्द से तड़पती रहीं। जिन लोगों को उन्होंने वर्षों तक आशीर्वाद दिया, उनमें से अधिकांश कठिन समय में उनके साथ नजर नहीं आए। ऐसी स्थिति में धीरेंद्र प्रताप सिंह ने बिना किसी औपचारिकता की परवाह किए तत्काल एंबुलेंस की व्यवस्था कर उन्हें अस्पताल पहुंचाया और इलाज शुरू कराया। उनकी इस मानवीय पहल से प्रेरित होकर समाज के अन्य लोग भी मदद के लिए आगे आए और अब लाला बाबा का उपचार निरंतर जारी है।

क्षेत्रवासियों का कहना है कि धीरेंद्र प्रताप सिंह ने अपने कार्यों से पुलिस की सकारात्मक और संवेदनशील छवि को नई पहचान दी है। उन्होंने यह साबित किया है कि पुलिस केवल अपराधियों पर कार्रवाई करने वाली संस्था नहीं, बल्कि संकट की घड़ी में समाज की सबसे भरोसेमंद साथी भी है। उनका सेवा भाव यह संदेश देता है कि वर्दी की असली गरिमा केवल कानून लागू करने में नहीं, बल्कि मानवता की रक्षा करने में भी निहित है।

आज जब समाज को संवेदनशील और प्रेरणादायी व्यक्तित्वों की आवश्यकता है, तब प्रहरी धीरेंद्र प्रताप सिंह अपने कार्यों से यह संदेश दे रहे हैं कि इंसानियत से बड़ा कोई धर्म नहीं और सेवा से बड़ा कोई कर्तव्य नहीं। उनकी निस्वार्थ सेवा न केवल पुलिस विभाग की गरिमा को बढ़ा रही है, बल्कि समाज में विश्वास, करुणा और मानवता की नई मिसाल भी स्थापित कर रही है। ऐसे कर्मयोगी प्रहरी वास्तव में वर्दी के साथ-साथ समाज के भी सच्चे रक्षक हैं।