स्कूली वाहनों पर प्रशासन की सख्ती: 544 वाहनों का पंजीयन निलंबित, अब बिना फिटनेस और परमिट के चलने पर होगी कड़ी कार्रवाई

स्कूली वाहनों पर प्रशासन की सख्ती: 544 वाहनों का पंजीयन निलंबित, अब बिना फिटनेस और परमिट के चलने पर होगी कड़ी कार्रवाई

अभिभावकों से अपील—बच्चों की सुरक्षा से न करें समझौता, केवल वैध और सुरक्षा मानकों वाले वाहनों से ही भेजें स्कूल; नियम तोड़ने वाले विद्यालयों पर चलेगा सख्त अभियान


  • आजमगढ़, 10 जुलाई 2026।

"बच्चों की सुरक्षा से बड़ा कोई समझौता नहीं हो सकता।" इसी संकल्प के साथ आजमगढ़ में स्कूली वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर परिवहन विभाग ने बड़ा अभियान शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में जिले में संचालित सभी विद्यालय वाहनों की गहन जांच की जा रही है। जिन वाहनों के परमिट, फिटनेस या अन्य आवश्यक दस्तावेज अधूरे हैं अथवा जो निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन नहीं कर रहे हैं, उनके खिलाफ अब कठोर कानूनी कार्रवाई तय मानी जा रही है।

संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) ने स्पष्ट किया है कि छात्र-छात्राओं की सुरक्षित आवाजाही शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। ऐसे में किसी भी प्रकार की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

छह बार नोटिस, फिर भी नहीं सुधरे कई विद्यालय

परिवहन विभाग ने जानकारी दी कि विद्यालय प्रबंधन को नियमों के पालन के लिए लगातार जागरूक किया गया। विभाग द्वारा अब तक विभिन्न विद्यालयों को कम से कम छह बार नोटिस जारी किए गए। इतना ही नहीं, 1 अप्रैल से 31 मई तक अधिकारियों और कर्मचारियों ने विद्यालयों का भ्रमण कर वाहन संबंधी कमियों की जानकारी दी तथा सभी आवश्यक अभिलेख और सुरक्षा मानकों को पूरा करने के निर्देश भी दिए।

इसके बावजूद कई विद्यालयों ने नियमों को गंभीरता से नहीं लिया।

544 विद्यालय वाहनों का पंजीयन निलंबित

लगातार चेतावनी और नोटिस के बावजूद लगभग 544 विद्यालय वाहनों के परमिट एवं फिटनेस प्रमाणपत्र की अवधि समाप्त होने के बाद भी आवश्यक दस्तावेज पूरे नहीं कराए गए। परिणामस्वरूप परिवहन विभाग ने ऐसे सभी वाहनों का पंजीयन निलंबित कर दिया है। प्रशासन का कहना है कि बिना वैध दस्तावेजों के स्कूली वाहन चलाना बच्चों की सुरक्षा के साथ गंभीर खिलवाड़ है और इसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

विशेष जांच अभियान शुरू, नियम तोड़ने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

जनपद में अब बिना वैध प्रपत्रों अथवा निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन किए बिना संचालित विद्यालय वाहनों के खिलाफ विशेष सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। जांच के दौरान यदि कोई वाहन नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के तहत—

  • चालान,

  • वाहन निरुद्ध (सीज),

  • तथा अन्य आवश्यक विधिक कार्रवाई

की जाएगी। इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विद्यालय प्रबंधन की होगी।

अभिभावकों से विशेष अपील—बच्चों की सुरक्षा पहले

संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) ने अभिभावकों से भावनात्मक अपील करते हुए कहा कि वे अपने बच्चों को केवल उन्हीं विद्यालय वाहनों से स्कूल भेजें जिनके—

  • परमिट वैध हों,

  • फिटनेस प्रमाणपत्र अद्यतन हो,

  • बीमा एवं अन्य आवश्यक अभिलेख पूर्ण हों,

  • तथा सभी सुरक्षा मानकों का पालन किया गया हो।

उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा केवल प्रशासन या विद्यालय की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि अभिभावकों की भी समान जिम्मेदारी है। यदि किसी वाहन में सुरक्षा संबंधी कमी दिखाई दे तो उसकी जानकारी तत्काल संबंधित विद्यालय या परिवहन विभाग को दें।

विद्यालय प्रबंधन को स्पष्ट निर्देश

परिवहन विभाग ने सभी विद्यालय प्रबंधनों को सख्त निर्देश दिए हैं कि जिन वाहनों के आवश्यक अभिलेख पूर्ण नहीं हैं या जो सुरक्षा मानकों पर खरे नहीं उतरते, उनका संचालन किसी भी परिस्थिति में न किया जाए। अधिकारियों ने कहा कि नियमों की अनदेखी करने वाले विद्यालयों के खिलाफ भविष्य में और अधिक कठोर कार्रवाई की जाएगी।

बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि

विशेषज्ञों का मानना है कि स्कूल बस या वैन केवल परिवहन का साधन नहीं, बल्कि सैकड़ों परिवारों के विश्वास की जिम्मेदारी भी होती है। इसलिए प्रत्येक विद्यालय, चालक, परिचालक और अभिभावक को सुरक्षा मानकों के प्रति पूरी गंभीरता दिखानी चाहिए।

आजमगढ़ में स्कूली वाहनों को लेकर शुरू किया गया यह विशेष अभियान केवल नियमों का पालन कराने की कवायद नहीं, बल्कि नौनिहालों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का एक बड़ा प्रयास है। 544 वाहनों का पंजीयन निलंबित होना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि अब नियमों की अनदेखी करने वालों के लिए कोई राहत नहीं होगी। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि बच्चों के जीवन और सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। अब समय आ गया है कि विद्यालय प्रबंधन, वाहन संचालक और अभिभावक मिलकर सुरक्षित स्कूल परिवहन व्यवस्था को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बनाएं।