जब बच्चों में होगा सही अंतराल, तभी स्वस्थ होगी मां और खुशहाल बनेगा परिवार : सीएमओ डॉ. एन. आर. वर्मा
11 से 18 जुलाई तक चलेगा विश्व जनसंख्या दिवस विशेष अभियान, सरकारी अस्पतालों में परिवार नियोजन की सभी सेवाएं रहेंगी पूरी तरह निःशुल्क; युवा दंपतियों से आगे आने की अपील
- आजमगढ़, 10 जुलाई 2026।
तेजी से बढ़ती जनसंख्या केवल देश की जनसंख्या का आंकड़ा नहीं बढ़ाती, बल्कि इसका सीधा असर परिवार की आर्थिक स्थिति, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण और समाज के समग्र विकास पर भी पड़ता है। ऐसे में यदि परिवार नियोजन को जागरूकता और जिम्मेदारी के साथ अपनाया जाए तथा बच्चों के जन्म के बीच उचित अंतराल रखा जाए, तो न केवल मां स्वस्थ रहती है बल्कि बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास भी बेहतर होता है। इसी उद्देश्य को लेकर विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर आजमगढ़ जनपद में 11 से 18 जुलाई 2026 तक विशेष जनजागरूकता एवं परिवार नियोजन अभियान चलाया जाएगा।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन. आर. वर्मा ने जनपदवासियों, विशेष रूप से नवविवाहित और युवा दंपतियों से अपील करते हुए कहा कि परिवार बढ़ाने का निर्णय सामाजिक दबाव में नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, आर्थिक क्षमता और भविष्य की योजनाओं को ध्यान में रखकर लेना चाहिए।
“सही अंतराल से स्वस्थ मां, सुरक्षित बचपन और खुशहाल परिवार”
सीएमओ ने बताया कि इस वर्ष अभियान की मुख्य थीम है—
“मां और बच्चे के बेहतर स्वास्थ्य तथा अनचाहे गर्भ से बचाव के लिए गर्भधारण का सही समय और बच्चों के जन्म के बीच उचित अंतराल।”
जबकि अभियान का संदेश है—
“जब बच्चों में हो सही अंतराल, परिवार बने स्वस्थ और खुशहाल।”
उन्होंने कहा कि दो बच्चों के जन्म के बीच उचित अंतराल रखने से मां के शरीर को पूरी तरह स्वस्थ होने का पर्याप्त समय मिलता है। साथ ही नवजात शिशु को बेहतर पोषण, पर्याप्त देखभाल और स्वस्थ वातावरण उपलब्ध होता है, जिससे उसका सर्वांगीण विकास सुनिश्चित होता है।
परिवार नियोजन केवल महिलाओं की नहीं, पुरुषों की भी समान जिम्मेदारी
सीएमओ डॉ. वर्मा ने कहा कि आज भी समाज में परिवार नियोजन को केवल महिलाओं की जिम्मेदारी मानने की सोच पूरी तरह उचित नहीं है। परिवार नियोजन एक साझा जिम्मेदारी है, जिसमें पति-पत्नी दोनों की समान भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जागरूक और जिम्मेदार दंपति ही स्वस्थ परिवार और मजबूत समाज की नींव रखते हैं। इसलिए युवा दंपतियों को चाहिए कि वे परिवार नियोजन के बारे में सही जानकारी प्राप्त करें और वैज्ञानिक सोच के साथ निर्णय लें।
सरकारी अस्पतालों में निःशुल्क मिलेंगी सभी परिवार नियोजन सेवाएं
एडिशनल मुख्य चिकित्साधिकारी एवं आरसीएच नोडल अधिकारी डॉ. उमाशरण पांडेय ने बताया कि अभियान के दौरान जनपद के प्रत्येक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, जिला अस्पताल एवं अन्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों पर प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा पूर्ण गोपनीयता के साथ परिवार नियोजन की सभी सेवाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी।
इन सेवाओं में शामिल हैं—
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प्रसव पश्चात एवं अंतराल आईयूसीडी (IUCD)
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गर्भनिरोधक गोलियां
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इंजेक्टेबल गर्भनिरोधक एमपीए (अंतरा)
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महिला नसबंदी
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पुरुष नसबंदी
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कंडोम की निःशुल्क उपलब्धता
उन्होंने बताया कि सभी उपकेंद्रों एवं आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर कंडोम बॉक्स की शत-प्रतिशत उपलब्धता सुनिश्चित कर दी गई है, ताकि लोगों को आसानी से परिवार नियोजन के साधन मिल सकें।
आशा कार्यकर्ता देंगी घर-घर सही परामर्श
स्वास्थ्य विभाग ने अभियान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए आशा कार्यकर्ताओं को भी सक्रिय किया है। वे योग्य दंपतियों को ‘बास्केट ऑफ चॉइस’ के अंतर्गत उपलब्ध विभिन्न परिवार नियोजन विकल्पों की जानकारी देंगी, ताकि प्रत्येक दंपति अपनी आवश्यकता, स्वास्थ्य और पारिवारिक परिस्थितियों के अनुसार उपयुक्त साधन का चयन कर सके। स्वास्थ्य अधिकारियों का मानना है कि सही जानकारी और उचित परामर्श से परिवार नियोजन को लेकर समाज में फैली भ्रांतियां दूर होंगी और अधिक से अधिक लोग सुरक्षित विकल्प अपनाएंगे।
कॉलेजों में भी चलेगा जागरूकता अभियान
विश्व जनसंख्या दिवस अभियान को केवल स्वास्थ्य संस्थानों तक सीमित नहीं रखा जाएगा। युवाओं में जागरूकता बढ़ाने के लिए इंटरमीडिएट एवं डिग्री कॉलेजों में वाद-विवाद प्रतियोगिताएं, संगोष्ठियां, जागरूकता रैलियां तथा विभिन्न जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को जनसंख्या संतुलन, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा जिम्मेदार अभिभावक बनने के महत्व के बारे में जागरूक किया जाएगा।
भ्रम छोड़ें, सही जानकारी अपनाएं
सीएमओ डॉ. एन. आर. वर्मा ने कहा कि परिवार नियोजन को लेकर समाज में कई प्रकार की भ्रांतियां और संकोच आज भी मौजूद हैं, जिन्हें दूर करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने जनपदवासियों से अपील की कि इस विषय पर परिवार में खुलकर चर्चा करें तथा किसी भी भ्रम की स्थिति में नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र, एएनएम या आशा कार्यकर्ता से संपर्क कर वैज्ञानिक एवं प्रमाणिक जानकारी प्राप्त करें।
विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर शुरू हो रहा यह विशेष अभियान केवल जनसंख्या नियंत्रण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि स्वस्थ मां, सुरक्षित शिशु और समृद्ध परिवार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। यदि प्रत्येक दंपति बच्चों के जन्म के बीच उचित अंतराल रखे और परिवार नियोजन के सुरक्षित एवं वैज्ञानिक साधनों को अपनाए, तो न केवल परिवार का जीवन स्तर बेहतर होगा बल्कि एक स्वस्थ, सशक्त और विकसित समाज के निर्माण की राह भी और मजबूत होगी।







