अमेठी में बड़ा खुलासा: चक मार्ग व दलित की जमीन पर दबंगों ने बनाया अवैध मकान, विरोध करने पर दलित महिला के बेटों पर फर्जी मुकदमा
राजस्व विभाग की मिलीभगत से हुई गलत पैमाइश, पीड़िता ने डीएम से लगाई न्याय की गुहार
- ब्यूरो रिपोर्ट - प्रेम कुमार शुक्ल, अमेठी, उत्तर प्रदेश
अमेठी। जनपद अमेठी में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने न केवल प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि न्याय व्यवस्था की निष्पक्षता पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। मामला थाना कोतवाली अमेठी क्षेत्र का है, जहाँ एक दलित महिला पुष्पा देवी कोरी की भूमिधरी खाता व सरकारी चक मार्ग की जमीन पर दबंगों ने जबरन कब्जा कर रातों-रात मकान बनाकर लिंटर तक डाल दिया। पीड़िता पुष्पा देवी के मुताबिक, यह सारा खेल राजस्व विभाग के भ्रष्टाचार और गलत पैमाइश के जरिए हुआ। उन्होंने बताया कि राजस्व निरीक्षक राम प्रताप सिंह ने रिश्वतखोरी के चलते विपक्षियों के पक्ष में फर्जी रिपोर्ट लगाकर जमीन की गलत नापजोख की। इसी का फायदा उठाकर दबंग रामचंद्र यादव अपने परिवार समेत सरकारी चक मार्ग और दलित खातेदार की भूमि पर कब्जा कर निर्माण कार्य करने लगे।
जब दलित महिला ने 112 नंबर पर फोन कर पुलिस को सूचना दी, तो पुलिस मौके पर पहुंची। परंतु पुलिस के लौटते ही दबंगों ने निर्माण कार्य तेज कर दिया और रातों-रात लिंटर डालकर कब्जा पक्का कर लिया। पुष्पा देवी ने बताया कि जब उन्होंने निर्माण का विरोध किया तो दबंगों ने उनके पुत्रों पर फर्जी मुकदमा दर्ज करा दिया, साथ ही उन्हें और उनके परिवार को जातिसूचक गालियाँ दीं और लात-घूंसों से मारपीट भी की। दबंगों ने खुलेआम कहा – “जहाँ जाना हो जा, जो करना हो कर, हमारा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।”
पीड़िता ने अपने और परिवार की सुरक्षा की गुहार लगाते हुए जिलाधिकारी अमेठी को लिखित शिकायत दी है। उन्होंने मांग की है कि—
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जमीन की पुनः पैमाइश कराकर सरकारी चक मार्ग, दलित खातेदार भूमि और विपक्षी भूमि को स्पष्ट रूप से अलग किया जाए,
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रात में बने अवैध मकान को ध्वस्त किया जाए,
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उनके बेटों पर लगाए गए फर्जी मुकदमों को निरस्त किया जाए,
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और विपक्षियों के खिलाफ SC/ST एक्ट और अवैध कब्जे की धाराओं में कार्रवाई की जाए।
पीड़िता ने कहा कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो उनका परिवार हर दिन भय के साये में जीने को मजबूर रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में उनके परिवार के साथ कोई अनहोनी होती है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी राजस्व विभाग के राम प्रताप सिंह और दबंग रामचंद्र यादव सपरिवार की होगी। अब निगाहें अमेठी प्रशासन पर टिकी हैं—क्या जिलाधिकारी दलित महिला को न्याय दिलाने के लिए निष्पक्ष जांच कराएंगे, या फिर सत्ता-संपर्क वाले दबंगों का प्रभाव एक बार फिर इंसाफ पर भारी पड़ेगा?






