ग्रामीण युवाओं के लिए सुनहरा मौका: अब 10 लाख रुपये तक के ऋण पर 5 साल तक मिलेगा ब्याज अनुदान, शुरू करें अपना रोजगार
मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के तहत आवेदन शुरू, ग्रामीण क्षेत्र के युवा, कारीगर और महिलाएं उठा सकेंगे लाभ; सरकार देगी बैंक ऋण पर ब्याज में बड़ी राहत
- आजमगढ़, 10 जुलाई 2026।
ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को बढ़ावा देने और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में उत्तर प्रदेश सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। उत्तर प्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इस योजना के तहत पात्र अभ्यर्थियों को अधिकतम 10 लाख रुपये तक के बैंक ऋण पर 5 वर्षों तक ब्याज अनुदान का लाभ दिया जाएगा, जिससे अपना उद्योग या व्यवसाय शुरू करना पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान हो जाएगा।
जिला ग्रामोद्योग अधिकारी दीपक मिश्रा ने बताया कि यह योजना विशेष रूप से ग्रामीण युवाओं, पारंपरिक कारीगरों और स्वरोजगार की इच्छा रखने वाले लोगों के लिए तैयार की गई है, ताकि गांवों में ही रोजगार के नए अवसर सृजित हों और पलायन पर भी रोक लग सके।
ग्रामीण युवाओं को मिलेगा आत्मनिर्भर बनने का अवसर
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे उद्योग, कुटीर उद्योग एवं स्वरोजगार आधारित इकाइयों की स्थापना को बढ़ावा देना है। योजना के माध्यम से बैंक ऋण पर ब्याज का बड़ा हिस्सा सरकार वहन करेगी, जिससे उद्यमियों पर आर्थिक बोझ काफी कम हो जाएगा। यह योजना उन युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर है जो सीमित संसाधनों के कारण अपना व्यवसाय शुरू नहीं कर पा रहे थे।
कौन कर सकता है आवेदन?
योजना के अंतर्गत आवेदन करने के लिए अभ्यर्थी को निम्नलिखित पात्रताएं पूरी करनी होंगी—
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ग्रामीण क्षेत्र का मूल निवासी होना आवश्यक।
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न्यूनतम कक्षा 8 उत्तीर्ण होना चाहिए।
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पॉलिटेक्निक या आईटीआई उत्तीर्ण अथवा पारंपरिक कारीगर/अनुभवी व्यक्ति भी पात्र।
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आयु 18 से 50 वर्ष के बीच हो।
कितना देना होगा स्वयं का अंशदान?
योजना के अनुसार—
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सामान्य वर्ग के पुरुष लाभार्थियों को परियोजना लागत का 10 प्रतिशत स्वयं जमा करना होगा।
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अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, दिव्यांगजन, भूतपूर्व सैनिक एवं महिलाओं को केवल 5 प्रतिशत अंशदान देना होगा।
इस व्यवस्था का उद्देश्य कमजोर वर्गों को स्वरोजगार के लिए अधिक प्रोत्साहन देना है।
5 वर्षों तक ब्याज में मिलेगी सरकारी सहायता
जिला ग्रामोद्योग अधिकारी ने बताया कि—
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सामान्य वर्ग के पुरुष लाभार्थियों को बैंक ऋण पर केवल 4 प्रतिशत ब्याज स्वयं देना होगा, जबकि शेष ब्याज का भुगतान राज्य सरकार करेगी।
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आरक्षित वर्ग के सभी पात्र लाभार्थियों के लिए बैंक ऋण पर देय पूरा ब्याज राज्य सरकार द्वारा 5 वर्षों तक वहन किया जाएगा।
इससे लाभार्थियों को व्यवसाय स्थापित करने और उसे सफल बनाने के लिए पर्याप्त आर्थिक राहत मिलेगी।
इन लोगों को नहीं मिलेगा योजना का लाभ
उन्होंने स्पष्ट किया कि जो व्यक्ति पहले से किसी अन्य सरकारी योजना के अंतर्गत ऋण या अनुदान प्राप्त कर चुके हैं, वे इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगे।
ऑनलाइन आवेदन के साथ हार्ड कॉपी भी करनी होगी जमा
इच्छुक अभ्यर्थी मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के आधिकारिक पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर आवश्यक दस्तावेज अपलोड कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन के बाद आवेदन पत्र की हार्ड कॉपी आवश्यक अभिलेखों सहित जिला ग्रामोद्योग कार्यालय, सिधारी, आजमगढ़ में जमा करना अनिवार्य होगा। लाभार्थियों का चयन निर्धारित स्कोर कार्ड प्रणाली के आधार पर किया जाएगा।
अधिक जानकारी के लिए यहां करें संपर्क
योजना से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए इच्छुक अभ्यर्थी निम्नलिखित मोबाइल नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं—
???? 7408410762
???? 9935753655
मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना ग्रामीण युवाओं, महिलाओं और पारंपरिक कारीगरों के लिए रोजगार से आत्मनिर्भरता तक की मजबूत पहल साबित हो सकती है। 10 लाख रुपये तक के ऋण पर 5 वर्षों तक ब्याज अनुदान जैसी सुविधा उन लोगों के लिए नई उम्मीद लेकर आई है, जो अपना उद्योग या व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं। ऐसे में पात्र अभ्यर्थियों के लिए यह योजना न केवल आर्थिक सहायता का माध्यम है, बल्कि "रोजगार मांगने वाले नहीं, रोजगार देने वाले बनने" का सुनहरा अवसर भी है।







